आखिर खड़े होकर पानी क्यों नहीं पीना चाहिए? इससे क्या नुकसान होते हैं?

आखिर खड़े होकर पानी क्यों नहीं पीना चाहिए? इससे क्या नुकसान होते हैं?

स्वस्थ्य रहने के लिए उचित मात्रा में पानी पीने की जरूरत पड़ती हैं। पानी इस संसार को जीवन प्रदान करता हैं। सभी लोगो को रोजाना  8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए। लेकिन कई बार पानी पीते समय हम सभी लोग एक गलती कर जाते हैं।

वह गलती यह हैं की हम खड़े होकर पानी पी लेते हैं। लेकिन आयुर्वेद के अनुसार कभी भी खड़े होकर पानी नहीं पीना चाहिए। आइये जानते हैं की ऐसा क्यों माना जाता हैं की खड़े होकर पानी पीने से बचना चाहिए और कभी भी खड़े-खड़े पानी नहीं पीना चाहिए। इससे सेहत को क्या-क्या नुकसान होते हैं?

खड़े होकर पानी पीने के नुकसान :-

गठिया होने खतरा

खड़े होकर पानी पीने का सबसे बड़ा नुकसान यह हैं की इससे गठिया होने की आशंका सबसे ज्यादा होती हैं। जब आप खड़े होकर पानी को पीते हैं तो इससे शरीर में मौजूद लिक्विड का बैलेंस बिगड़ जाता हैं। जिससे जोड़ों में जरूरी तरल पदार्थो की कमी हो जाती हैं। इससे आपके जोड़ो में दर्द और गठिया की बीमारी पैदा हो सकती हैं।

शरीर में एसिड लेवल बढ़ जाता हैं

आयुर्वेद का यह मानना हैं की मनुष्य को हमेशा बैठ कर और छोटे-छोटे घूँट में पानी को पीना चाहिए। इससे यह शरीर के एसिड लेवल बैलेंस में रहता हैं। दूसरी ओर जब आप खड़े होकर पानी पीते हैं तो शरीर में एसिड लेवल कम नहीं हो पाता हैं।

डाइजेशन सिस्टम के लिए हानिकारक

खड़े होकर पानी पीने पर पानी आसानी के साथ निचे चला जाता हैं और यह एक बड़ी मात्रा में निचे आहार नली में जाकर, निचले पेट की दीवार पर गिरने लगता हैं। जिसकी वजह से पेट की दीवार और इसके आसपास के अंगो को हानि पहुँचने की संभावना काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं। अगर आप लम्बे समय तक खड़े होकर पानी पीते हैं तो आपको डाइजेशन सिस्टम, ह्रदय और गुर्दे की बीमारियाँ हो सकती हैं।

अपच होने के ख़तरा

बैठकर पानी पीने से मसल्स और नर्वस सिस्टम ज्यादा रिलैक्स फील करते है। जिसकी वजह से नर्वस सिस्टम आसानी के साथ तरल को हजम करने में मदद करते हैं। लेकिन खड़े होकर पानी पीने की वजह से आपको एसिडिटी और अपच होने की सम्भावना काफी ज्यादा बढ़ जाती हैं।

किडनी की बीमारियाँ होने का ख़तरा

खड़े होकर पानी पीने पर पानी तेज़ी के साथ किडनी में से बिना फ़िल्टर हुए बाहर निकल जाता हैं। जिससे मूत्राशय या खून में गन्दगी जमा होने लगती हैं। इससे आपको मूत्राशय, किडनी और हार्ट की बीमारियाँ होने का ख़तरा ज्यादा रहता हैं।

आर्थराइटिस की बीमारी

खड़े होकर पानी पीने से घुटनों पर ज्यादा जोर पड़ता हैं, जिससे आपको आर्थराइटिस होने का ख़तरा ज्यादा रहता हैं।

खड़े होकर पानी पीना सेहत के लिए हानिकारक हैं। अगर आप ऐसा करते हैं तो अपनी इस बुरी आदत को जल्दी से बदल ले और हमेशा बैठकर ही पानी पिए। आयुर्वेद के अनुसार खड़े होकर पानी पीने वाले व्यक्ति का घुटना अगर खराब हो जाये तो दुनिया का कोई भी डॉक्टर इसे ठीक नहीं कर सकता हैं। इसलिए खड़े होकर पानी पीने से परहेज़ करना चाहिए और ऐसा करके आप बिमारियों के शिकार होने से बच सकते हैं।








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