जानिए फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के बारे में रोचक तथ्य.

जानिए फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के बारे में रोचक तथ्य.

हमारे लीजेंड एथलीट मिल्खा सिंह के जीवन पर बनी फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ की सब जगह प्रशंसा हुयी। मिल्खा सिंह की लाइफ से हम जज्बे और जुनून का सबक ले सकते हैं। आइए जाने मिल्खा सिंह के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारियां.  जानिए फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह के बारे में रोचक तथ्य और जानकारी. Interesting facts about Flying  Sikh Milkha Singh in Hindi.

-17 अक्टूबर, 1935 को पंजाब के लायलपुर (तब फैसलाबाद) में जन्मे मिल्खा सिंह ने 12 साल की उम्र में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद भड़के दंगों में अपने माता-पिता को खो दिया और भागकर दंगाइयों से खुद की जान बचाई। इसके बाद वे भारत आ गए।

-वे अपने गांव से 10 किलोमीटर दूर कोट अड्डू तहसील के स्कूल तक पैदल पढ़ने जाते थे।

-वे भारतीय सेना में जाना चाहते थे, लेकिन तीन बार उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया।

-उन्होंने 1951 में सिकंदराबाद में ईएमई सेंटर ज्वाइन किया। यहीं पर एथलीट के तौर पर उनका टैलेंट सामने आया। वहां वे अक्सर गुजरने वाली ट्रेनों के साथ रेस लगाते। वे अक्सर रात में प्रैक्टिस करते।

रेस की दुनिया

-1958 में उन्होंने एशियन गेम्स में 200 और 400 मीटर दोनों में गोल्ड मेडल जीता। उसी साल कार्डिफ कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल लेकर स्वतंत्र भारत के पहले कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट बन गए।

-1960 में रोम ओलंपिक में हीरो रहने के बावजूद मात्र 0.1 सेकेंड के अंतर से उन्होंने कांस्य पदक गंवा दिया, जिसकी कसक उनके मन में आज तक है।

-1960 में उन्हें पाकिस्तान ने आमंत्रित किया। विभाजन की कड़वी यादों के कारण वह वहां नहीं जाना चाहते थे, पर बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा समझाने पर उन्होंने चुनौती स्वीकार की और अब्दुल खालिक को हरा दिया। जब वहां के राष्ट्रपति जनरल अयूब खान ने उन्हें पदक दिया, तो कहा – आप तो दौड़ते नहीं, बल्कि उड़ते हैं। तब से उन्हें द फ्लाइंग सिख कहा जाने लगा।

-1958 में उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया।

-खेल से रिटायरमेंट लेने के बाद मिल्खा पंजाब में स्पो‌र्ट्स के डायरेक्टर बने।

-मिल्खा ने लाइफटाइम अर्जुन अवार्ड ठुकरा दिया था।

-मिल्खा सिंह विश्व भर के आयोजनों में कुल 80 रेस में दौड़े और 77 में जीते। उन्हें अमेरिका द्वारा 1959 में हेल्म्स व‌र्ल्ड ट्रॉफी दी गई।

पान सिंह तोमर से कनेक्शन

-एक और एथलीट पान सिंह तोमर, जिन पर तिग्मांशु धूलिया ने फिल्म बनाई है, वह मिल्खा सिंह के जूनियर थे।

-लंबी दूरी की रेस में मिल्खा सिंह ने पान सिंह तोमर को हराया था।

जीवन पर फिल्म

‘ राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने ‘भाग मिल्खा भाग’ नाम से फिल्म बनाई है, जिसमें इस लीजेंड धावक की भूमिका फरहान अख्तर ने निभाई है। ‘ मिल्खा सिंह ने अपनी बायोग्राफी मात्र एक रुपये में राकेश मेहरा को दी। ‘ उन्होंने फिल्मकारों से वादा लिया कि फिल्म के प्रॉफिट का दस फीसद मिल्खा सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट को दिया जाएगा।

-उनका दावा है कि उन्होंने 1968 के बाद कोई फिल्म नहीं देखी, जब उन्होंने भाग मिल्खा भाग देखी तो उनकी आंखों में आंसू थे।

-मिल्खा सिंह ने आटोबायोग्राफी ‘द रेस ऑफ माई लाइफ’, अपनी बेटी के साथ लिखी है.








इन्हें भी जरूर पढ़े...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *