त्रिफला खाने के फायदे.

Triphala khane ke fayde aur gharelu nuskhe. Benefits & home remedies of Triphala in Hindi.

त्रिफला के फायदे (Benefits of Triphala in Hindi ), कई बार कमज़ोरी के कारण भी शरीर बीमारियो का शिकार होने लगता हैं. ऐसे में हम यदि थोड़ी सी सावधानी बरत कर आयुर्वेदिक तरीक़ो को अपनाए तो शरीर अपने आप स्वस्थय रहेगा. साथ ही शरीर का कायाकल्प करने में भी बहुत आसानी होगी. त्रिफला भी एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि हैं, जो शरीर का कायाकल्प कर देती हैं. इसके नियमित सेवन करने के बहुत ही फायदे हैं. त्रिफला सिर्फ़ क़ब्ज़ दूर करने के लिए नही हैं, बल्कि कमजोर शरीर को एनर्जी देने के लिए भी उपयोगी हैं. इसके अलावा त्रिफला के और भी बहुत सारे उपयोग हैं.

आयुर्वेदिक डॉक्टर्स की सबसे पसंदीदा दवाई हैं त्रिफला. इसकी मदद से किसी भी रोग के लिए दवाइयाँ बनाई जा सकती हैं. आपको जानकार हैरानी होगी की आयुर्वेदिक दवाओं की किताब चरक सहिंता में सबसे पहले अध्याय में ही त्रिफला के बारे में बताया गया हैं. यह त्रिफला, आंवला, बहेड़ा और हरड़ का मिश्रण होता हैं. चलिए जानते हैं त्रिफला के बेहद खास उपयोग:-

1. पेट और शरीर के कीड़े ख़त्म करता हैं. :- अगर पेट या शरीर में कीड़े पैदा हो गये हो तो त्रिफला खाने से राहत मिलती हैं. यदि शरीर में रिंगवर्म या टेपवर्म हो जाते हैं तो भी त्रिफला कारगर हैं. त्रिफला शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बढ़ावा देता हैं, जो की किसी भी इन्फेक्शन से लड़ने में सक्षम होता हैं.

2. साँस संबंधी समस्या में :- त्रिफला साँस से रिलेटेड रोगो में लाभदायक हैं. इसके सेवन से साँस लेने में होने वाली असुविधा भी दूर हो जाती हैं.

3. कैंसर में लाभदायक :- एक रिसर्च में यह पाया गया हैं की त्रिफला से कैंसर का इलाज मुमकीन हैं. इसमे एंटी-कैंसर गुण पाए गये हैं. इसकी मदद से शरीर की कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोका जा सकता हैं.

4. सीरदर्द में असरदार इलाज :- यदि किसी को सिरदर्द की समस्या ज़्यादा रहती हैं तो उसे डॉक्टर से सलाह लेकर त्रिफला नियमित रूप से खाना चाहिए. त्रिफला सीरदर्द को कम करने में मददगार हैं. सीरदर्द मेटाबॉलिक गड़बड़ी के कारण होता हैं. इसके सेवन से यह समस्या जड़ से ख़त्म हो जाती हैं.

5. डायबिटीज की बेहतरीन दवा ;- डायबिटीज के उपचार में त्रिफला बहुत असरदार हैं. यह पैंक्रियास को उत्तेजित करता हैं , जिससे इंसुलिन पैदा होता हैं. शरीर में इंसुलिन की मात्रा शुगर लेवल को सही बनाए रखती हैं. इसका स्वाद बेहद कड़वा होता हैं.

6. पाचन की समस्या दूर करता हैं ;- पाचन संबंधित समस्याओं को दूर करने में त्रिफला सबसे कारगर औषिधि हैं. आँत से जुड़ी समस्याओं में भी त्रिफला खाने से काफ़ी राहत मिलती हैं. इसके सेवन से आँतो से पित्त रस निकलता हैं, जो पेट को उत्तेजित करता हैं और अपच की समस्या को दूर करता हैं. शरीर में G.I. Tract के PH लेवल को भी त्रिफला बनाए रखता हैं.

7. एनीमिया में रामबाण :- खून की कमी हो जाने पर एनीमिया रोग होने लगता हैं. इस रोग में शरीर पीला पड़ जाता हैं. रोगी को चक्कर आते हैं. यह हेमॉग्लोबिन की कमी के कारण होता हैं. हेमॉग्लोबिन की मात्रा कम होने पर त्रिफला का सेवन लाभकारी होता हैं. यह शरीर में रेड ब्लड सेल्स को बढ़ा देता हैं, जिससे एनीमिया की बीमारी दूर हो जाती हैं.

8. मोटापा कम कर देता हैं :- जिन लोगो को कम उम्र में मोटापा परेशान कर रहा हो उनके लिए त्रिफला से बेहतर कोई दवा नही हैं. इसके नियमित सेवन से फैट कम होता हैं. यह सीधे फैट को घटाने का काम करता हैं.

9. स्किन प्रॉब्लम्स को दूर करता हैं :- किसी भी तरह की स्किन प्राब्लम होने पर त्रिफला मददगार हैं. यह बॉडी से ज़हरीले तत्वो को बाहर निकाल देता हैं और खून को साफ करता हैं.

10. लंबी उम्र तक जवान बनाए रखता हैं :- त्रिफला में भरपूर मात्रा में एंटी-ऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो सेल्स के मेटाबॉलिज़म को कंट्रोल में रखते हैं. साथ, ही इनकी प्रक्रिया को बनाए रखते हैं. त्रिफला में लंबी उम्र बढ़ाने वाले तत्व होते हैं, इसलिए इसके सेवन से उम्र कम दिखती हैं. यह शरीर के कई सेल्स को नियमित रूप से चलाने में मदद करते हैं.

11. शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाए :- आयुर्वेद में त्रिफला काया कल्प करने वाली दवा के रूप में जानी जाती हैं. यह शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं. त्रिफला, शरीर में एंटी-बॉडी के प्रोडक्शन को बढ़ावा देती हैं, जो शरीर में एंटीजेन के खिलाफ लड़ते हैं और बॉडी को बैक्टीरिया फ्री रखते हैं. यह शरीर की टी कोशिकाओं को भी बढ़ावा देता हैं जो शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता हैं.

कैसे बनाए त्रिफला :- त्रिफला एक आयुर्वेदिक परंपरिक दवा हैं, जो रसायन या कायाकल्प के नाम से भी प्रसिद्ध हैं. त्रिफला तीन जड़ी-बूटियो का मिश्रण हैं:-

आंवला, हरड़, बहेड़ा, इन तीनो को त्रिफला बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं. त्रिफला बनाने के लिए इन तीनो फलो को बराबर मात्रा में बारीक पीस कर मिला ले और फिर कपड़े से छानकर इसका सेवन करे.

कितनी मात्रा में सेवन करे :- रात को सोने से पहले एक चम्मच मात्रा में सेवन करे. फिर गुनगुना दूध पी ले.

नोट: यह दवा कई बीमारियो में रामबाण की तरह काम करती हैं. इसलिए इसके बेस्ट रिज़ल्ट के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह ज़रूर ले.








इन्हें भी जरूर पढ़े...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *