जामुन खाने के फायदे और नुकसान.

jamun khane ke fayde aur nuksan. Benefits & Side-effects of Jamun in Hindi.

जामुन बहुत ही स्वादिष्ट फल होता हैं, जिसे खाने के बहुत ज्यादा फायदे होते हैं. लेकिन कुदरत ने कुछ ऐसे नियम और कायदे बनाये हैं की किसी भी वस्तु के कुछ फायदे हैं तो उसी ही चीज़ के कुछ नुकसान भी होते हैं. आज हम जानेंगे की जामुन खाने के क्या फायदे और नुकसान हैं. Benefits & Side-effects of Jamun in Hindi.

गर्मियो के मौसम में मिलने वाला टेस्टी फ्रूट जामुन सेहत के लिए फायदेमंद तो होता ही हैं, यह कई प्रकार के बीमारियो में भी कारगर हैं. जामुन पेट दर्द, पेट में मरोड़ और यूरिन से रिलेटेड कई प्रॉब्लम्स से राहत दिलवाता हैं. इसके अलावा जामुन के विनिजर का उपयोग डायरिया, क़ब्ज़ और एसिडिटी को दूर करने के लिए भी किया जाता हैं. इसमे मौज़ूद पॉलीफेनोलिक तत्व का इस्तेमाल कैंसर, दिल की बीमारियो, डायबिटीज, अस्थमा और आर्थराइटिस के इलाज में होता हैं. जामुन को जामुन,जम्बुल,जम्बू,राजमन, जावा पल्म आदि कई नामो से जाना जाता हैं.

जामुन खाने के लाभ और फायदे

डायबिटीज से राहत

जामुन के साथ इसकी पत्तियो में मौज़ूद एंटी-डायबिटिक तत्व डायबिटीज के रोगियो के लिए बहुत ही कारगर हैं. जामुन स्टार्च को एनर्जी में बदल कर शुगर लेवल को कंट्रोल करता हैं. गर्मियो के मौसम में रोजाना इसका सेवन करना बहुत ही फायदेमंद होता हैं. रिसर्च में यह बात सामने आई हैं की जामुन के बीज में अल्कोहल की कुछ मात्रा मौज़ूद होती हैं. इसे सूखा कर खाना डायबिटीज के मरीज़ो के लिए बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं.

पेट के छाले दूर होते हैं

जामुन खाने से पेट की कई बीमारियो में राहत मिलती हैं. जामुन की पत्तियो को अच्छे से चबा कर खाने से डायरिया और पेट के छालो से छुटकारा मिलता हैं. कई सारे आयुर्वेदिक फायदों से भरपूर हैं जामून का फल. यह लिवर डैमेज की प्राब्लम को भी दूर करता हैं. इसमे मौज़ूद बायो-केमिकल और फाइट-ओ-केमिकल तत्व जैसे पॉलीफेनोल कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं. काले नमक और भुने जीरे के साथ इसके बीज का पाउडर खाने से एसिडिटी में राहत मिलती हैं.

त्वचा की रंगत बरकरार रखने में

जामुन के बीजो का इस्तेमाल पिंपल्स की समस्या को दूर करने के लिए किया जाता हैं. बीजो को पीस कर इसमे थोड़ा दूध मिला कर पेस्ट तैयार करे. रात को सोने से पहले इसे चेहरे पर लगा ले और सुबह उठकर इसे पानी से धो ले. 5-6 दिन तक लगातार इस्तेमाल करते ही आपको फ़र्क नज़र आना शुरू हो जाएगा. ऑयली स्किन के लिए जामुन का गुदा, आंवले का जूस और गुलाब जल को एक साथ मिला कर लगाना चाहिए. इससे ना सिर्फ़ पिंपल्स, बल्कि स्किन के दाग-धब्बे भी दूर होते हैं.

खून की कमी को दूर करता हैं

जामुन में विटामिन सी की भरपूर मात्रा मौजूद होती हैं. साथ ही इसमे आयरन भी होता हैं, जो खून की कमी को दूर करता हैं. यह ब्लड प्यूरिफाइ भी करता हैं. जिन लोगो को खून की कमी या एनेमिया की शिकायत हो, उनके लिए जामुन का सेवन करना फायदेमंद होता हैं.

ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद

जामुन की पत्तियो का एंटी-बैक्टीरियल गुण दांतो और मसूड़ो को मजबूत बनता हैं. साथ ही गले की कई तरह की प्रॉब्लम्स को भी दूर करता हैं. पेट के छालो से जूझ रहे मरीज़ो को जामुन खाना बहुत ही लाभदायक होता हैं. ब्रश करने पर मसूड़ो से खून निकालने की समस्या आम बात हैं. इससे कई तरह के इन्फेक्शन भी हो जाते हैं. जामुन खाने से ये समस्या नही होती हैं. इसलिए डॉक्टर के पास जाने से बचने के लिए आज से ही जामुन खाना शुरू कर दीजिए.

हेल्दी हार्ट के लिए

खाने-पीने की लापरवाही और भोजन में कोलेस्टरॉल की ज़्यादा मात्रा दिल के लिए बहुत ही ख़तरनाक होती हैं. जामुन में पोटैशियम की अच्छी-ख़ासी मात्रा मौज़ूद होती हैं. इसके प्रति 100 ग्राम में 55 mg पोटैशियम होता हैं, हार्ट के साथ ही ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता हैं और हीट स्ट्रोक से बचाता हैं. रोजाना इसके सेवन से आर्टरीस के हार्ड होने की संभावना नही रहती हैं.

जामुन के ज़्यादा सेवन से होने वाले नुकसान (जामुन के नुकसान)

• गर्भवती महिलाओं और दूध पीलाने वाली माओं को जामुन का सेवन नही करना चाहिए.

• खाली पेट जामुन खाना ख़तरनाक साबित हो सकता हैं.

• जामुन खाने के तुरंत बाद दूध पीने से बचना चाहिए.

• ज़्यादा मात्रा में जामुन खाने से दर्द और बुखार जैसी समस्याएँ पैदा हो सकती हैं. इसके साथ ही यह गले और सीने के लिए भी नुक़सानदायक हैं.

• बहुत मात्रा में जामुन खाने से खाँसी हो जाती हैं और यह फेफड़े के लिए बहुत ही नुकसानदेह साबित होती हैं.

• जामुन ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करता हैं, इसलिए किसी भी तरह की सर्जरी के बाद जामुन खाने से बचना चाहिए.








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