दवाइयों के साइड-इफ़ेक्ट होने पर क्या करना चाहिए?

दवाइयों के साइड-इफ़ेक्ट होने पर क्या करना चाहिए?

बिमारियों को दूर करने के लिए दवा का सेवन करना ही पड़ता हैं। दवाइयां खतनाक बैक्टीरिया को ख़त्म करके दर्द से राहत दिलाती हैं, इसके अलावा यह आपकी जान को भी बचाती हैं। लेकिन कई बार दवाईओं के सेवन से कुछ साइड-इफ़ेक्ट भी देखने को मिलते हैं। what to do if you get medicine side-effects (Tips in Hindi.)

आइये जानते हैं अगर आपके शरीर पर दवाइयों का साइड-इफ़ेक्ट हो जाये तो आपको क्या करना चाहिए। लगभग हर प्रकार की दवाओं के दुष्परिणाम होते ही हैं। लेकिन कई  आपको बिना पता चले  दवा की वजह से होने वाला साइड-इफ़ेक्ट अपने आप ही दूर हो जाता हैं। लेकिन कई बार आपको दवाईयों की वजह से होने वाला साइड-इफ़ेक्ट स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं।

दवाईयों का साइड-इफ़ेक्ट किसे हो सकता हैं?

दवाइयों का साइड-इफ़ेक्ट होना लिंग, आयु, वजन आदि पर निर्भर करता हैं। ऐसा देखा जाता हैं की जवान लोगो के मुकाबले बूढ़े लोगों पर कुछ दवाईओं के साइड-इफ़ेक्ट ज्यादा होते हैं। अगर आपको मेडिसिन की वजह से छोटे-मोटे साइड-इफ़ेक्ट हो गये हैं तो आप निचे बताये गये उपचार को अजमा सकते हैं।

दवाईयों से होने वाले साइड-इफ़ेक्ट का इलाज :-

• सिरदर्द होने पर

कई बार दवाइयों के सेवन से आपको सिरदर्द जैसी समस्या भी हो सकती हैं। हालांकि शरीर को दवा की आदत हो जाने पर सिरदर्द अपने आप दूर हो जाता हैं। लेकिन अगर यह समस्या लम्बे समय तक बनी रहती हैं तो बिना देरी किये डॉक्टर से मिलना चाहिए।

• दिन के समय भी नींद आना

कई दवाइयों का साइड-इफ़ेक्ट यह होता हैं की इससे आपको नींद बहुत ज्यादा आने लगती हैं। लेकिन जब आपका शरीर दवा का आदि हो जाता हैं तो यह समस्या अपने आप ख़त्म हो जाती हैं। अगर आपको यह समस्या लगातार कई दिनों से हो रही हैं तो आप अपने डॉक्टर से परामर्श करके दवाई को रात के समय ही खाए। इसके अलावा अगर आपको दवाई खाने के बाद नींद आने लगती हैं, तो ऐसी स्तिथि में भारी वजन नहीं उठाना चाहिए और न ही वाहन आदि चलाना चाहिए।

• कब्ज़ होने पर

कई बार दवाइयों के साइड-इफ़ेक्ट के रूप में आपको कब्ज़ की समस्या हो जाती हैं। अगर आप दर्द-निवारक दवाईयों का नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं तो साइड-इफ़ेक्ट के रूप में आपको कब्ज़ ज्यादा होने लगती हैं। लेकिन इस साइड-इफ़ेक्ट को आप व्होल वीट ग्रेन, हाई फाइबर वाली सब्जियां और फल, सेब, बीन्स और ब्रोकोली के सेवन से इसे दूर कर सकते हैं। इसके अलावा आपको तरल पदार्थ भी ज्यादा से ज्यादा मात्रा में लेना चाहिए और नियमित से कसरत भी करते रहना चाहिए।

• डायरिया होने पर

ज्यादातर दवाइयों के साइड-इफ़ेक्ट के रूप में डायरिया की समस्या देखने को मिलती हैं। वैसे तो कीमोथेरेपी के दौरान दी जाने वाले एंटीबायोटिक, एंटासिड और एंटीडिप्रेजेंट दवाइयों के साइड-इफ़ेक्ट के रूप में डायरिया की प्रॉब्लम हो जाती हैं। अगर आपको भी दवाइयों की वजह से डायरिया यानि की दस्त लग गये हैं तो आपको अपनी डाइट में हल्का भोजन जो फाइबर से भरपूर हो, जैसे की दही, चावल, खिचड़ी आदि को खाना चाहिए। और जब आपको अच्छा महसूस होने लगे तब आप नार्मल भोजन कर सकते हैं।

नोट :- आमतौर पर दवाओं के मामूली साइड-इफ़ेक्ट को आप नज़रंदाज़ कर सकते हैं। क्योंकि ज्यादातर दवाईयों के साइड-इफ़ेक्ट एक समय के बाद अपने आप ख़त्म हो जाते हैं। लेकिन अगर किसी दवाई का साइड-इफ़ेक्ट लम्बे समय तक बना रहता हैं, तो आपको इस दवाई का सेवन खुद से बंद नहीं करना चाहिए, बल्कि आपको अपने डॉक्टर से इसके बारे में सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा दवाईओं के सेवन से आपके शरीर पर पित्ती, चेहरे, होंठो और जीभ में सूजन दिखाई देने लगे और सांस लेने में तखलीफ़ होने लगे तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।


Loading...


इन्हें भी जरूर पढ़े...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *