माइग्रेन के उपचार के लिए उपयोगी टिप्स.

Migraine ke ilaj ke liye upyogi tips.

माइग्रेन के इलाज के लिए कुछ टिप्स और तरीके जो आपको पता होने चाहिए. माइग्रेन न्यूरोलॉजीकल यानी ब्रेन से जुड़ा एक डिसऑर्डर हैं. इसमे सिर एक हिस्से में तेज़ दर्द होता हैं. यह दर्द कुछ घंटो से लेकर कई दिनों तक हो सकता हैं. इतना ही नही इससे पीड़ित व्यक्ति लाइट, साउंड, स्मेल और वातावरण के प्रति काफ़ी सेन्सिटिव हो जाता हैं. असल में माइग्रेन दिमाग़ की कुछ धमनियो की सूजन और कुछ केमिकल्स के बहाव की वजह से होता हैं. इन केमिकल्स का बहाव एलर्जी, टेंशन, मासिक धर्म या लंबे समय तक भूखे रहने से हो सकता हैं. इसके अलावा खानपान की बदलती आदते भी इस बीमारी की वजह बन सकती हैं. कई बार अनुवांशीकता और हाई-ब्लड प्रेशर के कारण भी व्यक्ति माइग्रेन का शिकार हो जाता हैं. माइग्रेन का दर्द कभी भी और कंही भी उठ सकता हैं, इसलिए इसे दूर करने के लिए इसके उपाय के बारे में जानना बहुत ज़रूरी हैं.

खानपान और दिनचर्या में छुपा हैं माइग्रेन का इलाज

फुड

विटामिन बी2 :- कम से कम 400 mg विटामिन बी2 माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में मदद करता हैं. विटामिन B2 हमे डेयरी प्रॉडक्ट्स, फलियाँ, हरी पत्तेदार सब्ज़िया, चिकन, फिश और अंडे में मिलता हैं.

नियासिन :- हरी पत्तेदार सब्ज़िया, सूरजमुखी के बीज, खमीर और मछली में मौज़ूद विटामिन बी3 या नियासिन से भी राहत मिलती हैं.

शारीरिक गतिविधि

योगा इसका वैकल्पिक ट्रीटमेंट हैं. सांसो से जुड़े अलग-अलग तरह के योग और एक्सरसाइज को डेली रुटीन का हिस्सा बनाने से माइग्रेन के दर्द को काफ़ी कम किया जा सकता हैं. लेकिन यह ध्यान रखे की किसी भी एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले वॉर्म-अप होना बहुत ही ज़रूरी हैं. इसके बाद ही हेवी वर्कआउट के बारे में सोचे. बॉडी को हमेशा हाइड्रेट रखने की कोशिश करे. इसके लिए ज़्यादा पानी पिए. मोटापा ना बढ़ने दे. मोटापा भी माइग्रेन का एक बड़ा कारण हैं. नसो में आ रही सूजन की एक वजह यह भी हो सकता हैं.

थरेपी

मालिश :- इस सिचुयेशन में सर की मालिश और ध्यान जैसी रिलॅक्सेशन थेरपी फायदेमंद रहती हैं.

सिकाई ;- सूजन कम करने का बेहतर तरीका हैं बर्फ से सिकाई. कनपटी और गर्दन पर कोल्ड थेरपी राहत देती हैं.

यह बातें रखे ध्यान :-

क्या करे :-

1. संतुलित आहार ले. ज़्यादा समय तक भूखे ना रहे.

2. अच्छी नींद ले.

3. म्यूज़िक या अन्य तरीक़ो से टेंशन फ्री होने की कोशिश करे.

4. रोज कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज करे.

5. एक्यूपंचर, मसाज जैसी थेरपी से बॉडी को बीच-बीच में रिलैक्स करते रहे.

क्या ना करे :-

1. डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा ना ले.

2. तेज धूप में बाहर ना जाए. तेज रोशिनी की तरफ ना देखे.

3. तेज गंध (स्मेल) वाली जगह पर ना ठहरे.

4. जंक फुड, शराब और तम्बाकू उदपाद का इस्तेमाल ना करे.






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