भृंगराज के फायदे और इसके उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय के बारे में जानिए.

Bhringraj ke fayde aur gharelu nuskhe. Home remedies & benefits of Bhringraj in Hindi.

भृंगराज के घरेलु नुस्खे और फायदे जरूर जानिए. Benefits & Home remedies of Bhringraj in Hindi. भृंगराज सिर्फ बालो के लिए ही नहीं बल्कि पुरे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होता हैं.

नदी, नालो , मैदानी इलाक़ो, खेत और बागानो में अकसर देखा जाने वाला भृंगराज आयुर्वेद के अनुसार बड़ा ही महत्वपूर्ण औषधीय पौधा हैं. गांवो में ब्लैक बोर्ड को काला करने के लिए जिस पौधे को घीसा जाता हैं, वा भृंगराज ही हैं. इसका वनस्पतिक नाम Eclipta prostrata हैं. आदिवासी भृंगराज को अनेक हर्बल नुस्खे में दवा के तौर पर उपयोग करते हैं. आइए जानते हैं भृंगराज के फायदे और नुस्खे…

बाल गिरने की समस्या से मुक्ति

भृंगराज की ताज़ा पत्तियो को कुचलकर इसका पेस्ट तैयार करे, फिर इसमे थोड़ी दही की मात्रा मिला कर सीर पर 15 मिनट तक लगा कर रखने से बाल झड़ने की समस्या से छुटकारा मिलता हैं. ताज़ा पत्तिया उपलब्ध ना हो, तो पत्तियो से बने पाउडर का भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं. हेल्दी बालो के लिए यह नुस्ख़ा बेहद कारगर होता हैं.

बालो को सफेद होने से बचाए

हर्बल जानकार त्रिफला, नील और भृंगराज तीनो को एक-एक चम्मच मात्रा में लेकर 50ml पानी में मिलाकर रात भर लोहे की कढ़ाई में रख देते हैं. सुबह इसे बालो में लगाकर, कुछ देर सूखने के लिए छोड़ दिया जाता हैं. 15-20 मिनट बाद साफ पानी से बालो को धो लेते हैं. ऐसा करने से बालो को असमय पकने से बचाया जा सकता हैं.

पीलिया रोग में लाभदायक

भृंगराज के पौधे का रस पीलिया रोग में बहुत ही असरदार होता हैं. हर्बल एक्सपर्ट्स के अनुसार रोजाना आधा कप इसका रस पीने से एक हफ्ते के अंदर ही पीलिया रोग ख़त्म होने लगता हैं. इसके लिए भृंगराज के पौधे (करीब 50 ग्राम) को लगभग 100ml पानी में कुचलकर फिर छान कर पीना चाहिए.

खाँसी में आराम

भृंगराज की पत्तियो का रस शहद के साथ मिला कर देने से बच्चों को खाँसी में काफ़ी आराम मिलता हैं. दिन में कम से कम 3 बार तकरीबन 10 ग्राम पत्तियो को कुचलकर इसका रस तैयार करके पीना चाहिए.

Elephantiasis में असरदार

हाथी पाँव या एलेफेंटाइयसिस होने पर तिल के तेल के साथ भृंगराज की पत्तियो का रस को मिला कर पाँव पर लगाने से राहत मिलती हैं.

एसिडिटी दूर करता हैं.

एसिडिटी होने पर भृंगराज के पौधे को सुखाकर इसका पाउडर बना लेते हैं और हर्रा के फलो के पाउडर के साथ समान मात्रा में मिला कर, गुड के साथ खाने से एसिडिटी की समस्या से छुटकारा मिलता हैं.

सिरदर्द में राहत

अगर इसकी पत्तियो के रस को मसूड़ो पर लगाया जाए और इसकी कुछ मात्रा माथे पर लगाई जाए तो सिरदर्द में आराम मिलता हैं.

त्वचा के रोगो से निजात

भृंगराज का रस त्वचा के रोगो , फटी एड़ियाँ और कई प्रकार के इन्फेक्शन को रोकने में कारगर होता हैं. इसकी पत्तियो को कुचल कर त्वचा के प्रभावित हिस्सो पर लगाने से आराम मिलता हैं.

माइग्रेन में बेहतर रिज़ल्ट

माइग्रेन होने पर भृंगराज की पत्तियो को दूध में उबाला जाए और इस दूध की कुछ बूंदे नाक में डाली जाए, तो आराम मिलता हैं. अगर बकरी का दूध हो तो और जल्द परिणाम देखने को मिलते हैं.








इन्हें भी जरूर पढ़े...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *