ऐसी स्त्री से कभी न करे विवाह.

ऐसी स्त्री से कभी नहीं करनी चाहिए शादी

कहते हैं अगर पत्नी सुघड़ हो तो घर स्वर्ग बन जाता है और अगर फ़ूहड़ हो तो वही घर नर्क बन जाता है। इसलिये शादी करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रुरी है।

वैसे तो प्रकृति ने स्त्री के भीतर कोमलता, सौम्यता और ममत्व के भाव कूट-कूटकर भरे हैं, ये सब भावनाएं हर महिला में समान रूप से देखी भी जाती हैं लेकिन जिस तरह हाथों की पांचों अंगुलियां बराबर नहीं होतीं, उसी तरह हर स्त्री प्यार का सागर हो यह भी ज़रूरी नहीं है। हम यहां बताने जा रहे हैं किस तरह की स्त्री से विवाह नहीं करना चाहिए। हम यहां ये भी स्पष्ट कर दें कि हम  स्त्री को शुभ या अशुभ की श्रेणी में नहीं बांट कर रहे हैं जिससे स्त्री की गरिमा का हनन हो। यह एक सामान्य लेख है जिस पर विश्वास करना या ना करना आपकी पर निर्भर है।

परिवार की नाक

हमारा समाज स्त्री को परिवार की नाक यानी इज़्ज़त मानता है और परिवार और कुल के नाम पर कोई आंच ना आए इसकी ज़िम्मेवारी भी बहुत हद तक स्त्री को ही यह सौंपी जाती है।

कुल की लाज

जिस तरह महिलाएं कुल की लाज बचाने का काम करती हैं, अपने नैतिक और सामाजिक आचरण को पवित्र रखती हैं वहीं कुछ स्त्रियां ऐसी भी होती हैं जिनके कृत्य कुल के विनाश का कारण बनते हैं। ऐसी स्त्रियों को सामाजिक भाषा में कुलक्षिणी कहा जाता है।

स्त्री का मिजाज़

ऐसी महिलाओं की पहचान सामान्य तौर पर करना तब तक संभव नहीं है जब तक कि उन्हें जान ना लिया जाए। लेकिन  ऐसे कई तरीके हैं जिनसे स्त्री के चेहरे-मोहरे को देखकर ही उसके स्वभाव का पता लगाया जा सकता है।

कुलक्ष्मी की पहचान

स्त्री के चेहरे और उसके शरीर पर कुछ ऐसे लक्षण होते हैं जो उसे लक्ष्मी का स्वरूप नहीं बल्कि कुलक्ष्मी करार देते हैं।

पैर की अंगुली

बृहद संहिता के अनुसार ऐसी स्त्री जिसके पैर की कनिष्ठिका अंगुली या उसके साथ वाली अंगुली, धरती को स्पर्श ना करती हो, अंगूठे के साथ वाली अंगुली अंगूठे से बहुत ज्यादा लंबी हो तो ऐसी स्त्रियां हालात और स्थिति के अनुसार अपना चरित्र बदल लेती हैं। ऐसी महिलाएं अत्याधिक क्रोधी स्वभाव की होती हैं और उन पर नियंत्रण स्थापित करना बहुत कठिन होता है। इनके चरित्र पर विश्वास नहीं किया जा सकता। जिन महिलाओं के पैर का पिछला भाग काफी मोटा और उठाव लिए होता है, उस भाग की नसें उभरी होती हैं, ऐसी महिलाएं घर के लिए शुभ नहीं होतीं।

इसके उलट अगर पांव का यह भाग मांसहीन, सूखा हो तो ऐसी महिला अपने जीवन में विभिन्न प्रकार के कष्टों का सामना करती है।

पेट का आकार

स्त्री का पेट अगर घड़े की तरह होता है तो वह महिला ताउम्र गरीबी और दरिद्रता के हालातों से गुजरती है। पेट का अधिक लंबा, गड्ढेदार होना भी अशुभ की ही निशानी है।

ऐसी महिलाएं जिनका ललाट यानि माथा लंबा होता है तो वह अपने देवर के लिए अशुभ होती हैं, जिन महिलाओं का पेट लंबा होता है तो वे अपने ससुर और जिनका कमर के नीचे का हिस्सा भारी होता है वह अपने पति के लिए अशुभ होती हैं।

लंबे कद की महिलाएं

जिन महिलाओं के होठों के ऊपर वाले भाग में अधिक बाल होते हैं, जिनका कद बहुत लंबा होता है तो ऐसी स्त्रियां अपने पति के लिए अशुभ साबित होती हैं।

कानों का आकार

ऐसी स्त्रियां जिनके कानों में बहुत बाल होते हैं, उनका आकार असमान होता है, तो ऐसी स्त्रियां घर में क्लेश की वजह बनती हैं। मोटे, लंबे और चौड़े दांत, जो बाहर निकलते प्रतीत होते हैं तो ऐसी स्त्री के जीवन में हमेशा दुखों के बादल छाए रहते हैं। मसूड़ों का काला होना भी स्त्री के दुर्भाग्य की निशानी है।

हथेली पर चिह्न

जिस स्त्री की हथेली पर कोई ऐसा चिह्न हो जो किसी मांसभक्षी पक्षी या पशु, जैसे कौए, उल्लू, सांप, भेड़िया आदि की तरह दिखता हो तो ऐसी स्त्रियां दूसरे के दुख का कारण बनती हैं।

हाथ की नसें

हाथों की नसों में उभार, हथेली के आकार में अंतर और वे चपटी हों तो ऐसी महिलाएं आजीवन सुख और धन से विहीन रह जाती हैं।

पीली आंखें

जिस महिला की आंखें पीली और थोड़ी डरी-डरी हों तो ऐसी महिलाओं का स्वभाव बहुत बुरा होता है। जबकि ऐसी महिलाएं जिनकी आंखें चंचल और स्लेटी रंग की होती हैं वे उत्तम मानी गई हैं।

डिंपल पड़ना

ऐसी महिला जिसके गालों पर हंसते समय गड्ढे (डिंपल) पढ़ते हैं, उसका चरित्र अच्छा नहीं होता।

छोटी गर्दन

जिस महिला की गर्दन छोटी होती है तो ऐसी महिला अपने किसी भी निर्णय के लिए दूसरों पर निर्भर रहती है। वहीं जिसकी गर्दन की लंबाई चार अंगुलियों से ज्यादा होती है वह महिला अपने ही वंश का विनाश करती है।

गुस्सैल स्वभाव

चपटी गर्दन वाली महिलाओं की विशेषता उनका अत्याधिक गुस्सैल और क्रूर स्वभाव होता है।






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