नॉन-वेज (अंडा, मीट, मछली) खाने के फायदे जानिए।

नॉन-वेज (अंडा, मीट, मछली) खाने के फायदे जानिए।

आज के युग में ज्यादातर लोग अब मांसाहार का सेवन करने लगे हैं। कई लोग ऐसे भी जो पूरी तरह से शाकाहारी हैं और अंडा, मीट, मछली आदि चीजों को नफरत की नज़र से देखते हैं। लेकिन जो लोग नॉन-वेज नहीं खाते हैं, उन्हें नॉन-वेजेटेरियन लोगो से घृणा बिलकुल भी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि मीट, मछली, अंडा आदि खाने से सेहत को ढेर सारे फायदे होते हैं। वैसे तो यह बहस बीते हुए वर्षो से चली आ रही हैं की मांसाहार करना चाहिए या फिर शाकाहार ही बेस्ट हैं? लेकिन अभी तक कुछ भी सही तरह से स्पष्ट नहीं हो पाया हैं।

नॉन-वेज में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो की शाकाहारी भोजन में होते ही नहीं हैं। यहाँ तक की डॉक्टर भी यह मानते हैं की व्यक्ति को स्वस्थ्य बने रहने के लिए सभी चीज़े जिसमे मीट, मछली, अंडा आदि जैसी चीज़े शामिल हैं, उन्हें भी हफ्ते में कभी-कभी जरूर खाना चाहिए। आइये जानते हैं की नॉन-वेज खाने से सेहत को क्या क्या फायदे होते हैं? Health Benefits of Non-Veg in Hindi.

मांसाहार (अंडा, मछली, मीट) आदि खाने के फायदे :-

मनुष्य मीट और सब्जियों दोनों को हजम कर सकता हैं

शाकाहारी पशुओं का पाचन तंत्र सिर्फ साग-सब्जियों को ही हजम कर सकता हैं। और दूसरी ओर मांसाहारी जानवरों के डाईजेशन सिस्टम सिर्फ मांस को हजम कर सकते हैं। लेकिन इंसानों का डाईजेशन सिस्टम कुदरत ने ऐसा बनाया हैं की यह मांस और सब्जियां दोनों को आसानी से पचा सकता हैं। इसके अलावा कुदरत ने मनुष्य को ऐसे दांत भी दिए हैं जो की उन्हें मांस और सब्जी दोनों ही खाने में मदद करते हैं।

प्रोटीन का बढ़िया स्रोत हैं नॉन-वेज

बॉडी और ब्रेन को हेल्दी रखने के लिए प्रोटीन की जरूरत पड़ती हैं। जब शाहकारी लोगो के लिए प्रोटीन की चीजों का ज़िक्र होता हैं तो दालें और दूध ही इसके अच्छे स्रोत दिखाई देते हैं। लेकिन रिसर्च यह बताते हैं की एनिमल प्रोटीन, पेड़-पौधों से प्राप्त होने वाले प्रोटीन से कंही ज्यादा अच्छा होता हैं। इसलिए जो प्रोटीन मीट, मछली और अंडा खाने से प्राप्त हो सकता हैं, वह शाकाहारी चीजों से मिल पाना मुश्किल हैं।

जरूर पढ़े :- प्रोटीन के फायदे, नुकसान और स्रोत।

दिमाग के लिए फायदेमंद

क्या आपको पता हैं की मछली खाने से दिमाग तेज़ बनता हैं। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो दिमाग को तेज़ बनाते हैं। जो बच्चे छोटी उम्र से ही मछली को खाने लगते हैं, उनका दिमाग मछली न खाने वाले बच्चों की तुलना में काफी ज्यादा तेज़ होता हैं।

बैलेंस डाइट के लिए जरूरी

अगर आप मीट, मछली और अंडा जैसे नॉन-वेज आहार खाते हैं तो आपको बैलेंस डाइट लेने में मदद मिलती हैं। इससे आप सब्जी, दालें आदि जैसे शाकाहारी भोजन खाते तो हैं, साथ ही नॉन-वेज को खा कर भोजन में विभिन्नता को प्राप्त कर सकते हैं।

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ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर

ओमेगा-3 फैटी एसिड नॉन-वेज में विशेष करके मछली, झींगा आदि में ज्यादा पाया जाता हैं। ओमेगा-3,  समुन्दरी भोजन  में ज्यादा होता हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल को हेल्दी रखने के लिए जरूरी हैं, इसके अलावा यह कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचने में हमारी मदद करता हैं।

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