जानिए www वर्ल्ड वाइड वेब के बारे में.

जानिए www वर्ल्ड वाइड वेब के बारे में.

पलक झपकते ही दुनिया के एक से दूसरे कोने तक जोड़ने वाले इंटरनेट के बारे में तुम जरूर जानते होगे, क्या तुम्हें पता है इंटरनेट की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला व‌र्ल्ड वाइड वेब  27 साल का हो गया  है। इसकी वजह से दुनियाभर में इंटरनेट की पहुंच आसान हुई है। हालांकि व‌र्ल्ड वाइड वेब से पहले ही इंटरनेट आ चुका था। आओ तुम्हें बताते हैं-कैसे क्रिएट हुआ व‌र्ल्ड वाइड वेब और इसके पीछे किसका था ब्रेन..

क्या है व‌र्ल्ड वाइड वेब?

WWWयानी व‌र्ल्ड वाइड वेब को W3 या वेब के नाम से भी जाना जाता है। इंटरनेट पर दुनियाभर में हजारों-लाखों कंप्यूटर्स पर संग्रहित लाखों-लाख डॉक्यूमेंट्स को एक्सेस करने का यह एक आर्किटेक्चरल फ्रेमवर्क है। दरअसल, यह एक ऐसी तकनीक है, जिसकी वजह से दुनियाभर के कंप्यूटर्स एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। व‌र्ल्ड वेब एचटीएमएल, एचटीटीपी, वेब सर्वर और वेब ब्राउजर तकनीक पर आधारित है।

WWW की हिस्ट्री

-CERN यानी यूरोपियन ऑर्गेनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च (सर्न) के बारे में तुम जरूर जानते होगे। यहींपर लार्ज हैड्रन कोलाइडर के जरिए ब्रह्मांड के अनसुलझे रहस्य को सुलझाने की कोशिश की गई। WWW के जनक कहे जाने वाले ब्रिटिश इंजीनियर टिम बर्नर्स-ली सर्न में ही सॉफ्टवेयर कंसल्टेंट के रूप में कार्य करते थे।

-मार्च1989 में टिम बर्नर्स-ली ने सर्न में ‘इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट : ए प्रपोजल’ और ‘हायपर टेक्स्ट’ के बारे में लिखा। यही प्रपोजल बाद में व‌र्ल्ड वाइड वेब बना।

-1990 ने टिम बर्नर्स-ली ने व‌र्ल्ड वाइड वेब, एचटीएमएल (हायपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज) और टेक्स्ट बाउजर का आविष्कार किया। उन्होंने स्टीव जॉब्स के नेक्स्ट कंप्यूटर का इस्तेमाल ग्लोबल हायपर टेक्स्ट सिस्टम और हायपर टेक्स्ट ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (जीयूआई) ब्राउजर को क्रिएट करने के लिए किया।

-इसमें सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल किया गया था और कोड लिखने में तीन महीने का वक्त लगा था।

-पहली बार इंटरनेट पर इसका प्रदर्शन 1990 में क्रिसमस के दिन बर्नर्स-ली और को-डेवलपर रॉबर्ट कैल्लिअउ द्वारा किया गया।

-WWW नाम से पहले इंफॉर्मेशन मेश, माइन ऑफ इंफॉर्मेशन और इंफॉर्मेशन माइन नाम रखने पर विचार किया गया था।

 

पहला वेब पेज

-30 अप्रैल,1993 को सर्न नेWWW को दुनिया के लिए नि:शुल्क घोषित किया।

-WWWमें बड़ा बदलाव ‘मोजेक’ वेब ब्राउजर के आने के बाद शुरू हुआ। इसके आविष्कार थे मार्क एंड्रिसेन, एरिक बिना व अन्य।

-Er2ise वेब ब्राउजर को अप्रैल 1992 में किम नेयबर्ग, तीमू रंतानेन, कटी साउमिने और कारी साइडानमानलाका ने डेवलप किया था।

-Viola222वेब ब्राउजर को कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट पेई यूआन वेई ने 1992 में डेवलप किया था।

 

वेब व‌र्ल्ड के 6 सुपर स्टार

टिम बर्नर्स-ली : व‌र्ल्ड वाइड वेब के जनक

ब्रिटिश कंप्यूटर साइंटिस्ट व‌र्ल्ड वाइड वेब का जनक कहा जाता है। उन्होंने पहली बार 1990 में इंटरनेट के जरिए हायपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकोल (एचटीटीपी) क्लाइंट और सर्वर के बीच कम्युनिकेशन में सफलता पाई थी।

रॉबर्ट कैल्लिअउ : मैक वेब ब्राउजर के पहले डेवलपर

बर्नर्स-ली के साथ सर्न में काम करने वाले कंप्यूटर साइंटिस्ट रॉबर्ट कैल्लिअउ मैक ऑपरेटिंग सिस्टम वेब ब्राउजर डेवलप करने वाले पहले साइंटिस्ट हैं। इसे टंङ्घहहह कहा जाता है।

विंट सर्फ : कॉमर्शियल ईमेल सिस्टम के पहले डेवलपर

विंट सर्फ को फादर ऑफ इंटरनेट भी कहा जाता है। पहली बार कॉमर्शियल इमेल सिस्टम को इंटरनेट से कनेक्ट करने का श्रेय इन्हें ही जाता है। फिलहाल गूगल के वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत हैं।

मार्क एंड्रिसेन : पहले वेब ब्राउजर के क्रिएटर मोजेक के को-ऑथर के रूप में भी जाने जाते हैं। शुरुआत में इनके द्वारा बनाए गये वेब ब्राउजर मोजेक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता था।

जेम्स गोजलिंग : जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के आविष्कारक कनाडा के कंप्यूटर साइंटिस्ट गोस्लिंग जावा प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के आविष्कारक हैं। वेब में इस्तेमाल होने वाला यह सबसे पॉपुलर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है।

लैरी पेज और सर्गी ब्रिन : गूगल के फाउंडर दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन के फाउडंर हैं। यूजर कीवर्ड के जरिए इंफॉर्मेशन हासिल कर सकते हैं।






इन्हें भी जरूर पढ़े...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *