गरुण पुराण के अनुसार प्रतिदिन इन 7 चीजों के दर्शन करने से प्राप्त होते हैं पुण्य।

गौ माता का दर्शन करे और पुण्य प्राप्त करे.

मनुष्य जीवन का उद्देश्य पुण्य की प्राप्ति करके मोक्ष की पाना हैं। मनुष्य पुण्य को प्राप्त करने के लिए कई सारे धर्म-कर्म करता हैं। हमारे शास्त्रों में भी कई ऐसे कामों का वर्णन किया गया हैं, जिनको करने से पुण्य की प्राप्ति होती हैं। शास्त्रों के अनुसार कुछ चीज़े ऐसी भी हैं, जिनके दर्शन मात्र से ही मनुष्य को पुण्य मिलने लगते हैं। आइये जानते है ऐसी चीजों के बारे में जिन्हें देखने से पुण्य प्राप्त होने लगते हैं। गरुण पुराण के अनुसार इन चीजों का दर्शन प्रतिदिन करते रहना चाहिए, जिससे आपको पुण्य प्राप्त होने लगते हैं। पुण्य प्राप्त करने के लिए यह सबसे आसान उपाय हैं।

गरुण पुराण में वर्णित श्लोक :-

गोमूत्रं गोमयं दुन्धं गोधूलिं गोष्ठगोष्पदम्।
पक्कसस्यान्वितं क्षेत्रं द्ष्टा पुण्यं लभेद् ध्रुवम्।।

आइये इस श्लोक पर आधारित पुण्य प्राप्ति के उपाय जानते हैं।

गरुण पुराण के अनुसार पुण्य प्राप्त करने के लिए इन 7 चीजों का दर्शन करे :-

1. गाय का दूध देखना

गाय का दूध पीने के फायदे तो बहुत हैं। क्योंकि गाय का दूध कई शरीर की कई सारी बिमारियों को दूर कर सकता हैं। कलियुग में गाय का दूध अमृत के जैसा ही हैं। जो मनुष्य गाय को दूध देते हुए देख ले, उसे निश्चित ही शुभ फल प्राप्त होंगे, साथ ही पुण्य भी अर्जित होते हैं।

2. पकी हुई फसल देखना

फसलों से भरे हुए खेतों को देख कर हर किसी को आनंद की प्राप्ति होती हैं। हरे-भरे खेतों को देख कर मन को शांति मिलने लगती हैं। फसलों को देखने से न सिर्फ ख़ूबसूरत दृश्य देखने को मिलता हैं, बल्कि यह पुण्य देने वाले भी होते हैं। गरुण पुराण के अनुसार पकी हुई फसलों से भरा हुआ खेत देखने से मनुष्य को लाभ और पुण्य की प्राप्ति होती हैं।

3. गोमूत्र के दर्शन करना

गोमूत्र हिन्दू धर्म में काफी ज्यादा पवित्र माना गया हैं। शास्त्रों के अनुसार देसी गाय के गौमूत्र में गंगा का वास होता हैं। गौमूत्र का प्रयोग औषिधि के रूप में भी किया जाता हैं। इसके सेवन से कई सारी बीमारियाँ नष्ट होने लगती हैं। गौमूत्र को धारण करने से मनुष्य की कई सारी मनोकामनाएं पूर्ण होने लगती हैं। परन्तु गरुण पुराण के अनुसार गौमूत्र के दर्शन मात्र से ही मनुष्य को पुण्य और लाभ मिलने लगता हैं।

4. गोखुर देखना

गाय अपने पैरों के खुर (तले) से जमीन को खुरचती हैं, इसे ही गोखुर कहा जाता हैं। गाय के पैरों को तीर्थ के समान माना गया हैं। किसी भी शुभ काम को करने जाने से पहले अगर गाय के पैरों के दर्शन कर लिए जाये तो काम में सफलता की प्राप्ति होती हैं। गाय को पैरों के दर्शन करने से भी पुण्य और लाभ की प्राप्ति होती हैं। यह भी पुण्य कमाने का अच्छा और आसान तरीका और उपाय हैं।

5. गोबर देखना

गाय हिन्दू धर्म में माता के रूप में पूजनीय हैं। शास्त्र गाय को भगवान के समान मानते हैं। गाय का गोबर का भी विशेष महत्व होता हैं। किसी भी स्थान को पवित्र बनाने के लिए गाय के गोबर का इस्तेमाल किया जाता हैं। अगर कोई मनुष्य पवित्र भावना से गाय के गोबर को देख ले तो उसे आसानी के साथ पुण्यों की प्राप्ति हो जाती हैं।

6. गोधूली को देखना

कई बार गाय अपने पैरों से धरती को खुरचती हैं। ऐसा करने से जो धूल निकलती हैं, उसे ही गोधूली कहा जाता हैं। ऐसा माना गया हैं की गाय के पैरों से खुरची हुई धूल काफी ज्यादा पवित्र हैं। गोधूली के दर्शन करने से मनुष्य को कई गुणा ज्यादा पुण्य प्राप्त होते हैं।

7. गोशाला के दर्शन करना

गायों को रखे जाने वाले स्थान को गौशाला के नाम से जाना जाता हैं। गौशाला मंदिर की भाँती ही पूजनीय और पवित्र जगह हैं। जो मनुष्य रोजाना गौशाला जा कर गौ माता की सेवा करता हैं, उसे मृत्यु के पश्चात निश्चित ही भगवान श्री कृष्ण के धाम गौलोक की प्राप्ति होती हैं। जो व्यक्ति खराब परिस्थितियों के कारण गौशाला में सेवा नहीं कर सकता हैं, अगर वह मनुष्य पवित्र मन से गौशाला के सिर्फ दर्शन ही करे तो उसे भी पुण्य की प्राप्ति होती ही हैं।








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