जामुन के बीज का पाउडर कैसे बनाए?

जामुन के बीज का पाउडर कैसे बनाए?

जामुन खाने में जितना स्वादिष्ट लगता हैं, सेहत के लिए भी उतना ही ज्यादा फायदेमंद होता हैं। डायबिटीज के मरीजों के लिए जामुन बहुत ही लाभकारी फल हैं। जामुन के बीज का पाउडर भी डायबिटीज के उपचार में इस्तेमाल किया जाता हैं।

जामुन के बीजों से तैयार किये गये चूर्ण को मधुमेह की बीमारी को ख़त्म करने के अलावा, यूनानी और चीनी दवाओं में डाइजेशन की समस्या को दूर करने के लिए भी किया जाता हैं। जामुन के पत्तों और इसकी छाल का इस्तेमाल ब्लड शुगर और मसूड़ो की सूजन, दांतों की झंझनाहट आदि को कम करने के लिए भी किया जाता हैं। जामुन में विटामिन ए और सी भी बहुत ज्यादा मात्रा में पाए जाते हैं।

आज हम आपको जामुन के बीज का पाउडर बनाने के तरीके के बारे में आपको बताने जा रहे हैं। जामुन के बीजों का चूर्ण बनाने के लिए 2 तरीके हैं। एक तरीका हैं जामुन के बीजो को धूप में सुखाकर पाउडर तैयार करना और दूसरी विधि में इन बीजो को आग में भूनकर पाउडर बनाना हैं।

जामुन के गीले बीजो को आग में भूनकर पाउडर बनाने की विधि :-

जामुन को खाने के बाद जो बीज निकलते हैं, उन ताज़ा बीजों को सिर्फ पानी में धो ले। फिर एक कढाई को गर्म करे और उसमे इन बीजों को अच्छी तरह से भून ले। इसके बाद इन बीजो को बारीक पीसकर पाउडर बना ले। इस पाउडर को कंटेनर में रख ले। रोजाना सुबह खाली पेट एक चम्मच जामुन के पाउडर की खाए।

जामुन के बीजों को धूप में सुखा कर पाउडर बनाने का तरीका :-

जामुन को खाने के बाद अच्छी तरह से इसके बीजों को पानी में धो ले। फिर उन्हें धूप में सूखा ले। सूखने के बाद इनका छिलका उतार ले। बीज आपको अंदर से पिस्ता की तरह दिखाई देने लगेगा।

आप चाहे तो छिलके का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सूखने के बाद बीज हार्ड हो जाते हैं। इसलिए ऐसी मिक्सी का इस्तेमाल करे जो हार्ड से हार्ड चीजों को पीसकर पाउडर बनाने मे सक्षम हो। इसके अलावा बीजों को पीसने से पहले उनके छोटे-छोटे टुकड़े कर ले, ताकि मिक्सी के ब्लेड खराब न हो सकते। फिर आप इनका पाउडर बना ले और इस पाउडर को कंटेनर में रख कर स्टोर करले। सुबह खाली पेट 1 चम्मच मात्रा में इस जामुन के बीजों के पाउडर का सेवन करे।








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