अलसी के फायदे (Benefits of Flex seed in Hindi).

अलसी से शरीर को क्या क्या फायदे होते हैं? अलसी के बीज स्वास्थ्यवर्धक क्यों हैं?

अलसी के फायदे क्या हैं? अलसी के सेवन से शरीर को क्या लाभ होते हैं? हमें अपने आहार में अलसी के बीजों को क्यों शामिल करना चाहिए? Health Benefits of Flex Seeds in Hindi. क्या आप जानते हैं, कुछ जानकारों का मानना हैं की अलसी दुनिया का सबसे सबसे शक्तिशाली पौधा हैं। कुछ स्टडीज से यह बात सामने आई हैं की इससे दिल की बीमारी, कैंसर, स्ट्रोक और डायबिटीज का ख़तरा कम हो जाता हैं। इस छोटे से बीज से होने वाले फायदों की लिस्ट काफ़ी लंबी हैं, जिसका इस्तेमाल लोग सदियो से करते आए हैं।

अलसी को 3000 B.C. से पहले Babylon में उगाया गया था। 8वीं शताब्दी में King Charlemagne अलसी से शरीर को होने वाले फायदे में इतना यकीन करते थे की उन्होने इसे खाने के लिए एक क़ानून भी पारित कर दिया था। आज 1300 साल बाद वैज्ञनिकों ने प्राथमिक अध्यनों के आधार पर यह कहा हैं की Chalemagne का अंदेशा बिल्कुल सही था।

वैसे भी अलसी में सभी तरह के हेल्दी तत्व पाए जाते हैं, पर इनमे से 3 ऐसे तत्व हैं जो बेहद ही खास हैं। इसमे ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता हैं। यह फैट अच्छा होता हैं और दिल को सेहतमंद रखता हैं। एक चम्मच अलसी में करीब 1.8 ग्राम ओमेगा-3 पाया जाता हैं।

अलसी से सेहत को होने वाले फायदे :-

1. अलसी के तेल की मालिश करने से शरीर के अंग हेल्दी बनते हैं और बेहतर तरीके से काम करते हैं। इस तेल की मालिश से चेहरे की स्किन चमकदार हो जाती हैं।

2. अलसी में मौज़ूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोकेमिकल्स, बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करती हैं, जिससे स्किन पर झुर्रियां नही आती हैं और कसाव बना रहता हैं। इससे स्किन हेल्दी और चमकदार बनती हैं।

3. अलसी में ओमेगा-3 भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं, जो खून के थक्के बनने या उसे जमने से रोकता हैं। क्योंकि खून का थक्का बनाने से खून के बहाव में रुकावट आती हैं और अटैक का ख़तरा बनता हैं। अलसी इस संभावना को ख़त्म कर देती हैं।

4. इसमे मौज़ूद Lignans नाम का तत्व, आँतो में एक्टिव होकर , ऐसे तत्वो का निर्माण करता हैं, जो फीमेल हॉर्मोन्स के बैलेंस को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।

5. कैंसर :- आधुनिक अध्यन में यह बात सामने आई हैं की अलसी में ब्रेस्ट कैंसर, प्रॉस्टेट कैंसर और कोलन कैंसर से बचाने के गुण पाए जाते हैं। इसमे पाया जाने वाला Lignans कैंसर से बचाता हैं। अलसी में अल्फा-लिनोनिक एसिड पाया जाता हैं, जो आर्थराइटिस, अस्थमा, डायबिटीज और कैंसर से लड़ने में मदद करता हैं। खास तौर पर कोलन कैंसर से लड़ने में सहायक होता हैं।

6. कार्डियोवैस्कुलर डिसीज़ :- रिसर्च से यह पता चला हैं की अलसी में पाया जाने वाला प्लांट ओमेगा-3 जलन को कम कर और हार्ट बीट को नॉर्मल कर कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को बेहतर बनाता हैं। कई रिसर्च में यह बात सामने आई हैं की ओमेगा-3 से भरपूर भोजन से धमनियां कठोर नही होती हैं। साथ ही यह वाइट ब्लड सेल्स को ब्लड वेसल्स के आंतरिक परत पर चिपका देता हैं, जिससे धमनियो में फ्लैक कम मात्रा में जमा होता हैं।

7. जलन :- Fitzpatrick की माने तो अलसी में पाए जाने वाले LLA और Lignans जलन को कम करता हैं, जो की पार्किसन रोग और अस्थमा को जन्म देता हैं। दरअसल यह कुछ प्रो-इनफ्लमेटरी एजेंट्स के बहाव को बंद कर देता हैं। जलन का कम होना धमनियो में जमा होने वाले प्लेग से रिलेटेड हैं। यानी की अलसी हार्ट अटैक और स्ट्रोक को भी रोकता हैं।

8. भूरे और काले रंग के यह छोटे-छोटे बीज, दिल की बीमारियो से आपको बचाते हैं। इसमे मौज़ूद घुलनशील फाइबर्स, कुदरती तौर पर शरीर के कोलेस्टरॉल लेवल को कंट्रोल करने का काम करते हैं। इससे दिल की धमनियो में जमा कोलेस्टरॉल घटने लगता हैं, और रक्त संचार बेहतर होता हैं। नतीजे के तौर पर हार्ट अटैक का ख़तरा ना के बराबर हो जाता हैं।

9. मधुमेह :- प्राथमिक अध्यन में यह पता चला हैं की अलसी में मौज़ूद Lignans को लेने से ब्लड शुगर लेवल बेहतर होता हैं। सीमित मात्रा में अलसी का सेवन खून में शुगर लेवल को कंट्रोल करता हैं। इससे शरीर के अंदरूनी हिस्से स्वस्थ्य रहते हैं और बेहतर ढंग से काम करते हैं।

10. वेजिटेरियन लोगो के लिए अलसी ओमेगा-3 का उत्तम स्रोत हैं, क्योंकि अब तक मछली को ओमेगा-3 का अच्छा सोर्स माना जाता था, जिसका सेवन नॉन-वेजिटेरियन लोग ही कर पाते थे।

11. यह बॉडी के एक्सट्रा फैट को कम करती हैं, जिससे आपका वजन कम होने में मदद मिलती हैं। यह ब्लड में कोलेस्टरॉल लेवल को कम करने में भी कारगर हैं।

12. रोजाना सुबह-शाम एक चम्मच अलसी का सेवन आपको पूरी तरह से हेल्दी रखने में सहायक होता हैं। इसे पीसकर पानी के साथ लिया जा सकता हैं। अलसी को नियमित दिनचर्या में शामिल कर आप कई तरह की बीमारियो से अपनी रक्षा कर सकते हैं, साथ ही आपको डॉक्टर के पास जाने की भी ज़रूरत नही हैं।

13. हॉट फ़्लैश :- 2007 में महिलाओं के पीरियड्स पर एक रिपोर्ट पब्लिश की गयइ थी। इसमे कहा गया था की 2 चम्मच अलसी को अनाज, जूस या दही में मिला कर दिन में 2 बार लेने से हॉट फ़्लैश आधा हो जाता हैं। साथ ही हॉट फ्लश की तीव्रता में भी 57% तक की कमी आती हैं। सिर्फ़ एक हफ्ते तक लगातार अलसी के सेवन करने पर महिलाए फ़र्क देख सकती हैं और 2 हफ़्तो में बेहतरीन नतीजे मिल सकते हैं।








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