विटामिन B12 के बारे में पूरी जानकारी जरूर पढ़े।

विटामिन B12 के बारे में पूरी जानकारी जरूर पढ़े।

हमारे शरीर को चलाने और स्वस्थ्य रखने के लिए कई प्रकार के न्यूट्रीएंट्स की जरूरत पड़ती हैं। ऐसे में शरीर को विटामिन्स की भी आवश्यकता पड़ती हैं। इन्ही विटामिन्स में से एक हैं विटामिन बी12। अगर विटामिन B12 की शरीर में कमी हो जाये तो याददाश्त कमजोर होने लगती हैं और आप थकान महसूस करने लगते हैं। इसके अलावा आप डिप्रेशन के मरीज़ भी बन सकते हैं। आइये जानते Vitamin B12 के बारे में, यह शरीर के लिए कैसे जरूरी होता हैं? विटामिन B12 की कमी से क्या-क्या हानियाँ होती हैं, इसकी कमी दूर करने के लिए क्या करना चाहिए? Full Information of Vitamin B12 In Hindi.

स्वस्थ्य रहने के लिए आपको संतुलित एवं पौष्टिक भोजन करने की जरूरत होती हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता हैं की हम अपने खानपान में कोई कमी या गलती कर देते हैं जिससे हमारी सेहत खराब हो जाती हैं। शरीर को सही तरह से काम करने के लिए विटामिन्स और माइक्रो-न्यूट्रीएंट्स की आवश्यकता पड़ती हैं। उसी प्रकार दिमाग और नर्वस सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए विटामिन B12 की जरूरत होती हैं। इसलिए शरीर में विटामिन बी12 की कमी नहीं होने देनी चाहिए।

शरीर के लिए क्यों जरूरी होता हैं विटामिन B12?

Vitamin B12 हमारे सेल्स में पाए जाने वाले जीन्स डीएनए का निर्माण करने और उसकी मुरम्मत करने का काम करता हैं। यह ब्रेन, स्पाइनल कॉर्ड और नसों की कुछ तत्वों की रचना में मददगार होता हैं। हमारे शरीर के खून में रेड ब्लड सेल्स का निर्माण भी यही करता हैं। यह शरीर के सभी अंगो के लिए विभिन्न प्रकार के प्रोटीन का निर्माण करता हैं।

क्यों होती हैं शरीर में विटामिन बी12 की कमी?

1. अगर किसी व्यक्ति को लम्बे समय तक एनीमिया की बीमारी रही हो।

2. शाकाहारी लोगो में इस विटामिन की कमी होने की सम्भावना ज्यादा होती हैं, क्योंकि यह विटामिन ज्यादातर पशु आहार में पाया जाता हैं।

3. शरीर में इसकी कमी होने की वजह आनुवांशिक भी हो सकती हैं।

4. Crohn’s नाम की आंतो की बीमारी के कारण, क्योंकि इसके कारण आंते विटामिन बी12 को सोख नहीं पाता हैं।

5. आंतो और वजन कम करने वाली सर्जरी करवाने के कारण भी आपके शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो सकती हैं।

शरीर में विटामिन बी12 की कमी होने पर इसके क्या लक्षण होते हैं?

अगर शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो जाये तो आपके हाथ-पैरों में झिनझिनाहट और जलन, याद करने में दिक्कत आना, जीभ में सूजन होना, त्वचा का रंग पीला होना, चलने में मुश्किल होना, डिप्रेशन, थकान महसूस होना, कमजोरी महसूस होना जैसी समस्याएं होने लगती हैं। अगर शरीर में विटामिन बी12 बहुत ज्यादा कम हो गया हैं तो स्पाइनल कॉर्ड की नसें डैमेज होने लगती हैं। जिससे व्यक्ति को पैरालाइसिस का अटैक भी आ सकता हैं।

विटामिन बी12 सबसे ज्यादा खाने वाली किन चीजों में पाया जाता हैं?

जब भी किसी भी विटामिन की कमी शरीर में होती हैं तो सबसे पहले दिमाग में यही प्रश्न आता हैं की खाने-पीने वाली किन चीजों का इस्तेमाल करके, हम इस विटामिन की कमी को दूर कर सकते हैं। आइये जानते हैं खाने वाली ऐसी चीजों के बारे में जिन्हें अपने आहार में शामिल करके हम विटामिन बी12 की कमी को पूरा कर सकते हैं।

वैसे तो नॉन-वेगेटेरियन भोजन में ही Vitamin B12 सबसे ज्यादा पाया जाता हैं। लेकिन अगर आप शाकाहारी हैं तो आपको अपने खाने में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैं। आइये जानते हैं विटामिन B12 सबसे ज्यादा किसमें पाया जाता हैं? इसके उच्चतम स्रोत क्या हैं?

विटामिन बी12 डेयरी प्रोडक्ट्स में भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं। यह दूध, दही, पनीर, चीज़, मक्खन एवं सोया मिल्क में प्रचुर मात्रा में होता हैं। यह जमीन के अन्दर उगने वाली जड़ वाली सब्जियां जैसे की आलू, चुकंदर, गाजर, मूली, शलगम आदि में भी अच्छी मात्रा में मौजूद होता हैं।

अगर आप मांसाहारी हैं तो यह आपको मछली, अंडा, बकरे का मीट, मुर्गे का मीट आदि से आसानी से प्राप्त हो जायेगा। मांसाहारी उत्पादों को विटामिन बी12 का सबसे अच्छा सोर्स माना गया हैं। लेकिन ज्यादा नॉन-वेज खाने से आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता हैं, इसलिए नॉन-वेज को सिमित और संतुलित मात्रा में ही खाना सेहत के लिए अच्छा रहता हैं।

विटामिन बी12 की कमी का उपचार कैसे किया जाता हैं?

जो लोग विटामिन बी12 की कमी के लक्षणों को मामूली समझ कर नज़रअंदाज़ करने लगते हैं, आगे चलकर उन्हें कई सारी गंभीर बीमारियाँ हो जाती हैं। इसलिए यह जरूरी हैं की विटामिन बी12 का टेस्ट करवाया जाये। इस टेस्ट को करवाने के लिए सिर्फ 1500₹ से 2000₹ का खर्चा आता हैं।

इसके अलावा इसकी कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर रोगी को दवाई देते हैं। दवा की मात्रा रोग पर निर्भर करता हैं। इसका कोई साइड-इफ़ेक्ट नहीं होता हैं। यह दवाई आंतो में रहने वाले Lactobacillus Bacteria को सक्रिय करने का काम करती हैं। अगर सही समय पर इसकी कमी की पहचान कर ली जाये तो दवाइयों को लेने के साथ ही भोजन में खास ध्यान रखकर इसको दूर किया जा सकता हैं।

शरीर में विटामिन बी12 की कमी को दूर करने के लिए नॉन-वेजीटेरियन खाना खाने के जरूरत होती हैं और 3 से 6 महीने तक इसके कैप्सूल खाने पड़ते हैं। लेकिन शाकाहारी लोगो में विटामिन बी12 का लेवल जब तक नार्मल न हो जाये तब तक उन्हें कैप्सूल खाने की जरूरत पड़ती हैं। अगर कुछ समय बाद आपको फिर से शरीर में विटामिन बी12 की कमी के लक्षण दिखाई देने लगे तो आपको दुबारा से दवाई खाने की जरूरत पड़ती हैं।








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