मिश्री खाने के फायदे और घरेलु नुस्खे एवं उपाय।

मिश्री खाने के फायदे और घरेलु नुस्खे एवं उपाय।

मिश्री का उपयोग हम प्रसाद के रूप में करते हैं। मिश्री और चीनी दोनों ही गन्ने के रस से बनते हैं। लेकिन फिर भी मिश्री को चीनी के मुकाबले शुद्ध माना जाता हैं। मिश्री की शुद्धता के कारण ही इसका इस्तेमाल हिन्दू देवी-देवताओं को प्रसाद चढ़ाने के लिए किया जाता हैं। मिश्री गुणों से भरपूर होती हैं। इसे खाने के कई सारे फायदे हैं। आज के लेख में हम मिश्री के फायदे, इसके उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय के बारे में जानेंगे। Benefits of Rock Candy (Mishri) in Hindi.

मिश्री के फायदे, घरेलू नुस्खे और उपाय

गला बैठने पर मिश्री का उपयोग करे

अगर आपका गला बैठ गया हैं तो बराबर मात्रा में मिश्री और सोंठ मिला कर पाउडर बना ले। इस पाउडर में शहद की कुछ बूंदे मिला कर छोटी-छोटी गोलिया बना ले। इन गोलियों को चूसने से बैठा गला सही हो जाता हैं और गले की खराश भी दूर होती हैं।

गले की खराश दूर करे

अगर आपके गले में खराश हैं तो मिश्री का पानी बना कर पीने से लाभ होता हैं। इस उपाय को अजमाने से सर्दी-जुकाम से तुरंत राहत मिलती हैं। मिश्री मीठी होती हैं, जिससे यह गले की खराश से बचने में मदद करती हैं। बच्चों को मिश्री के टुकड़े को चूसने दे, इससे उन्हें सर्दी-जुकाम और गले की खराश से बहुत जल्दी आराम मिल जाता हैं।

बवासीर में फायदेमंद

बवासीर होने पर मक्खन, मिश्री और नागकेशर को बराबर मात्रा में मिला कर पीस ले। फिर इस मिश्रण की 1 चम्मच मात्रा सुबह-शाम गर्म दूध में मिला कर पीजिये। इससे बवासीर में काफी लाभ होता हैं।

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए

गुनगुने दूध में केसर और मिश्री मिला कर पीने से बॉडी में एनर्जी और ताकत आती हैं। इस मिश्री और केसर मिले दूध को पीने से शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल भी बढ़ता हैं। इससे आपकी त्वचा में निखार आता हैं।

पोषण से भरपूर

मिश्री को दूसरी चीजों के साथ मिला कर खाने के कई सारे लाभ हैं। जैसे की भिन्डी की जड़ के साथ मिश्री को मिला कर खाने से यौन शक्ति में बढ़ोतरी होती हैं। मिश्री को नीम के पत्तियों के साथ मिला कर खाने से पेट दर्द और डायरिया से आराम मिलता हैं।

टॉन्सिल्स का इलाज

गले में टोंसिल्स को दूर करने के लिए मिश्री, मक्खन और इलाइची को बराबर मात्रा में मिला कर पेस्ट बनाये। इस पेस्ट को सुबह शाम खाने से टॉन्सिल्स से जल्द ही छुटकारा मिलता हैं।

रिफ्रेशिंग ड्रिंक के लिए

गर्मियों के दिनों में राहत पाने के लिए दक्षिण भारत के लोग पानी में मिश्री मिला कर एक रिफ्रेशिंग ड्रिंक बनाते हैं। इस ड्रिंक को बनाने के लिए 1 गिलास पानी में एक चम्मच मिश्री का पाउडर मिलाये। यह ड्रिंक दिमाग को बहुत ज्यादा सुकून एवं आराम पहुचाती हैं। इससे टेंशन से भी मुक्ति मिलती हैं, क्योंकि इससे शरीर को ग्लूकोज़ मिलता हैं, जिससे शरीर में एनर्जी आती हैं।

मूंह के छालों का इलाज

मूंह के छालें दूर करने के लिए मिश्री और इलाइची को पीस कर पेस्ट बना ले। इस पेस्ट को छालों पर लगाने से मूंह के छालों से आराम मिलता हैं।

माउथ फ्रेशनर के रूप में

सौंफ के साथ मिश्री को मिला कर खाने से यह माउथ फ्रेशनर का काम करती हैं। मिश्री का मीठा स्वाद आपको फ्रेश फील करवाता हैं और साथ ही मूंह में बैक्टीरिया को पैदा होने से रोकता हैं। यही कारण हैं की लोग खाना खाने के बाद मिश्री और सौंफ को एक साथ खाते हैं।

हाथ, पैर में जलन होने पर

मिश्री और मक्खन को बराबर मात्रा में मिला कर हाथ-पैर पर लगाने से उनमें होने वाली जलन से राहत मिलती हैं।

नकसीर का इलाज

नकसीर यानि की नाक से खून आने पर मिश्री को पानी में घोल ले और इसे मरीज़ को सूंघाए। इससे नाक से खून आना बंद हो जाता हैं।

चीनी का अच्छा विकल्प

मिश्री चीनी का ही एक अनरिफाइंड रूप हैं, इसलिए रसोई में इस्तेमाल होने चीनी से ज्यादा पोषक तत्व मिश्री में पाए जाते हैं। इसी वजह से कई सारे पकवानों में मिश्री का इस्तेमाल किया जाता हैं। जैसे की चॉकलेट या आम पन्ना बनाने के लिए मिश्री का प्रयोग होता हैं।

साइनस की समस्या में लाभकारी

मिश्री साइनस की समस्या में लाभदायक होती हैं। एक कटोरी पानी में 10 छोटी मिश्री के टुकड़े, 10 काली मिर्च और 10 तुलसी के पत्ते और 1 अदरक का टुकड़ा डाल कर उबाले। इस पानी को तब तक उबाले, जब तक पानी आधा न रह जाये। फिर इस पानी को छानकर गुनगुना ही रोजाना सुबह-शाम खाली पेट पीजिये।

खांसी दूर करने के लिए

मौसम के बदलने पर बच्चों को सर्दी-जुकाम और खांसी हो जाती हैं। वैसे तो खांसी दूर करने के लिए कफ सिरप का इस्तेमाल किया जाता हैं। लेकिन क्या आपको पता हैं की मिश्री खांसी से तुरंत राहत पाने के लिए एक बेहतरीन घरेलु उपाय हैं। इसमें ऐसे तत्व होते है जो गले की खराश दूर करते हैं और कफ को साफ करते हैं।

मिश्री और चीनी में कोई खास अन्तर हैं?

मिश्री में चीनी के मुकाबले कम कैलोरी होती हैं। एक चम्मच चीनी में 12 कैलोरी होती हैं, जबकि एक चम्मच मिश्री में 10 कैलोरी होती हैं। देखा जाए तो कैलोरी के मामले में दोनों में कुछ खास फर्क नहीं हैं। इसलिए मिश्री को उचित मात्रा में ही खाना चाहिए। मिश्री चीनी का एक रूप हैं, लेकिन मिश्री अनरिफाइंड होती हैं, जबकि चीनी को रिफाइंड करके बनाया जाता हैं।  महिलाओं को 1 दिन में 100 शुगर कैलोरी लेने की सलाह दी जाती हैं, जबकि पुरुष 1 दिन में 150 शुगर कैलोरी ले सकते हैं।

डायबिटीज के मरीज़ को मिश्री खानी चाहिए या नहीं?

अगर आप डायबिटीज के मरीज़ हैं तो आपके लिए मिश्री का सेवन करना सही नहीं हैं। क्योंकि इसमें शुगर होता हैं। यह चीनी के मुकाबले ज्यादा अच्छा तो नहीं हैं, लेकिन मिश्री में चीनी के मुकाबले ज्यादा पोषक तत्व होते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज़ को किसी भी हालत में मिश्री नहीं खानी चाहिए।




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