ग्रीन टी पीने के फायदे, नुकसान और जरूरी सावधानियां।

 ग्रीन टी पीने के फायदे, नुकसान और जरूरी सावधानियां।

क्या आपको ग्रीन टी पीने से सेहत को होने वाले लाभ के बारे में पता हैं? क्या आप जानना चाहते हैं की ग्रीन टी पीने के फायदे और नुकसान क्या हैं? अगर इसका जवाब नहीं हैं तो यह लेख जरूर पढ़े। Health Benefits & Side-Effects of Green Tea in Hindi.

ग्रीन टी पीना सेहत के नजरिये से बहुत ही ज्यादा फायदेमंद हैं। ग्रीन टी एक ऐसी चाय हैं जिससे एक तो कैंसर होने का खतरा काफी कम हो जाता हैं और यह आपका मोटापा भी दूर करने में आपकी मदद करती हैं। आइये जानते हैं ग्रीन टी क्यों पीना चाहिए? और ज्यादा ग्रीन टी पीने से शरीर पर क्या असर पड़ता हैं।

ग्रीन टी पीने के फायदे :-

1. टेंशन से छुटकारा दिलाये

अगर आप टेंशन से राहत पाना चाहते हैं तो ग्रीन टी को जरूर पीजिये। क्योंकि ग्रीन टी में ऐसे एमिनो एसिड पाए जाते हैं जो आपकी टेंशन को दूर करते हैं।

2. दिल के लिए फायदेमंद

ग्रीन टी के सेवन से दिल की बीमारियाँ होने का खतरा काफी कम हो जाता हैं। ग्रीन टी को पीने से बॉडी का मेटाबोलिज्म लेवल बढ़ता हैं, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा उचित रहता हैं। कोलेस्ट्रॉल लेवल सही रहने की वजह से आपको दिल से सम्बंधित बीमारियाँ होने की संभावना काफी कम हो जाती हैं। ग्रीन टी को पीने से ब्लड प्रेशर भी सही रहता हैं। यह खून को पतला बनाती हैं, जिससे खून के थक्के नहीं जम पाते हैं। कई रिसर्च से यह बात साबित भी हो चूका हैं की नियमित रूप से ग्रीन टी पीने से हार्ट अटैक होने का ख़तरा बहुत ही कम हो जाता हैं।

3. सर्दी-जुकाम दूर करे

अगर आपको सर्दी-जुकाम हो गया हैं तो आपको ग्रीन टी जरूर पीना चाहिए। ग्रीन टी में विटामिन सी पाया जाता हैं जो सर्दी-जुकाम को ख़त्म करने में आपकी मदद करता हैं। इसलिए जब भी आपको सर्दी-जुकाम हो जाये तो दिन में 3 से 4 बार ग्रीन टी का सेवन करे।

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4. बॉडी के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता हैं

ग्रीन टी में polyphenols, विटामिन सी के साथ ही कई जरूरी एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली यानि की इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम करते हैं। दिन भर में 3 से 4 कप ग्रीन टी पीने से शरीर को 300 से 400 मिग्रा polyphenols की प्राप्ति होती हैं। जिससे शरीर में बीमारियाँ होने का ख़तरा काफी कम हो जाता हैं। ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर को खतरनाक फ्री रेडिकल्स सेल्स से बचाते हैं।

5.  गठिया में फायदेमंद

अगर आप गठिया की बीमारी से बचे रहना चाहते हैं तो अपनी दिनचर्या में ग्रीन टी को जरूर शामिल करे। यह बात रिसर्च से प्रमाणित हो चुकी हैं की ग्रीन टी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो गठिया पैदा करने वाले एंजाइम को नष्ट करने का काम करते हैं। इसलिए गठिया के मरीजों को ग्रीन टी जरूर पीना चाहिए। अगर आप गठिया के मरीज़ नहीं हैं तो भी आपको ग्रीन टी पीनी चाहिए, इससे आपको भविष्य में आर्थराइटिस की बीमारी होने की आशंका काफी कम हो जाएगी।

6.  साँसों की बदबू दूर करे

ग्रीन टी में ऑक्सीकरण रोधी polyphenols पाए जाते हैं जो मूंह में से उन तत्वो को नष्ट कर देते हैं जो साँसों से दुर्गन्ध को पैदा करने के लिए जिम्मेवार होते हैं। यानी की मूंह से बदबू आने की समस्या से परेशान लोगो के लिए ग्रीन टी एक अच्छा उपाय हैं।

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7. कैंसर से बचाए

ग्रीन टी के सेवन से कैंसर होने का खतरा काफी कम हो जाता हैं। ग्रीन टी कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता हैं। ग्रीन टी मूंह के कैंसर से बचने में विशेषकर उपयोगी होता हैं। इसके अलावा ग्रीन टी को नियमित रूप से पीते रहने पर आपको मूत्राशय और पाचन नली के कैंसर होने का खतरा भी काफी कम हो जाता हैं।

8. दिमाग के लिए फायदेमंद

ग्रीन टी बॉडी में मेटाबोलिक रेट को बढ़ाता हैं, जिससे यह ब्रेन सेल्स को डैमेज होने से रोकता हैं। इसलिए ग्रीन टी पीने से याददाश्त तेज़ बनती हैं, जिन लोगो को भूलने की बीमारी यानि की अल्जाइमर या पार्किसन हैं, उन्हें ग्रीन टी जरूर पिलाना चाहिए। ग्रीन टी दिमागी विकास के लिए बहुत ही फायदेमंद हैं।

9. स्किन के लिए फायदेमंद

ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो स्किन को फ्री रेडिकल्स सेल्स से बचाते हैं। फ्री रेडिकल्स सेल्स की वजह से आपकी त्वचा पर झुर्रियां और बुढ़ापा आता हैं। इसलिए रोजाना ग्रीन टी पीने से आप लम्बी उम्र तक जवां बने रह सकते हैं। ग्रीन टी को पीने से स्किन चमकदार और सुन्दर बनती हैं।

10. ब्लड शुगर लेवल कण्ट्रोल में रखे

ग्रीन टी शरीर में ग्लूकोज के लेवल को कण्ट्रोल में रखता हैं, इसके अलावा यह इंसुलिन दवा के साइड-इफ़ेक्ट को कम करने में मददगार होता हैं। ग्रीन टी को पीने से यह न सिर्फ टाइप 1 डायबिटीज को कम करता हैं, बल्कि इसके सारे साइड-इफ़ेक्ट को कम करता हैं।

11. मोटापा कम करे

अगर आप मोटापे से परेशान हैं और अपना वजन कम करना चाहते हैं तो ग्रीन टी सबसे अच्छा विकल्प साबित हो सकता हैं। भोजन करने के 1 घंटे बाद ग्रीन टी पीने से पाचन शक्ति बढ़ती हैं। ग्रीन टी में कैफीन होता हैं जो कैलोरी को बर्न करने की स्पीड को बढ़ा देता हैं। जिससे आपका वजन कम होने लगता हैं।

ग्रीन पीने के नुकसान – 

जैसा की आपको पता ही हैं की कुदरत ने ऐसे नियम बनाये हैं, जिसके कारण कुछ चीजों के जहाँ फायदे होते हैं, वहीँ उन्ही चीजों के कुछ नुकसान भी होते हैं। तो भला ग्रीन टी भी इससे अलग कैसे हो सकती हैं। किसी भी चीज़ का इस्तेमाल एक लिमिट में करने से ही आपको लाभ हो सकते हैं, लेकिन अगर आप उसे ज्यादा मात्रा में लेते हैं तो इससे आपको नुकसान ही होगा। आइये जानते हैं जरूरत से ज्यादा मात्रा में ग्रीन टी पीने से सेहत को क्या क्या हानि होती हैं।

■ आयरन की कमी होना

ग्रीन टी आयरन को सोखती हैं, जिससे आपके शरीर में आयरन की कमी हो सकती हैं। इसलिए खून की कमी यानि की एनीमिया की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए।

■ कैफीन की ज्यादा मात्रा होना

ग्रीन टी को कभी भी गाढ़ा करके नहीं पीना चाहिए। क्योंकि इसमें ज्यादा मात्रा में कैफीन और polyphenols होते हैं। वैसे तो इसमें ज्यादा कैफीन नहीं होता हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा ग्रीन टी पीने से हार्ट बीट रेट तेज़ हो जाता हैं, इससे आपको नींद न आने की समस्या हो सकती हैं। इसके अलावा ग्रीन टी के ज्यादा सेवन से आप चिडचिडे भी हो सकते हैं।

ग्रीन टी को पीने से पहले जान ले यह सावधानियां और इसे पीने के तरीके :-

ग्रीन टी कितना पीना चाहिए?

कोई भी चाय हो वह कभी भी ज्यादा नहीं पीना चाहिए। चाहे ग्रीन टी ही क्यों न हो। एक आदमी को 1 दिन में 6 कप से ज्यादा ग्रीन टी को नहीं पीना चाहिए। अगर आप स्वस्थ्य रहना चाहते है तो दिन में 3 से 4 कप ग्रीन टी पीने की सलाह दी जाती हैं।

ग्रीन टी की पत्तियों को दुबारा इस्तेमाल न करे

कई बार आप भी नार्मल चाय की पत्तियों को दुबारा इस्तेमाल कर लेते हैं और फिर उसी चाय की पत्तियों से दुबारा चाय बना लेते हैं। लेकिन ग्रीन टी की पत्तियों से कभी भी दुबारा चाय नहीं बनानी चाहिए। क्योंकि अगर पहले से इस्तेमाल की जा चुकी ग्रीन टी की पत्तियों से आप दुबारा से चाय बनाते हैं तो इसमें कैंसर पैदा करने वाले पदार्थ पैदा हो जाते हैं। इसलिए कभी भी इस्तेमाल की गयी ग्रीन टी की पत्तियों को दुबारा से इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

ताज़ी ग्रीन टी को ही पीना चाहिए

हमेशा याद रखे जब भी आप ग्रीन टी पिए तो यह ताज़ी हो यानी की तुरंत ही बनाई गयी हो। ग्रीन टी को ठंडा होने के बाद फिर से गर्म करके पीने से इसमें पाए जाने वाले तत्व नष्ट हो जाते हैं। जिससे आपकी पाचन क्रिया पर बुरा असर पड़ता हैं। इसलिए ग्रीन टी को बनाने के बाद तुरंत ही इसे पी जाना चाहिए।

ग्रीन टी में दूध न मिलाये

ग्रीन टी को हमेशा पानी में उबाल कर ही पीना चाहिए। इसमें कभी भी दूध नहीं मिलाना चाहिए। क्योंकि दूध के साथ मिक्स हो जाने पर यह आपके शरीर में कैल्शियम के समावेश होने से रोकती हैं।

दवाई के साथ न पिए

ग्रीन टी में ऐसे तत्व भी हो सकते हैं, जो आपकी दवाई के साथ मेल न खाते हो। इसलिए ग्रीन टी पीते समय कभी कोई दवाई नहीं खानी चाहिए। किसी भी दवाई को कभी भी ग्रीन टी के साथ नहीं लेना चाहिए।

ग्रीन टी पीने का सही समय क्या हैं?

ग्रीन टी को कभी भी खाना खाने से तुरंत पहले या तुरंत बाद नहीं पीना चाहिए। ग्रीन टी में ऐसे पदार्थ भी होते हैं जो कैल्शियम के समावेश होने से रोकते हैं। जिससे हमारे शरीर में कैल्शियम और आयरन की सप्लाई नहीं हो पाती हैं। इसलिए कभी ही खाना खाने के तुरंत बाद या खाना खाने से तुरंत पहले ग्रीन टी नहीं पीना चाहिए। अगर आप ग्रीन टी पीना चाहते हैं तो भोजन के 1 घंटा पहले या 1 घंटा बाद ही इसे पिए।

न ज्यादा गर्म और न ही ज्यादा ठण्डा

ग्रीन टी को सही टेम्परेचर के साथ न पीने पर यह पेट के लिए नुकसानदायक होती हैं। ग्रीन टी को बनाते समय इस बात का ध्यान रखे की एकदम से उबले पानी में ग्रीन टी की पत्तियां न डाले। क्योंकि उबले हुए पानी में ग्रीन टी की पत्तियां डालने से यह चाय आपको एसिडिटी की समस्या दे सकती हैं।

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