विटामिन के बारे में पूरी जानकारी जरूर पढ़े।

विटामिन के बारे में पूरी जानकारी जरूर पढ़े।

विटामिन क्या होते हैं?

विटामिन छोटे-छोटे कंपाउंड होते हैं जो शरीर को सही तरह से काम करने में मदद करते हैं। विटामिन हमें भोजन के जरिये खाने-पीने वाली चीजों से प्राप्त होते हैं। हमारे शरीर के लिए 13 प्रकार के विभिन्न विटामिन्स की आवश्कयता होती हैं। यह विटामिन इस प्रकार से हैं विटामिन ए, बी, सी, डी, ई और के, यह सभी विटामिन्स शरीर के लिए बहुत ही जरूरी माने जाते हैं। अगर इनमे से किसी भी विटामिन की कमी हो गयी तो आपकी सेहत खराब हो सकती हैं और आपको विभिन्न प्रकार विटामिन की कमी के मुताबिक़ कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता हैं। आइये जानते हैं विटामिन के बारे में पूरी जानकारी। Full Information about Vitamin In Hindi.

विटामिन के बारे में पूरी और अच्छी तरह से जानकारी :-

विटामिन ए

यह विटामिन फैट में घुलनशील होता हैं और यह 2 प्रकार का होता हैं Retinoids एवं Carotenoids. सब्जियों के रंग जितने ज्यादा गहरे होते हैं, उस सब्जी में कैरोटीनोइड्स उतना ही ज्यादा मात्रा में होता हैं। कैरोटीनोइड्स के भी कई रूप होते हैं जैसे की Beta-Carotene, Alpha-Carotene और Beta-xanthophyll आदि।

विटामिन ए शरीर के लिए क्यों हैं जरूरी?

विटामिन ए आँखों की रोशिनी सही रखता हैं। यह स्वस्थ्य मसूड़ो, दांतों, हड्डियों, सॉफ्ट टिश्यू और म्यूकस मेम्ब्रेन, फर्टिलिटी और स्तनपान के लिए बहुत ही लाभकारी होता हैं।

इसकी कमी से क्या नुकसान होते हैं?

विटामिन ए की कमी से रतोंधी रोग हो सकता हैं। इसकी कमी से बच्चों में पाचन मार्ग और श्वास मार्ग की उपरी भाग में इन्फेक्शन आदि हो सकता हैं।

विटामिन ए किसमें सबसे ज्यादा पाया जाता हैं?

यह गाजर, पालक, ब्रोकली, अंडे, हरी पत्तेदार सब्जियां, मीट, दूध, पनीर, कद्दू, पपीता, आम, मछली, क्रीम आदि चीजों में ज्यादा पाया जाता हैं। यह याद रखे की नारंगी और पीले रंग वाले फल और सब्जियों में विटामिन ए सबसे अधिक होता हैं।

विटामिन बी काम्प्लेक्स

विटामिन बी के कई रूप हैं जैसे की Vitamin B1 (Thiamine), Vitamin B2 (Riboflavin), Vitamin B3 (Niacin), Vitamin B5 (Pantothenic Acid) , Vitamin B6 (pyridoxine), Vitamin B7 (Biotin), Vitamin B9 (Folic Acid) और Vitamin B12 (cobalamin). इनकी रचना भी अलग होती हैं और इनके काम भी अलग अलग ही होते हैं।

क्या काम करते हैं विटामिन बी

विटामिन B1 और B2 मांसपेशियों, नर्वस सिस्टम और ह्रदय की कार्यप्रणाली के लिए जरूरी होता हैं। विटामिन B3 पाचन तंत्र और नर्वस सिस्टम को कण्ट्रोल करने का काम करता हैं। विटामिन B6 रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता हैं और प्रोटीन को तोड़ता हैं। विटामिन B9 ब्रेस्ट कैंसर होने से बचाता हैं। विटामिन B12 सर्वाइकल कैंसर होने से बचाता हैं।

इसकी कमी से क्या नुकसान होते हैं?

शरीर में विटामिन बी की कमी से थकान, एनीमिया, डिप्रेशन, भूख न लगने जैसे प्रॉब्लम हो सकते हैं। साथ ही शरीर में इस विटामिन की कमी से मसल्स में दर्द, बालों का झड़ना और एक्जिमा जैसी बिमारियां भी हो जाती हैं।

विटामिन बी के स्रोत क्या हैं?

विटामिन बी आपको नॉन-वेजीटेरियन भोजन, डेरी उत्पाद, सूखे मेवे, अंकुरित अनाज, अंडे के पीले हिस्से, साबूत अनाज, पालक, फल्लीयां आदि में भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं।

विटामिन सी

इसे एक नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट माना जाता हैं। विटामिन सी शरीर में कभी भी जमा नहीं होता हैं।

क्या काम करता हैं?

यह शरीर के सेल्स को एक साथ जोड़ कर रखता हैं और खून नलिकाओं की दिवार को मजबूत बनाता हैं। दांतों और मसूड़ो को स्वस्थ्य बनाए रखता हैं। इससे शरीर की इम्युनिटी भी मजबूत होती हैं।

इसकी कमी से सेहत को क्या नुकसान होते हैं?

विटामिन सी की कमी से मसूड़े और दांत कमजोर हो सकते हैं। इसकी कमी से आपको एनीमिया भी हो सकता हैं। विटामिन सी की कमी के कारण चेहरे पर झुर्रियां भी पड़ सकती हैं।

विटामिन सी सबसे अधिक किसमे पाया जाता हैं?

विटामिन सी सबसे ज्यादा खट्टे फलों जैसे की संतरा, मौसमी, अमरुद, निम्बू, स्ट्रॉबेरी, टमाटर आदि में होता हैं। इसके अलावा ब्रोकोली, गोभी, अंकुरित अनाज, पालक, आंवला आदि में भी पाया जाता हैं। विटामिन सी सबसे ज्यादा खट्टे फलों में भी उपस्तिथ होता हैं।

विटामिन डी

यह ऐसा विटामिन हैं जो हमें धुप से प्राप्त होता हैं। लेकिन फिर भी भारत में शहरी नागरिको में 49% लोगो को और ग्रामीण निवासियों में से 20% लोगो में विटामिन डी की कमी पायी जाती हैं।

शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं विटामिन डी

यह शरीर में कैल्शियम लेवल को कण्ट्रोल में रखता हैं। जिससे नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती हैं। यह बॉडी के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता हैं।

कमी के नुकसान

विटामिन डी की कमी से आपके मसल्स कमजोर हो जाते हैं, जोड़ो में दर्द होता हैं, मोर्निंग सिकनेस, शारीरिक कमजोरी भी हो जाती हैं।

विटामिन डी के सोर्स क्या हैं

सूरज की किरणे विटामिन डी का सबसे बढ़िया स्रोत मानी जाती हैं। जब हमारे शरीर की खुली त्वचा पर सूरज की किरणे पड़ती हैं तो यह किरणे त्वचा में अवशोषित हो जाती हैं और इससे शरीर में विटामिन डी का निर्माण होता हैं। इसके अतरिक्त आप विटामिन डी को मुर्गे के मीट, मछली, दूध, अंडा और समुंदरी भोजन में आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

विटामिन ई

यह आपके स्किन के लिए बहुत ही जरूरी हैं। इससे फर्टिलिटी बढ़ती हैं।

क्या काम करता हैं?

यह त्वचा को जवां बनाये रखता हैं। स्त्री-पुरुषो की कमजोरी को दूर करता हैं। शरीर को जल्दी बुढा नही होने देता हैं। इससे स्किन सेल्स रिपेयर होते हैं, यह आँखों के लिए फायदेमंद होता हैं। कोलेस्ट्रॉल को कण्ट्रोल में रखता हैं।

इसकी कमी से क्या नुकसान होते हैं

इसकी कमी से चेहरे पर मुहांसे आदि होते हैं। स्त्री और पुरुषो दोनों में बांझपन की समस्या हो सकती हैं। स्किन पर बुढ़ापा जल्दी आने लगता हैं।

विटामिन ई के स्रोत :-

विटामिन ई सूरजमुखी के बीज, बादाम, आम, हरी मिर्च, एवोकाडो, कीवी, टमाटर, ब्रोकोली, पालक आदि में भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं।

विटामिन K

Vitamin K2 प्रकार का होता हैं K1 और K2. विटामिन के1 हरी सब्जियों आदि में पाया जाता हैं तो Vitamin K2 नॉन-वेज जैसे की अंडे, मीट और चीज़, दूध आदि में होता हैं। विटामिन के शरीर में खून के थक्कों को जमाने का काम करता हैं।

विटामिन K शरीर के लिए क्यों हैं जरूरी?

विटामिन K खून के थक्के बनाता हैं। यह कार्डियोवैस्कुलर को सही ढंग से काम करने में मदद करता हैं। यह हड्डियों को भी मजबूत बनाता हैं। और तो और यह कैंसर से बचने में भी मददगार होता हैं।

इसकी कमी से नुकसान

शरीर में विटामिन K की कमी होने पर ब्लीडिंग होना बंद नहीं होता हैं। अगर किसी को चोट लग जाये तो ज़ख्म जल्दी नहीं भरता हैं, क्योंकि खून के थक्के नहीं बन पाते हैं और खून पतला होकर लगातार बहता रहता हैं। इसकी कमी से हड्डियाँ भी कमजोर हो सकती हैं।

किसमें सबसे ज्यादा पाया जाता हैं विटामिन के

विटामिन K शलगम, ब्रोकोली, गोभी, शतावरी, सरसों का साग, पालक, कीवी, एवाकाडो, अंगूर, अंडा, मीट, दूध आदि में पाया जाता हैं।

विटामिन्स के जुड़े रोचक तथ्य और आंकड़े :-

1. विटामिन K2 को सही मात्रा में लेने से डायबिटीज होने का ख़तरा 20% तक कम हो जाता हैं।

2. हफ्ते में 3 दिन 15 मिनट धुप में बैठने से शरीर के लिए जरूरी विटामिन डी का निर्माण अपने आप हो जाता हैं।

3. ऑस्टियोपोरोसिस से जूझ रही 50% से ज्यादा महिलाओं में विटामिन डी की कमी पायी जाती हैं।

4. विटामिन B6 को सबसे स्थिर विटामिन माना जाता हैं।

5. जिनके खून में विटामिन सी का लेवल ज्यादा होता हैं, उन्हें स्ट्रोक होने का ख़तरा 42% तक कम हो जाता हैं।

6. एक अध्यन के अनुसार दुनियाभर के 33% बच्चे विटामिन ए की कमी से पीड़ित हैं।

विटामिन्स 2 कैटगरी के होते हैं

फैट में घुलनशील विटामिन बॉडी के फैट टिश्यू में जमा होते हैं। 4 विटामिन्स ऐसे हैं जो पानी में अघुलनशील हैं। जो की यह हैं विटामिन ए, डी, ई और के। विटामिन बी काम्प्लेक्स और विटामिन सी ऐसे विटामिन माने जाते हैं जो पानी में घुलनशील हैं, इन्हें शरीर सीधे ही इस्तेमाल कर लेता हैं और जब यह विटामिन शरीर में ज्यादा ज्यादा मात्रा में शरीर में चले जाये तो पेशाब के जरिये शरीर से बाहर निकल जाते हैं। विटामिन बी12 पानी में घुलनशील एक मात्र ऐसा विटामिन हैं जो लीवर में कई सालों तक जमा रह सकता हैं।

कितने कारगर होते हैं सप्लीमेंट

आपके शरीर के लिए प्रतिदिन कितनी मात्रा में विटामिन्स की जरूरत हैं यह आपकी उम्र और लिंग पर निर्भर करता हैं। वैसे तो आपको हमेशा संतुलित भोजन ही करना चाहिए। ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों को कैल्शियम और विटामिन डी विशेष रूप से विटामिन डी3 और Bisphosphonates को supplement के रूप में लेने की सलाह दी जाती हैं। विटामिन K भी हड्डियों को मजबूत बनाता हैं। विटामिन ए, डी, ई और K फैट में जमा होने वाले विटामिन हैं, इसलिए शरीर में ज्यादा जमा हो जाने पर यह आपको नुकसान भी पहुचा सकते हैं।








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