रास्ते में बिल्ली दिखे तो उससे नज़र न मिलाये।

रास्ते में बिल्ली आज जाये तो नज़र न मिलाये उससे

कुदरत हमें होने वाली घटनाओं का संकेत भी देती हैं। जानवर और पंछी प्रकृति के दिए गये संदेशों को अच्छी तरह से समझने की क्षमता रखते हैं। जबकि मनुष्य कुदरत के द्वारा दिए गये संकेतों को समझने में असफल ही रहता हैं। संसार में विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु पाए जाते हैं जो धरती पर जैविक विविधता को बनाये रखने के लिए जरूरी हैं। इन जानवरों की द्वारा अचानक की जाने वाली कई गतिविधियाँ हमें कुछ न कुछ सन्देश तो देती ही हैं। जैसे की यात्रा पर जाने के दौरान या रास्ते पर गुजरते हुए बिल्ली से सामना होना उनमे से एक हैं। खास करके यात्रा के दौरान जब आपको बिल्ली दिखाई दे।

बिल्ली के रास्ता काटने को लोग अशुभ मानते हैं। अगर कोई बिल्ली रास्ते से गुजर जाये तो लोग ठहर जाते हैं, फिर कुछ समय बीतने के बाद आगे का रास्ता तय करते हैं। बिल्ली का रास्ता काटने के बाद थोड़ा ठहर कर किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा वहा से गुजरने के बाद ही लोग उस रास्ते पर दुबारा से आगे बढ़ते हैं। यहाँ इस बात को हम क्लियर कर देते हैं की बिल्ली का रास्ता काटना एक आम बात हैं। आखिर बिल्लियों को भी तो रास्ते से ही होकर गुजरना पड़ता हैं, क्योंकि बिल्लियाँ उड़ नहीं सकती हैं, इसलिए वह पैरों से रास्ते को पार करती हैं।

मतलब की रास्ते में बिल्ली मिलना और बिल्ली का रास्ता काटना एक मामूली आम सी बात हैं। लेकिन यात्रा के दौरान रास्ते में बिल्ली आ जाये और वह बिल्ली आपसे आई कांटेक्ट (नज़रे) मिला कर रास्ता काट जाये या फिर आपके सामने आ कर आपकी आँखों में देखने लगे तो इसे कुदरत का एक सन्देश मानना चाहिए। अगर बिल्ली का रंग काला हो तो सावधान हो जाने की जरूरत हैं।

क्योंकि बिल्ली के आँखों का रंग और इसकी चमक केतु ग्रह के रंग और उसकी चमक को दर्शाती हैं। ज्योतिषियों के अनुसार केतु की शान्ति और शुभता के लिए “कैट्स आई” स्टोन पहनना चाहिए। क्योंकि केतु भी राहू की तरह एक छाया ग्रह हैं। एस्ट्रोलॉजी में केतु को धड़ और राहू को सिर माना गया हैं। यानी की केतु बिना सिर वाला अँधा ग्रह हैं जो की अनियंत्रित हैं। ऐसे में अगर सफ़र करने के दौरान इस ग्रह के सशक्त होने के संकेत मिले तो थोड़ा ठहर कर इंतज़ार करने में ही भलाई हैं। क्योंकि केतु एक दुष्ट ग्रह हैं और यह मष्तिक के संतुलित संकेत से वंचित हैं।

इस पर अगर बिल्ली का रंग काला हो तो और भी ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। क्योंकि काला रंग शनि ग्रह का रंग हैं। शनि को क्षण भर में व्ययापक परिवर्तन कर देने वाले ग्रह के तौर जाना जाता हैं।

अगर बिल्ली से नज़रे मिल जाये तो क्या करे?

यात्रा के दौरान अगर बिल्ली की आँखों से आँखे मिल जाये तो थोड़ा सा ठहर कर प्रतीक्षा करे। अपने वाहन को किनारे खड़ा कर दे। फिर दिमाग को शांत करने के लिए पानी पी ले और गहरी सांस लेकर अपने इष्टदेव का ध्यान करे। फिर अपनी यात्रा को प्रारंभ करे। या फिर अपने वाहन की स्पीड धीमी करले और वाहन को धीरे-धीरे चलाये। डरने की जरूरत नहीं हैं, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी हैं। सड़क के नियमो का पालन करे और ज्यादा उत्साहित होकर गाड़ी न चलाये।






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