अमलतास के पेड़ के घरेलु नुस्खे और उपाय और इसके फायदे।

अमलतास के पेड़ के घरेलु नुस्खे और उपाय और इसके फायदे।

क्या आपने सड़को के किनारे अमलतास के पेड़ को देखा हैं? जी हाँ अमलतास के पेड़ न सिर्फ बगीचों एवं सड़को की खूबसूरती को बढ़ाता हैं, इसके फूल, पत्ते सभी फायदेमंद होते हैं। आइये जानते हैं अमलतास के पेड़, फूल और पत्तियों के क्या-क्या फायदे होते हैं। Health Benefits of Amaltas Tree, Flower In Hindi.

अमलतास का पेड़ गर्मी पड़ने पर फूलों से भर जाता हैं और आसपास के दृश्य को सुन्दर बना देता हैं। अमलतास का पेड़ प्राचीन काल से ही आयुर्वेद में विशेष महत्व रखता हैं। गर्मियों के दिनों में अमलतास का पेड़ खूब फूलता हैं और फूलो से लद जाता हैं। लेकिन अगर इसके पेड़ को थोड़ा सा भी पानी मिल जाये तो यह फूल देना बंद कर देता हैं। यही कारण हैं की भयंकर गर्मी पड़ने पर अमलतास के पेड़ पर ज्यादा फूल खिलते हैं।

सूखी और बंजर जमीन पर भयंकर गर्मी पड़ने के बाद भी यह पेड़ दुसरे पेड़-पौधों के मुकाबले और भी ज्यादा तेज़ी के साथ फलता फूलता हैं। इस पेड़ की खासियत यह हैं की इसको देखने मात्र से मन प्रसन्न हो जाता हैं। इस पेड़ को आर्युवेद की दृष्टि में विशेष महत्व हैं। इसके फूलों के अलावा इसके बीजो का इस्तेमाल भी, न सिर्फ मानव बल्कि दूध देने वाले जानवरों की कई सारी बिमारियों को दूर करने के लिए किया जाता हैं।

भयंकर गर्मी जीव-जन्तु एवं पेड़-पौधों के लिए नुकसानदायक होती हैं। जबकि अमलतास के पेड़ के लिए भयंकर गर्मी किसी वरदान से कम नहीं होती हैं। अमलतास का पेड़ सूखी जमीन में कड़कती गर्मी में फूल देता हैं। अमलतास के पेड़ का हर हिस्सा जैसे की छाल, फूल, फल, बीज एवं पत्तियों का इस्तेमाल पुराने जमाने से ही दवाईओं के रूप में किया जाता रहा हैं। अमलतास को राजस्थानी में किरमाला भी कहा जाता हैं। इसके बीजो का प्रयोग औषिधि की तरह किया जाता हैं, जिससे कई सारी बिमारियां दूर होती हैं।

अमलतास के पेड़ से सेहत को होने वाले फायदे और घरेलु नुस्खे एवं उपाय

शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

अमलतास के पेड़ की छाल और फल दोनों में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसलिए इन्हें खाने से बॉडी की इम्युनिटी मजबूत बनती हैं।

बुखार कम करे

अमलतास की जड़ का इस्तेमाल आप बुखार कम करने के लिए कर सकते हैं। अमलतास के पेड़ की जड़ बुखार कम करने वाली टॉनिक की तरह ही कारगर होता हैं। बुखार होने पर अमलतास के गुदे की 3 ग्राम मात्रा दिन में 3 बार 6 दिनों तक लेते रहने से बुखार में आराम मिलता हैं। इससे बुखार के कारण होने वाले बदन दर्द से भी आराम मिलता हैं।

ज़ख्म जल्दी भरे

अमलतास घाव और जख्म को तेज़ी से भरने में मदद करता हैं। अमलतास की जड़ी-बूटी नए बॉडी टिश्यू का निर्माण करती हैं। इसके पत्तो के रस का इस्तेमाल प्रभावित त्वचा की ड्रेसिंग करने के लिए किया जाता हैं। इसके अलावा अमलतास की छाल से बनाए गये काढ़े से जख्मों को धोया जाता हैं, जिससे घाव में इन्फेक्शन आसानी से नहीं हो पाता हैं।

पेट की बीमारियाँ दूर करे

बच्चों के पेट में अकसर दर्द, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याएं हो जाती हैं। इन सभी परेशानियों को दूर करने के लिए अमलतास के गुदे को नाभि के आसपास लगाने से लाभ होता हैं। यह उपचार नियमित रूप से करते रहने पर पेट की समस्याएं धीरे-धीरे करके पूरी तरह से समाप्त हो जाती हैं। इसके अलावा गुदे को अलसी के तेल या फिर बादाम के तेल के साथ मिला कर लेने से मलत्याग करने की समस्या से छुटकारा मिलता हैं।

त्वचा के लिए फायदेमंद

अमलतास के पेड़ की पत्तियां, स्किन की जलन, सूजन और दर्द को दूर करने में मदद करती हैं। अमलतास की पत्तियों को छाछ के साथ पीसकर स्किन पर लगाने से स्किन से सम्बंधित समस्याओं से छुटकारा मिलता हैं। दाद-खाज, खुजली को दूर करने के लिए अमलतास की फल्लियों के गुदे को नीम की पत्तियों के साथ पीसकर प्रभावित त्वचा पर लगाने से लाभ होता हैं।

कब्ज़ दूर करे

अमलतास के पेड़ के गुदे को रेचक के रूप में जाना जाता हैं। अमलतास के ताज़ा गुदे को बदहजमी के मरीज़ को दिया जाये तो यह बदहजमी से तुरंत आराम दिलाता हैं। 50 ग्राम अमलतास के गुदे को पूरी रात पानी में भिगो कर रखे, फिर इसमें 25 ग्राम चीनी मिला कर मिश्रण तैयार करे। इसका इस्तेमाल आप कब्ज़ दूर करने के लिए करे। अमलतास के गुदे को कच्चे जीरे के साथ मिला कर खाने से भी कब्ज़ की समस्या में फायदा होता हैं।

मलत्याग साफ़ होता हैं

अमलतास के पके फलियों को पेड़ से तोड़कर, इन्हें बालू रेत में 1 हफ्ते तक गाड़ कर रखे, फिर इसे धुप में सूखा ले। सूख जाने के बाद फलियों का गुदा निकाल कर साफ़ बर्तन में ढक कर रखे और फिर इसे दवाई की तरह प्रयोग करे। इस औषिधि से मल विकार (टॉयलेट न आने की परेशानी) दूर होती हैं। लेकिन अमलतास की औषिधि का प्रयोग हर्बल जानकार के परामर्श पर ही करे।

सर्दी-जुकाम दूर करे

अमलतास सर्दी-जुकाम दूर करने में मदद करता हैं। जलते हुए अमलतास की जड़ का धुआं बहती हुई नाक का इलाज करने में माहिर होती हैं। इसका धुआँ बहती हुई नाक को तुरंत फायदा पहुँचाता हैं। इसका रस कफ और बलगम को दूर करने में कारगर होता हैं।








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