जानिए अगरबत्ती का धुँआ सेहत के लिए कैसे होता हैं हानिकारक।

जानिए अगरबत्ती का धुँआ सेहत के लिए कैसे होता हैं हानिकारक।

भारतीय लोग पूजा के दौरान अगरबत्ती का इस्तेमाल जरूर ही करते हैं। लेकिन एक रिसर्च के मुताबिक़ अगरबत्ती का धुँआ सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता हैं। दरअसल अगरबत्ती के धुएं में पॉलीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन होता हैं, जिसकी वजह से अगरबत्ती के धुएं में ज्यादा देर तक रहने वाले लोगो या पुजारियों को फेफड़ों का कैंसर, सिरदर्द, खांसी और अस्थमा होने का खतरा ज्यादा रहता हैं।

जब भी आप घर में सुगंध वाली अगरबत्ती जलाते हैं तो इससे एयर पॉल्यूशन भी होता हैं। अगरबत्ती के धुएं से कार्बन मोनोऑक्साइड निकलता हैं। ऐसे में पूजा करते समय ज्यादा मात्रा में अगरबत्ती न जलाये। और हो सके तो बंद कमरे में अगरबत्ती बिलकुल भी न जलाए। क्योंकि बंद कमरे में अगरबत्ती जलाने से धुंआ एक जगह इकट्ठा हो जायेगा, जो फेफड़ों में जाकर उन्हें नुकसान पहुंचाएगा। आइये जानते हैं अगरबत्ती के धुएं से सेहत को होने वाले नुकसान के बारे में।

अगरबत्ती के धुएं से स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान :-

1)  श्वसन कैंसर होने का ख़तरा

आपको जानकर हैरानी होगी की अगरबत्ती के धुएं की वजह से श्वसन मार्ग में कैंसर भी हो सकता हैं। ज्यादा देर तक अगरबत्ती के धुएं में रहने से उपरी श्वास नलिका में कैंसर होने की सम्भावना रहती हैं। इसके अलावा जो लोग स्मोकिंग करते हैं और अगरबत्ती के धुएं में भी रहते हैं, उनको स्मोकिंग न करने वाले लोगो के मुकाबले श्वसन मार्ग में कैंसर होने का खतरा कंही ज्यादा रहता हैं।

2) दिल के लिए हानिकारक

ज्यादा देर तक और लम्बे समय तक अगरबत्ती के धुएँ को सांस के द्वारा लेते रहने से दिल की बिमारियां से मौत होने का खतरा 10 से 12% तक बढ़ जाता हैं। इसकी वजह यह हैं की अगरबत्ती के धुएं में वाष्पशील कार्बनिक यौगिक और कणिका तत्व पाए जाते है जो ब्लड वेसल्स की सूजन को बढ़ा देते हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन पर बुरा असर पड़ता हैं और दिल की बीमारियाँ होने की आशंका ज्यादा बढ़ जाती हैं।

3) अस्थमा की प्रॉब्लम होना

अगरबत्ती के धुएँ में कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन, सल्फर डाईऑक्साइड और फॉर्मल्डेहाईड पाए जाते हैं। जिसकी वजह से ज्यादा देर तक अगरबत्ती के धुएं में रहने वाले लोगो को सांस से सम्बन्धित बीमारियाँ जैसे की अस्थमा यानि दमा हो सकता हैं। साँस लेते समय अगरबत्ती का धुआं फेफड़ो में जाता हैं, वह स्मोकिंग के दौरान फेफड़ो में जाने वाले धुएँ के जितना ही हानिकारक होता हैं।

4) बॉडी में टोक्सीन्स को जमा करे

रिसर्च बताते हैं की अगरबत्ती को जलाने से सेहत के लिए हानिकारक धुँआ पैदा होता हैं। इस धुएं में आयरन, मैग्नीशियम और लेड होता हैं जो शरीर में toxins की मात्रा को बढ़ा देते हैं। अगरबत्ती के धुएं में ज्यादा देर तक रहने से खून में भी खराबी आ सकती हैं।

5) कफ और छींक की प्रॉब्लम होना

रिसर्च के अनुसार अगरबत्ती का धुँआ सेहत के लिए हानिकारक हैं। घर के अंदर अगरबत्ती जलाने से वायु प्रदूषण होता हैं, खास करके कार्बन मोनोऑक्साइड। जिसकी वजह से फेफड़ो के सेल्स में सूजन आ सकती हैं और सांस से सम्बंधित परेशानियां हो सकती हैं। जब सांस के जरिये जरूरत से ज्यादा मात्रा में अगरबत्ती का धुँआ बॉडी में प्रवेश कर जाता हैं तो कई सारे लोगो को इससे कफ और छींक आने की समस्या हो सकती हैं।

6) नर्वस सिस्टम पर गहरा असर

नियमित रूप से ज्यादा देर तक अगरबत्ती के धुएं में रहने से सिरदर्द, भूलने की बीमारी और फोकस करने में परेशानी होना जैसी समस्याएं होने लगती हैं। खून में विषैले गैस की मात्रा बढ़ने से ब्रेन सेल्स पर बुरा असर पड़ता हैं। जिसकी वजह से नर्वस सिस्टम प्रभावित होता हैं।

7) स्किन और आँखों में एलर्जी होना

अगरबत्ती के धुएं में रहने से खास करके बच्चों और बूढों की आँखों में जलन होने लगती हैं। इसके अलावा सेंसटिव स्किन वाले लोग अगर अगरबत्ती से निकलने वाले धुएं में ज्यादा देर तक रहते हैं तो उनकी स्किन पर खुजली होने लगती हैं।

सारांश :- माना की अगरबत्ती का धुँआ सेहत के लिए हानिकारक हैं। लेकिन यह तब स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बन जाता हैं, जब आप नियमित रूप से रोजाना काफी देर तक अगरबत्ती के धुएं में रहते हैं। जैसे की अगर कोई व्यक्ति प्रतिदिन 20 से 25 मिनट तक अगरबत्ती के धुएं में रहता हैं तो उसको नुकसान हो सकता हैं। लेकिन अगर आप कुछ मिनट जैसे की 5 मिनट तक अगरबत्ती के धुएं के सम्पर्क में रहते हैं तो आपको कोई खास हानि नहीं हो पाती हैं। ऐसा भी बिलकुल नहीं हैं की अगरबत्ती के धुएं में देर तक रहने से आपको कुछ ही दिनों में कैंसर आदि जैसी बीमारियाँ हो जाये। जैसा की 20-25 मिनट तक रहने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा हैं, यह नुकसान आपको तब होगा जब आप लगातार 20 से 25 मिनट अगरबत्ती के धुएं में 10-15 साल तक रहते हैं और तब जा कर आपको समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

रिसर्च के अनुसार अगर आप स्मोकिंग भी करते हैं और अगरबत्ती के धुएं में चाहे कम ही समय तक ही क्यों न रहे, तब आपको ज्यादा नुकसान होता हैं। लेकिन अगर आप धुम्रपान नहीं करते हैं और अगरबत्ती के धुएं में 4-5 मिनट तक रहते हैं तो आपको कोई खास नुकसान होता ही नहीं हैं। वैसे अगरबती के धुएं में फेफड़ो को नुकसान पहुचाने वाला एक तत्व पॉलीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन पाया जाता हैं, जबकि स्मोकिंग के धुएं में फेफड़ो को नुकसान पहुचाने वाले 45 तत्व पाए जाते हैं। यानी की अगरबत्ती का धुंआ स्मोकिंग से ज्यादा नुकसानदायक तो नहीं हैं, लेकिन फिर भी इसके सम्पर्क में ज्यादा समय तक नहीं रहना चाहिए, वर्ना आपको उपरोक्त बताई गयी समस्याएँ हो सकती हैं।








इन्हें भी जरूर पढ़े...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *