इस छोरे ने 100 रुपये की मोटर से बना दिया बिना बिजली ठंडी हवा देने वाला कूलर

इस छोरे ने 100 रुपये की मोटर से बना दिया बिना बिजली ठंडी हवा देने वाला कूलर

अब भीषण गर्मी में कूलर की ठंडी हवा के लिए लोगों को बिजली की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि सौर ऊर्जा से चलने वाला कूलर तैयार हो चुका है। यह कारनामा कर दिखाया है बारहवीं तक पढ़े राजेंद्र ने और वह भी महज दो हजार रुपये के साजो सामान से। यह नायाब कूलर बिना बिजली के ठंडी हवा की सुविधा प्रदान कर दी है।

गांव मीरकां निवासी राजेंद्र ने कूलर से पूर्व कई अन्य उपकरण भी तैयार किए हैं। इनमें एक टेबल पंखा बैटरी से 40 घंटे चलने की क्षमता का भी शामिल है। कई विज्ञान प्रदर्शनियों में पुरस्कार हासिल कर चुके राजेंद्र ने 20 दिनों की मेहनत से कूलर तैयार किया है।

ये है कूलर की खासियत

– 90 से 230 वोल्टेज तक की क्षमता से यह कूलर सामान्य से तेज चलता है।

– एक बैटरी से कूलर को 15 से 16 घंटे तक चलाया जा सकता है।

– सौर ऊर्जा से कूलर को चलाया जा सकता है।

– आम कूलर से ज्यादा स्पीड और बिना बिजली बैटरी से चलाया जा सकता है।

अब एसी बनाने की तैयारी

राजेंद्र का कहना है कि अब वह बैटरी से चलने वाला एसी बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सामान इकट्ठा किया जा रहा है।

फार्मूला तैयार है, बिना बिजली बैटरी से एसी उपकरण चलाने और सामान्य से कम बिजली खर्च में अधिक क्षमता का एसी तैयार किया जाएगा।

पढऩे की ललक, पर आर्थिक हालात कमजोर

राजेंद्र कुमार कहते हैं कि उन्हें पढऩे की ललक है लेकिन घर के आर्थिक हालात कमजोर हैं। उसके पिता बीमार रहते हैं, बारहवीं तक भी मां ने ही जैसे तैसे पढ़ाया।

फिलहाल, वह गांव में बिजली फिटिंग का काम कर गुजर-बसर करता है। राजेंद्र ने कहा कि आर्थिक सहयोग मिले तो वह सौर ऊर्जा उपकरण और कम बिजली खपत के उपकरण बना सकता हैै।








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