ओलिव ऑयल (जैतून के तेल) से जुड़े हुए भ्रम और सत्य।

ओलिव ऑयल (जैतून के तेल) से जुड़े हुए भ्रम और सत्य।

ओलिव ऑयल सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद तेल हैं। इसमें विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जिसकी वजह से यह दिल के लिए बहुत ही लाभकारी तेल माना जाता हैं। लेकिन भारत में ओलिव ऑयल (जैतून के तेल) को लेकर कई सारे भ्रम फैले हुए हैं, जिन्हें दूर करना बहुत ही ज्यादा जरूरी हैं, ताकि लोग ओलिव ऑयल का इस्तेमाल बिना डरे कर सके। ओलिव ऑयल से जुड़े हुए भ्रम और उनकी हकीकत (Myths & Facts about Olive Oils in Hindi)

ओलिव ऑयल से सम्बंधित भ्रम और सत्य :-

1. भ्रम :- ओलिव ऑयल जितना पुराना हो जाये, सेहत के लिए उतना ही ज्यादा अच्छा हो जाता हैं।

सत्य :- यह बात बिलकुल ही झूठ हैं, ओलिव ऑयल भी दुसरे तेलों के तरह ही पुराना होने पर खराब होने लगता हैं। वैसे तो एक्स्ट्रा वर्जिन ओलिव ऑयल को फसल के समय से 2 साल तक सुरक्षित रूप से खाया जा सकता हैं। लेकिन जब आप इसकी बोतल को खोल देते हैं तो 4 से 6 हफ्ते के अंदर इसका इस्तेमाल कर लेना जरूरी हैं।

2. भ्रम :- जैतून के तेल में भोजन पकाने से भोजन के सभी न्यूट्रीएंट्स समाप्त हो जाते हैं।

सत्य :- सच्चाई यह हैं की ओलिव ऑयल में खाना पकाने से भोजन के पोषक तत्वों में कोई खास परिवर्तन नहीं होता हैं। खाना पकने के बाद खाने में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेंट्री जैसे गुण भोजन में बने रहते हैं।

3. भ्रम :- अगर ओलिव ऑयल को फ्रीज़ में रख दिया जाये तो यह ठोस या जम जाये तो यह हाई क्वालिटी वाला ओलिव ऑयल हैं।

सत्य :- ओलिव ऑयल की शुद्धता को आप घर में परख नहीं सकते हैं। कुछ ओलिव आयल फ्रिज में स्टोर करने से जम जाते हैं, जबकि कुछ नहीं। तो ऐसे में यह गुणवत्ता की जांच का सही तरीका नहीं माना जा सकता है। ओलिव ऑयल की क्वालिटी की परख टेस्ट और महक से की जाती हैं, और इसकी क्वालिटी की जांच लेबोरेटरी में ही हो सकती हैं।

4. भ्रम :- ओलिव ऑयल को गर्म करने पर यह सेहत के लिए कम फायदेमंद होता हैं, इसलिए एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल को कच्चा या डायरेक्ट बोतल से इस्तेमाल करना चाहिए।

सत्य :- गर्म होने पर इसके टेस्ट में थोड़ा फर्क आता है, लेकिन इससे सेहत को होने वाले फायदों में कोई कमी नहीं आती हैं।

5. भ्रम :- ओलिव ऑयल का रंग अगर हरा हो तो यह बेहतर क्वालिटी का हैं।

सत्य :- ओलिव ऑयल की क्वालिटी की पहचान रंग भी हैं। ओलिव ऑयल का रंग ओलिव की वैरायटी, वातावरण, देश की जलवायु आदि पर निर्भर करता हैं। इसका रंग हल्का पीला या हरा हो सकता हैं।

6. भ्रम :- इससे खाना नहीं पकाया जा सकता हैं।

सत्य :- आप इससे खाना पका सकते हैं। एक्स्ट्रा वर्जिन ऑयल का स्मोकिंग पॉइंट लो होता हैं, जबकि प्योर ओलिव ऑयल का स्मोकिंग पॉइंट हाई होता हैं। एक्स्ट्रा लाइट ओलिव ऑयल को प्रतिदिन भोजन पकाने के लिए आसानी के साथ किया जा सकता हैं।

7. भ्रम :- सिर्फ एक्स्ट्रा वर्जिन आयल में मोनो-अनसैचुरेटेड फैट, एंटीऑक्सीडेंट और polyphenols पाए जाते हैं।

सत्य :- लेकिन हकीकत यह हैं की सभी किस्म के ओलिव ऑयल में हेल्दी मोनो-अनसैचुरेटेड फैट पाए जाते हैं जो दिल के लिए लाभदायक होता हैं। सभी प्रकार के ओलिव ऑयल में पोषक तत्व और मोनो-अनसैचुरेटेड बराबर मात्रा में पाए जाते हैं।

8. भ्रम :- एक्स्ट्रा लाइट ओलिव ऑयल में कैलोरी कम मात्रा में होता हैं।

सत्य :- सभी प्रकार के जैतून के तेल में बराबर मात्रा में कैलोरी पाई जाती हैं। वैसे तो इसमें कैलोरी ज्यादा होती हैं, जिसकी वजह से इसे खाना पकाने के लिए कम ही प्रयोग करना चाहिए। एक बड़े चम्मच ओलिव ऑयल में 124 कैलोरी और 14 ग्राम फैट पाया जाता हैं। इस फैट में 4.6 ग्राम पाली-अनसैचुरेटेड फैट और 6.7 ग्राम मोनो-अनसैचुरेटेड फैट होता हैं।




Loading...

इन्हें भी जरूर पढ़े...

गर्भावस्था में संतरा खाने के लाभ।
पेट का फैट कम करने के 9 कारगर नुस्खे
फलों को सही ढंग से खाने के तरीके और टिप्स.
झींगा मछली खाने के फायदे -Benefits of prawn in Hindi.
अच्छी सेहत के लिए हेल्दी कुकिंग स्टाइल टिप्स जानिये।
टमाटर खाने से सेहत को होने वाले लाभ के बारे में जानिए।
चुकंदर के जूस में शहद मिला कर पीने के फायदे जानिए।
चिकनगुनिया से बचने के लिए क्या करना चाहिए और इसका उपचार क्या हैं?
रात को सोने से पहले पैरों की तेल मालिश करने से होते हैं यह गज़ब के फायदे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *