बथुआ खाने के फायदे और इसके घरेलु नुस्खे और उपाय।

बथुआ खाने के फायदे और इसके घरेलु नुस्खे और उपाय। Benefits & Home Remedies of Goosefoot in Hindi. Bathua khane ke fayde aur gharelu nuskhe. Bathuye ka saag kyon khana chahiye?

बथुआ गेंहू के खेतो में ज्यादा उगता हैं, जब गेंहू की बोयाई की जाती हैं तो यह अकसर ख़तपतवार के रूप में गेंहू की फसल में उग जाता हैं। लेकिन फिर भी लोग इसे ख़त-पतवार नहीं मानते हैं और इसे यह स्वादिष्ट साग के रूप में खाते हैं। बथुए का साग खाने से गुर्दे में पथरी नहीं होती हैं। बथुए के साग की तासीर ठंडी होती हैं और गर्मी की वजह से बढ़े हुए लीवर को यह ठीक करने में मददगार साबित होता हैं।

वैसे तो बथुआ हर घर में खाया जाने वाला प्रसिद्ध भाजी हैं। लोग इसे साग बना कर खाते हैं या फिर इसका रायता बना कर खाते हैं। बथुए के साग में मसाला नहीं डाला जाये और नमक की बजाये सेंधा नमक ही मिलाया जाये तो यह स्वास्थ्य की दृष्टि से निरोग रहने में आपकी मदद करता हैं।

बथुआ एशिया महादीप के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूरोप और अमेरिका में भी पाया जाता हैं, यानि की यह हर जगह आसानी से मिल जाता हैं। इसमें विटामिन ए, आयरन, कैल्शियम, फोस्फोरस और पोटैशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं। यह नाइट्रोजन वाली मिट्टी में ज्यादा फलता फूलता हैं। इसका सेवन न सिर्फ बड़ो के लिए बल्कि बच्चो के लिए भी फायदेमंद माना जाता हैं। प्राचीन युग से ही बथुए का इस्तेमाल कई सारी बीमारियों को दूर करने के लिए किया जाता रहा हैं।

आज के लेख में हम बथुआ खाने के फायदे, बथुआ के घरेलु नुस्खे और उपाय। Benefits & Home Remedies of Goosefoot in Hindi. बथुए का साग क्यों खाना चाहिए? बथुआ खाने से क्या-क्या लाभ होते हैं? बथुए के गुण और इसके उपचार आदि के बारे जानेंगे।

बथुआ खाने के फायदे और इसके घरेलु नुस्खे और उपाय :-

पेट के कीड़े मारे

अकसर बच्चो के पेट में कीड़े पैदा हो जाते हैं। इनको नष्ट करने के लिए बथुआ बहुत ही लाभकारी हैं। बच्चों को कुछ दिनों तक अगर बथुए का साग खिलाया जाये तो उनके पेट के कीड़े मर जाते हैं। पेट की कृमि मारने का एक उपाय यह भी हैं की कच्चे बथुए का रस 1 कप ले और उसमे स्वादानुसार नमक मिला कर पीजिये, इससे भी पेट के कीड़े मर जायेंगे। बथुए के बीजो को पीस कर शहद मिला कर चाटने से भी पेट के कीड़ो से छुटकारा मिलता हैं और यह रक्तपित्त को भी ठीक करता हैं।

खून साफ करने में फायदेमंद

खून को साफ करने में बथुआ बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं। यह बेहतरीन Blood Purifier का काम करता हैं। इसके आलावा इसे खाने से पाचन तंत्र भी अच्छी तरह से काम करता हैं। बथुए को नीम की 4-5 पत्तियों के साथ मिला कर खाए जाये तो रक्त अन्दर से शुद्ध और साफ हो जाता हैं।

पीरियड्स में फायदेमंद

महिलाओं के पीरियड्स सही तरह नहीं आते हो या फिर मासिक धर्म रुका हुआ हो तो 2 चम्मच बथुए के बीज को 1 गिलास पानी में तब तक उबाले जब तक पानी आधा न रह जाये। फिर आप इस पानी को छानकर पी जाये। इससे आपको पीरियड्स खुल आने लगेंगे।

अगर अनियमित पीरियड्स की शिकायत हैं तो बथुए के बीज और सोंठ को मिला कर पाउडर बनाये। 400 ग्राम पानी में 15 से 20 ग्राम पाउडर को मिक्स करे और उस पानी को तब तक उबाले जब तक पानी 100 ग्राम तक न हो जाये। फिर आप इसे छानिये और दिन में 2 बार इसे पीजिये। इससे मासिक धर्म में होने वाली अनियमिता दूर होगी और पीरियड्स की समस्या में भी यह फायदेमंद हैं।

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चर्म रोग दूर करे

बथुए को उबाल कर इसका रस पीने और इसकी सब्जी बना कर खाने से चर्म रोग जैसे सफ़ेद दाग, खुजली, फोड़े-फुंसी, कुष्ट रोग आदि में लाभ मिलता हैं। बथुए के उबले पानी से त्वचा को धोने पर चर्म रोग दूर होते हैं। इसके आलावा बथुए के पत्तो को पीस कर इसका रस निकाल ले। अब 2 कप रस में आधा कप तिल का तेल मिलाये और इसे मंद-मंद आंच पर पकाए। फिर जब पानी जलकर ख़त्म हो जाये तो इसे किसी शीशी में भर ले और इस तेल को नियमित रूप से चमड़ी पर लगाने से चर्म रोगों से आपको छुटकारा मिलेगा।

पीलिया में फायदेमंद

गिलोय का रस और बथुए का रस बराबर मात्रा में मिलाये और फिर इस मिश्रण का 25 से 30 ग्राम मात्रा दिन में 2 बार पीने से पीलिया की बीमारी में फायदा होता हैं।

आँखों के लिए फायदेमंद

बथुआ साग में में विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं, जिससे आँखों की रोशिनी बढ़ती हैं और आँखों की कई प्रकार की समस्याएं दूर होती हैं। आँखों में सूजन, लाली की प्रॉब्लम होने पर बथुआ का साग बना कर खाने से फायदा मिलता हैं।

फोड़े-फुंसी और सूजन का इलाज करे

फोड़े-फुंसी या सूजन होने पर बथुए को कूट ले और इसमें सोंठ और नमक मिलाये। फिर किसी गिले कपड़े में इन्हें बांधे और फिर कपड़े पर गीली मिट्टी लगाये और आग में सेंके। सिकने के बाद इसे गर्म गर्म बांधे। इससे फोड़ा या तो बैठ जायेगा या फिर जल्दी ही फूट जायेगा।

पेशाब की बीमारी दूर करे

पेशाब की जलन और पेशाब करने के दौरान होने वाले दर्द को दूर करने के लिए आधा किलो बथुआ को 3 गिलास पानी में उबाले और फिर इस पानी को छान ले। फिर बथुए को निचोड़ कर पानी निकाल ले और इस पानी भी छाने हुए पानी में मिलाये। फिर इसमें निम्बू, जीरा और जरा सी काली मिर्च और सेंधा नमक मिला कर पी ले।

इसके अलावा बथुआ साग खाने से पेशाब के रोगों में फायदा होता हैं। अगर आपको रूक-रूककर पेशाब आता हो तो बथुए का रस पीने से पेशाब खुल कर आने लगता हैं।

डिलीवरी के बाद होने वाले इन्फेक्शन को दूर करे

10 ग्राम बथुआ, अजवाइन, मेथी और गुड़ को मिला कर 10-15 दिन तक खाने से डिलीवरी के बाद होने वाला इन्फेक्शन ठीक हो जाता हैं।

मूत्र संक्रमण में फायदेमंद

10 ग्राम बथुए की पत्तियों का रस निकाल कर उसमे 50 मिलीग्राम पानी मिलाए। इस मिश्रण को मिश्री के साथ प्रतिदिन लेने से मूत्र संक्रमण में लाभ मिलता हैं।

दांतों और मूंह की समस्याओं में फायदेमंद

मूंह की बिमारियों जैसे की मूंह से दुर्गन्ध आना, मूंह का अल्सर और पायरिया जैसी दांतों की बीमारियों को दूर करने के लिए बथुए के पत्तो को कच्चा चबाने से लाभ मिलता हैं।

बवासीर दूर करे

बथुए का साग खाने से बवासीर से निजात मिलता हैं। इसके अलावा प्लीहा (तिल्ली) के बढ़ने पर आप उबले हुए बथुए में काली मिर्च और सेंधा नमक मिला कर खाए। इससे तिल्ली धीरे-धीरे कम हो जाएगी।

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बालों के लिए फायदेमंद

जी हाँ बालों को घना और काला बनाये रखने में बथुआ आंवले से कम फायदेमंद नहीं हैं। वास्तव में बथुआ विटामिन और मिनरल्स का खज़ाना हैं। इसमें आयरन, फॉस्फोरस, विटामिन ए और डी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।

सिर की जुएँ मारे

सिर में जुएँ और लीखें हो गयी हैं तो बथुए को पानी में उबाले, फिर इस पानी से सिर को धोने से सिर की जुएँ मर जाएँगी और बाल भी साफ हो जायेंगे।

पाचन शक्ति बढ़ाये

भूख की कमी को दूर करने, खाने के देर से पचने, खट्टी डकार आने की समस्या, पेट फूलना आदि दूर करने के लिए लगातार कुछ दिनों तक बथुए का साग खाने से फायदा होता हैं।

गुर्दे की पथरी में फायदेमंद

बथुआ साग खाने से गुर्दे की पथरी में फायदा होता हैं। इसके साग का सेवन करने से अमाशय भी मजबूत और सेहतमंद बनता हैं। स्टोन की समस्या हैं तो बथुए के रस में शक्कर मिला कर पीने से पथरी धीरे-धीरे टूट कर शरीर से बाहर निकल जाती हैं।

कब्ज़ दूर करने में फायदेमंद

बथुए का साग नियमित रूप से खाने से कब्ज़ की समस्या को दूर किया जा सकता हैं। बथुआ खाने से अमाशय मजबूत बनता हैं। बथुए की सब्जी दस्तावर होती हैं जो कब्ज़ की समस्या से परेशान लोगो को हमेशा खाना चाहिए। इसे खाने से शरीर में स्फूर्ति और शक्ति आती हैं।

पेट की बीमारियाँ दूर करे

जब भी बथुए का साग का सीजन आये तो इसकी सब्जी बना कर जरूर खाए। इसके सेवन से पेट के रोग जैसे की गैस, अपच, कृमि, पथरी, लकवा, ठिया हर प्रकार के गुदे के रोग में फायदा होता हैं। पेट में गैस और अपच दूर हो जाती हैं और पेट हल्का बना रहता हैं। बथुए के उबले हुए पत्तो के साथ दही मिला कर खाने से भी लाभ होता हैं।

सावधानी :- वैसे तो बथुआ शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता हैं। लेकिन इसे हमेशा के सिमित मात्रा में ही खाना चाहिए, क्योंकि इसमें ओक्सीजेलिक एसिड लेवल काफी हाई होता हैं। इसके ज्यादा सेवन से आपको डायरिया भी हो सकता हैं। आयुर्वेद का यह मानना हैं की गर्भवती महिलाओं को बथुए का सेवन नहीं करना चाहिए, नहीं तो उन्हें गर्भपात होने का खतरा बना रहेगा।








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