आधार कार्ड के फायदे

आधार कार्ड के फायदे

सरकार कई स्कीमों को आधार कार्ड से जोडऩे जा रही है। अब सब्सिडी और अन्य वित्तीय लाभ आधार से जुड़े बैंक खाते में ही ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके अलावा आधार कार्ड से आपको कई और भी फायदे हैं।

दस दिनों में मिलेगा पासपोर्ट

आधार नंबर से आपको सिर्फ 10 दिनों में पासपोर्ट मिल जाएगा। पुलिस सत्यापन बाद की तारीख में किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय आवेदनकर्ता को पता और पहचान के प्रमाण के तौर पर सिर्फ एक आधार नंबर ही देना होगा। आवेदनकर्ता को तीन दिनों के अंदर अपॉइंटमेंट मिल जाएगा और अन्य सात दिनों के अंदर पासपोर्ट की प्रोसेसिंग होकर उनके घर पर पहुंच जाएगा। पासपोर्ट जारी करने के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है।

○ अब आपको बैंक खाता खुलवाने के लिए भारी भरकम फाइलों की जरूरत नहीं है और न ही तरह-तरह के एड्रेस प्रूफ बैंक लेकर जाने की जरूरत है। जरूरत है तो एक आधार कार्ड और अगर आधार कार्ड का नंबर है तो भी आपका बैंक अकाउंट खुल जाएगा। इसके अलावा अब घर बैठे ही आप अपने खाते में पैसे जमा करवा सकते है और घर बैठे ही अपने खाते से पैसे निकलवा सकते हैं। आधार नंबर बैंक खाता खुलवाने के लिए पता का सही प्रमाण है।

○ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेंशनभोगियों के लिए आधार पर केंद्रित डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट लॉन्च किया। इस फैसले से एक करोड़ से भी ज्यादा पेंशनभोगी लाभान्वित हो सकते हैं। यह सिस्टम पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण कहलाता है। पेंशन लाभ के लिए अब पेंशनभोगियों का खुद से मौजूद होना जरूरी नहीं है। पेंशनभोगी का विवरण आधार का इस्तेमाल करके हासिल किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी विभाग ने इसके लिए एक सॉफ्टवेयर एप्लि‍केशन विकसित किया है, जिसके तहत एक बायोमीट्रिक रीडिंग डिवाइस लगाई जाएगी और फिर इसकी मदद से पेंशनभोगी के आधार नंबर और बायोमीट्रिक ब्यौरे को उसके मोबाइल या कंप्यूटर से दर्ज किया जा सकेगा।

मासिक पेंशन

पेंशनभोगियों को मासिक पेंशन प्राप्त करने के लिए भी अपने-अपने विभागों में आधार नंबर रजिस्टर कराना होगा।

○ आधार सिर्फ पहचान का ही प्रमाण नहीं रहा है बल्कि स्टॉक मार्केट में निवेश के लिए इसे पता के प्रमाण के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। म्युचुअल फंड स्कीम में निवेशकों की संख्या बढ़ाने के लिए म्युचुअल फंड हाउस ने आधार नंबर सेवा शुरू की है जिसमें निवेशक केवल अपने आधार नंबर के जरिए म्युचुअल फंड में निवेश कर पाएंगे। आधार नंबर के जरिए निवेशक केवाईसी न होने पर भी सीधे ऑनलाइन म्युचुअल फंड में निवेश कर पाएंगे। इस नई सेवा से निवेशक आसानी और तेजी से म्युचुअल फंड बेच और खरीद पाएंगे। जिन निवेशकों के पास पैन कार्ड और और आधार कार्ड है लेकिन केवाइसी औपचारिकताएं पूरी नहीं है वे भी म्युचुअल फंड स्कीम में निवेश कर सकते हैं।

○ पीएफ का पैसा उन खाताधारकों को ही आवंटित किया जाएगा जिन्होंने कर्मचारी संचय निधि संगठन में अपना आधार नंबर रजिस्टर करवा रखा है। पीएफ खाते के ऑनलाइन निपटान के लिए खाते का सत्यापन आधार डेटाबेस के जरिए किया जाएगा। ऐसे में पीएफ खाते को आधार नंबर के साथ जोडऩा जरूरी है। ईपीएफओ न सिर्फ भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) का पंजीयक है, बल्कि यह प्राधिकरण के लिए ऑनलाइन प्रमाणीकरण प्रयोगकर्ता एजेंसी भी है। इसका मतलब है कि ईपीएफओ आधार डेटाबेस के आधार पर आवेदक के बारे में पुष्टि कर सकता है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि पीएफ खाते को आधार नंबर के साथ जोड़ा गया हो।

○ डिजिटल लॉकर

अब आपको अपने जरूरी दस्तावेज साथ लेकर घूमने की जरूरत नही है। इसके लिए सरकार ने डिजीटल लॉकर लांच कर दिया है। जहां आप जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन स्टोर कर सकते हैं। यह सुविधा पाने के लिए बस आपके पास आधार कार्ड होना चाहिए। आधार का नंबर फीड कर आप डिजीटल लॉकर अकाउंट खोल सकते हैं। इस सुविधा की खास बात ये है कि एक बार लॉकर में अपने दस्तावेज अपलोड करने के बाद आपको कहीं भी अपने सर्टिफिकेट की मूल कॉपी देने की जरूरत नहीं होगा। इसके लिए आपके डिजीटल लॉकर का लिंक ही काफी होगा।

○ आधार कार्ड को लेकर भले ही असमंजस की स्थिति हो लेकिन फिर भी आपका आधार कार्ड आपके कई काम आसान बना सकता है। गैस सब्सिडी हासिल करने के लिए अगर आपका बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक्‍ड है तो आपको कागजी कार्यवाही से मुक्ति मिल जाती है। 12 अंकों वाले व्यक्तिगत आईडी नंबर का इस्तेमाल बैंक खाते में एलपीजी सब्सिडी सीधे तौर पर ट्रांसफर करवाने के लिए भी किया जा सकता है।

○ राष्ट्रीय निर्वाचन नामावली परिशोधन एवं प्रमाणीकरण कार्यक्रम के तहत आधार कार्ड, मोबाईल नंबर एवं ई-मेल भी मतदाता सूची डाटाबेस में शामिल किया जाएगा ताकि निर्वाचन संबंधी जानकारियां मतदाताओं तक आसानी से पहुंचाई जा सके। इपिक कार्ड के आधार कार्ड संबद्ध होने के बाद किसी भी व्यक्ति का नाम दो जगह के मतदाता सूची में नहीं रहेगी। इससे फर्जी वोटिंग पर रोक लगेगी एवं मतदान की प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।

○ गिनीज बुक ऑफ वल्‍र्ड रिकॉर्ड में शामिल प्रधानमंत्री जनधन योजना (पीएमजेडीवाई) को मोदी सरकार ने 28 अगस्त, 2014 को लॉन्च किया था। सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए देशभर में सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराना और हर परिवार का बैंक अकाउंट खोलना है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड ही पर्याप्त है।

आपका आधार नंबर आपके बैंक अकाउंट के साथ जुड़ गया है या नहीं यह पता करने के लिए  उपभोक्ता अपने मोबाइल पर *99*99# डायल करें। इसके बाद 12 डिजिट का आधार नंबर डालें और ओके करें। आधार नंबर सही है यह पुष्टि करने के लिए 1 डायल करें। इसके बाद मोबाइल पर आधार कार्ड के बैंक से जुड़े होने की जानकारी मिल जाएगी। इस मैसेज में यह भी बताया जाएगा कि किस बैंक से किस तारीख को आधार कार्ड लिंक हुआ है।








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