टी.बी. के लिए उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय।

टी.बी. के लिए उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय।

टी.बी. बहुत ही खतरनाक बीमारी हैं। आज भी हमारी बादकिस्मती हैं की हर 2 मिनट में एक व्यक्ति की मौत टी.बी. के कारण होती हैं। टी.बी. एक ऐसी बीमारी हैं जिससे हमारे देश के कामकाजी और युवा लोग प्रभावित हैं। इस बिमारी को लेकर जागरूकता की जरूरत हैं। आज हम आपको टी.बी. के उपचार के लिए कुछ उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय बताएँगे।

अगर टी.बी. का इलाज नहीं किया गया तो इससे मरीज़ की मौत भी हो सकती हैं। दुनिया भर में 24 मार्च को टी.बी. दिवस  के रूप में मनाया जाता हैं। कोई भी घरेलु इलाज और नुस्खा तभी कामयाब होता हैं जब आप कुछ परहेज़ करते हैं और नियमित बताई गयी दवाई का सेवन करते हैं।

अगर टी.बी. की बीमारी ज्यादा बढ़ गयी हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाये और जांच करवाए। 2 हफ्तों से ज्यादा खांसी टी.बी. हो सकती हैं। वैसे तो सरकारी हॉस्पिटल आदि में Dots का कोर्स करके टी.बी. को जड़ से ख़त्म किया जा सकता हैं। लेकिन जब लोग डॉट्स का कोर्स करते हैं तो वह कोर्स को अधुरा ही छोड़ देते हैं, जिससे उनकी टी.बी. ख़त्म ही नहीं हो पाती हैं। इसलिए इसका कोर्स जरूर पूरा करना चाहिए।

आज हम आपको कुछ ऐसे उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय भी बताने जा रहे हैं जो टी.बी. के मरीजों को लाभ पंहुचा सकते हैं।

टी.बी. के लिए घरेलु नुस्खे और उपाय :-

आंवला

आंवले के सेवन से शरीर को पोषण मिलता हैं और शरीर मजबूत बनता हैं। इसके जूस में 1 चम्मच शहद मिला कर खाली पेट रोजाना पीने से यह बीमारी दूर होने लगती हैं।

सहजन

सहजन टी.बी. को पैदा करने वाले बैक्टीरिया को नष्ट करता हैं। यह फेफड़ो की सूजन और इन्फेक्शन को भी दूर करता हैं। इसके लिए सहजन की मुट्ठी भर पत्तियों को 1 कप पानी में 5 मिनट के लिए उबालिए, फिर ठण्डा करके इसमें स्वादानुसार नमक, मिर्च और निम्बू निचोड़ कर मरीज़ को पिलाये। इसे प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीने से टी.बी. में फायदा होता हैं। इसके अलावा रोजाना उबले हुए सहजन को खाने से भी आराम मिलता हैं।

केला

केले में कैल्शियम पाया जाता हैं जो टी.बी. के मरीजों की इम्युनिटी को बढ़ाता हैं। यह कफ और बुखार को दूर करता हैं। टी.बी. के मरीजों को रोजाना 1 गिलास कच्चे केले का जूस जरूर पीना चाहिए।

पुदीना

पुदीने में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो कफ को दूर करते हैं। इसके सेवन से फेफड़े भी ख़राब नहीं होते हैं। आधे कप गाजर के जूस में 1 चम्मच पुदीने का रस, 2 चम्मच शहद और 2 चम्मच शुद्ध सिरका मिलाये और इस मिश्रण को 3 हिस्सों में बाँट कर हर एक घंटे में पीजिये।

लहसुन

लहसुन बैक्टीरिया को नष्ट करता हैं। यह एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरा हुआ हैं। लहसुन को खाने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैं। आप इसे चाहे कच्चा खाए या पका कर खाए यह हर तरीके से फायदेमंद होता हैं। टी.बी. में आप 10 लहसुन की कलियों को एक कप दूध में उबालिए, फिर उबली हुयी कलियों को चबा-चबा कर खा ले। और इसके बाद दूध को पी ले। ऐसा कुछ दिनों तक करे। पानी न पिए वर्ना यह असर नहीं करेगा।

संतरा

एक गिलास ताज़े संतरे के रस में 1 चुटकी नमक और 1 चम्मच शहद मिला कर दिन में 2 बार पीने से भी फायदा होता हैं।

काली मिर्च

काली मिर्च फेफड़ो की सफाई करने में मदद करती हैं और टी.बी. में होने वाले दर्द को भी कम करती हैं। 10 काली मिर्च के दानो को घी में भून ले, फिर इसमें 1 चुटकी हिंग पाउडर मिलाए, फिर ठण्डा होने के बाद इस मिश्रण को 3 हिस्सों में बांटे और हर एक घंटे के बाद 1 डोज़ को चबाये।

ग्रीन टी

ग्रीन टी को बना कर पीजिये। यह टी.बी. को पैदा करने वाले बैक्टीरिया को ख़त्म करती हैं। इसके अलावा इसे पीने से हमारी इम्युनिटी भी मजबूत होती हैं।

सीताफल (शरीफा)

एक कप पानी में सीताफल के गुदे को 25 किशमिश के साथ उबालिए। जब पानी 1/3 हो जाये, तब तक इसे आग पर पकाते रहे। फिर इस मिश्रण को छान कर उसमे 2 छोटे चम्मच चीनी और चुटकी भर इलाइची पाउडर मिलाये। ठण्डा करके दिन में 2 बार इसे पीजिये।

 








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