डिहाइड्रेशन के लक्षण और बचाव के तरीके.

Dehydration se bachaav karne ke tips.

गर्मी के दीनो में Fluid और लिक्विड कम लेने से बॉडी का एल्क्ट्रोलाइट्स बैलेंस बिगड़ जाता हैं. इसे डीहाइड्रेशन कहते हैं, जो की बहुत ही ज़्यादा ख़तरनाक होता हैं. डीहाइड्रेशन का तुरंत इलाज करना चाहिए. समय पर इलाज ना करने से brain haemorrhage, किड्नी फेल होने का ख़तरा बना रहता हैं.

डीहाइड्रेशन के लक्षण

1. बार-बार प्यास लगना.
2. स्किन ड्राई होना.
3. थकान ज़्यादा लगना.
4. सीरदर्द और चक्कर आना.
5. क़ब्ज़ होना.
6. मुँह बार-बार सूखना.
7. पेशाब कम और पीला आना

डीहाइड्रेशन के नुकसान

1. साँस हार्ट बीट तेज़ चलेगी.
2. चिरचिराहट और कन्फ्यूजन.
3. ब्लड प्रेशर कम होना.
4. पेशाब कम होना.
5. फीवर आना.
6. पसीना-आँसू कम आना.
7. व्यक्ति बेहोश हो सकता हैं.

बचाव

1. पर्याप्त मात्रा में पानी पिए.
2. कॉफी, कोला जैसे ड्रिंक से बचे.
3. मसालेदार भोजन ना करे.
4. पोटैशियम युक्त डाइट ले.
5. लाइट और ढीले कपड़े पहने.
6. ज़्यादा एक्सरसाइज ना करे.
7. सिगरेट और शराब ना पिए.

डीहाइड्रेशन क्या हैं.

शरीर में फ्लुइड्स खास तौर पर पानी की कमी डीहाइड्रेशन का कारण होती हैं. जिसमें पानी की मात्रा धीरे-धीरे सेल्स के द्वारा बाहर निकलने लगती हैं और बाहर से बॉडी को पानी की उतनी मात्रा नही मिल पाती हैं, जितनी उसे ज़रूरत होती हैं. ज़्यादातर गर्मियों के मौसम में यह समस्या देखी जाती हैं. और इसकी अनदेखी कई तरह की बीमारियों को पैदा करती हैं. हमारे शरीर में 70% पानी की मात्रा होती हैं. इसलिए दिन में कम से कम 8-10 ग्लास पानी पीने की सलाह दी जाती हैं. डीहाइड्रेशन के चलते पसीना आना, gastrointestinal, बुखार, लू लगना जैसी प्राब्लम होने लगती हैं. शरीर में पानी की कमी से किड्नी पर भी असर पड़ता हैं और पेट से रिलेटेड कई प्रकार की बीमारिया होने लगती हैं.

बड़ो में डीहाइड्रेशन होने के कारण

बुखार, धूप के प्रभाव और ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज करने से.
उल्टी, दस्त और यूरिन के इन्फेक्शन के कारण , खाने और पानी पीने के मात्रा में बैलेंस ना होना.
स्किन इन्फेक्शन, बीमारी और मूँह की किसी भी तरह की बीमारी होने पर डीहाइड्रेशन की प्राब्लम हो सकती हैं.

बड़ो में डीहाइड्रेशन के लक्षण

1. प्यास बढ़ जाती हैं.
2. मूँह बार-बार सूखता हैं.
3. कमज़ोरी.
4. चक्कर आना.
5. थकावट.
6. पसीना आना.
7. बार-बार पेशाब जाना.

वैसे तो यूरिन का रंग देख कर डीहाइड्रेशन का पता लगाया जा सकता हैं, और जाँच कराकर जल्द से जल्द छुटकारा पाया जा सकता हैं.

डॉक्टर के पास कब जाए

डीहाइड्रेशन के लक्षण रोगी को कुछ ही दीनो में इसके लक्षण का पता चलने लगता हैं. जिसे खुद-ब-खुद दूर किया जा सकता हैं, लेकिन कई बार इसकी अनदेखी समस्या को बढ़ा देती हैं, और डॉक्टर की हेल्प लेनी पड़ती हैं. इन लक्षण के पाए जाने पर तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए.

एक दिन से ज़्यादा और लगातार उल्टी होने पर, बहुत तेज़ बुखार कई दिनों से रहने पर, 2 दिनों से ज़्यादा dehydrate होने पर, वजन कम होने पर, बार-बार यूरिन जाने पर या कमज़ोरी या थकावट महसूस होने पर.




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