दूध पिलाने वाली माओं को अपने बच्चे को कितने साल दूध पिलाना चाहिए?

दूध पिलाने वाली माओं को अपने बच्चे को कितने साल दूध पिलाना चाहिए?

दूध पिलाने वाली माओं का यह प्रश्न रहता हैं की बच्चे को किस उम्र तक दूध पिलाया जाये? बच्चे को किस उम्र में अपना दूध पिलाना छुड़वाना चाहिए? उसे किस तरह से आहार देना शुरू कर देना चाहिए और उसे क्या खाना खिलाने के साथ ही अपना दूध पिलाना चाहिए या नहीं?

एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चे को कम से कम 6 महीने तक सिर्फ माँ का दूध पिलाना जरूरी हैं। बच्चे को 1 साल तक स्तनपान करवाते रहना चाहिए फिर उसे स्तनपान करवाने के साथ ही उसे खाने के लिए कुछ न कुछ देते रहना चाहिए। लेकिन बच्चे को कब तक स्तनपान करवाना जरूरी हैं यह प्रत्येक बच्चे की स्तिथि को देखकर ही फैसला लिया जा सकता हैं।

कैसे जाने की आपका बच्चा अब दूध छोड़ने के लिए तैयार हो गया हैं?

बेबी को कम से कम 6 महीने तक सिर्फ माँ का दूध पिलाना चाहिए। 6 महीने के बाद उसे स्तनपान करवाने की रूटीन में परिवर्तन लाने की जरूरत हैं। इस समय बच्चे को दूध पिलाने के अलावा अब आहार देने की भी जरूरत पड़ती हैं।

कई बच्चे 1 साल की उम्र होने पर विभिन्न प्रकार के आहार खाने लगते हैं और तो और कप से जूस और सूप पीना भी शुरू कर देते हैं। अगर शिशु जब थोड़ा बड़ा हो जाये और स्तनपान करने में दिलचस्पी न ले रहा हैं तो दूध पिलाना छुडवाने या स्तनपान बंद करवाने का यह उचित समय हो सकता हैं।

बच्चे को स्तनपान बंद करवाने के संकेत :-

• शिशु दूध पीने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं ले रहा हो।

• स्तनपान करने की बजाये शिशु खेलना शुरू कर देता हो।

• स्तनपान का समय कम हो गया हैं।

• इस दौरान शिशु का ध्यान आसानी से भटकने लगता हैं।

अब धीरे-धीरे स्तनपान करवाना बंद करना शुरू कीजिये

बच्चे को एकदम से अपना दूध पिलाना बंद कर देने पर बच्चे और माँ दोनों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता हैं। इससे आपको ब्रेस्ट इन्फेक्शन होने की आशंका बढ़ जाती हैं और अचानक से हुए परिवर्तन के कारण बच्चे का चिडचिडापन भी बढ़ सकता हैं। आपको पता होना चाहिए की स्तनपान करवाने से बच्चे को आराम मिलने के साथ ही उसे पोषण भी प्राप्त होता हैं। तो इसलिए बच्चे को अपना दूध छुडवाने में जल्दबाजी नहीं करना चाहिए।

कुछ दिनों तक इंतज़ार कीजिये

स्तनपान बंद एक दम से बंद न कराये, बल्कि धीरे-धीरे इस प्रक्रिया को कम करते चले जाये। अगर आपको असहज महसूस हो रहा हैं तो दिन में सिर्फ एक बार ही स्तनपान करवाए।

इस रूटीन को फॉलो करने पर नेचुरल तरीके से दूध बनना कम होने लगता हैं। और अगर एक बार स्तनपान करवाने का समय कम हो गया तो लगातार इसे इसे कम करते हुए स्तनपान करवाना बंद करदे। कई स्त्रियाँ बच्चे को स्तनपान बंद करवाने के लिए उन्हें सुलाते समय ही सिर्फ अपना दूध पिलाती हैं।




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