नॉन-स्टिक बर्तन से सेहत को होने वाले नुकसान।

नॉन-स्टिक बर्तन से सेहत को होने वाले नुकसान।

ज्यादातर लोग स्वस्थ्य रहने के लिए कम तेल वाला भोजन करना पसंद करते हैं। कम ऑयली फ़ूड बनाने के लिए लोग नॉन-स्टिक बर्तनों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपको नॉन-स्टिक बर्तन से सेहत को होने वाले नुकसान के बारे में पता हैं? चलिए जानते हैं की नॉन-स्टिक बर्तन के उपयोग से सेहत को क्या-क्या हानियाँ होती हैं? Side-Effects of Non-Stick Utensils in Hindi.

आज हम जानेंगे की नॉन-स्टिक बर्तनों के इस्तेमाल से आपकी सेहत कैसे ख़राब हो सकती हैं? इसके इस्तेमाल करने से आपके शरीर पर कौन कौन से साइड-इफेक्ट्स और दुष्परिणाम का सामना करना पड़ता हैं। चलिए जानते हैं नॉन-स्टिक बर्तन में खाना क्यों नहीं पकाना चाहिए?

नॉन-स्टिक बर्तन में खाना पकाने के नुकसान :-

लीवर पर बुरा प्रभाव

नॉन-स्टिक बर्तन आपके लीवर को भी ख़राब कर सकते हैं। नॉन-स्टिक बरतन में से टॉक्सिक फ्यूम निकलती हैं, जो पेट को खराब करती हैं। एक अध्यन के अनुसार नॉन-स्टिक बर्तन को बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले आर्गेनिक कंपाउंड और डायबिटीज में गहरा नाता पाया जाता हैं।

कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता हैं

नॉन-स्टिक बर्तन के इस्तेमाल से आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता हैं। इससे अच्छा यही होगा की आप लोहे की कढाई और आम बर्तनों में ही खाना पकाये।

कैंसर होने का रिस्क

इन बर्तनों में खाना पकाने से कैंसर होने का खतरा काफी बढ़ जाता हैं। नॉन-स्टिक बर्तन में खाना पकाने से कैंसर को बढ़ावा देने वाले Carcinogens हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। जिससे आपको ब्रेस्ट कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती हैं।

किडनी के लिए नुकसानदायक

जानवरों पर हुए एक रिसर्च में यह पाया गया की नॉन-स्टिक बर्तन के उपयोग से आपकी किडनी भी खराब हो सकती हैं।

हड्डियों की बीमारी होने का ख़तरा

नॉन-स्टिक बर्तन में भोजन बनाने से शरीर में आयरन की कमी हो जाती हैं। इससे हड्डियाँ भी कमजोर हो सकती हैं। इसलिए लोहे या अलमूनियम के बर्तन में ही खाना पका कर खाना चाहिए, जिससे शरीर को ज्यादा आयरन मिलता हैं।

हार्ट अटैक होने का ख़तरा

एक अध्यन के मुताबिक लोहे के बजाये नॉन-स्टिक बर्तन में खाना पकाने से दिल से सम्बंधित बिमारियां होने का खतरा काफी बढ़ जाता हैं। नॉन-स्टिक बर्तन में खाना पकाने से शरीर में हाई tryglescride लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता हैं, जिससे आपको हार्ट अटैक हो सकता हैं।

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थाइरोइड

रोजाना नॉन-स्टिक बर्तन में खाना पकाकर खाने से थाइरोइड होने का खतरा काफी बढ़ जाता हैं। नॉन-स्टिक बर्तन में खाना पकाने से se perfluorinated compound (PFC) शरीर में पहुचता हैं, जो थाइरोइड को बढ़ाने का काम करता हैं।

बॉडी की इम्युनिटी का कमजोर पड़ना

नॉन-स्टिक बर्तन में भोजन बनाने से Perfluorinated Compound शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाता हैं। इससे शरीर को विभिन्न प्रकार के रोग आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। ऐसे बर्तनों में खाना पकाने से व्यक्ति के शरीर में ऐसे कई तत्व प्रवेश कर जाते हैं, जिससे कई तरह के Cognitive होने की सम्भावना हो जाती हैं।




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