सहजन के घरेलु नुस्खे और फायदे.

सहजन के घरेलु नुस्खे और फायदे. Benefits of Drumstick in Hindi.

सहजन (Drumsticks) या मूँगा जड़ से लेकर फूल और पत्तियों तक सेहत का ख़ज़ाना हैं. सहजन के ताज़े फूल हर्बल टॉनिक हैं. इसका वनस्पति नाम ‘Moringa oleifera हैं. इसके पत्ते में कई सारे ऐसे औषधीय तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से काफ़ी लाभदायक हैं. फिलीपींस, मेक्सिको, श्री लंका , मलेशिया आदि देशो में भी सहजन का बहुत ज़्यादा उपयोग किया जाता हैं.

साउथ इंडिया के फुड में इसका उपयोग खूब किया जाता हैं. सहजन के बीज से तेल निकाला जाता हैं, और छाल, पत्ते, गोंद, जड़ आदि से आयुर्वेदिक दवाए तैयार की जाती हैं. आयुर्वेद में 300 रोगो का सहजन से उपचार बताया गया हैं. तो आइए जानते हैं सहजन के कुछ खास गुण.

सहजन के घरेलु नुस्खे और फायदे :-

1. सहजन में कारबोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटैशियम , आयरन , मैग्नीशियम , विटामिन ए, सी और बी कॉंप्लेक्स भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं. एक रिसर्च के अनुसार इसमे दूध के मुक़ाबले 4 गुना ज़्यादा कैल्शियम और 2 गुणा ज़्यादा प्रोटीन पाया जाता हैं. नेचुरल गुणों से भरपूर सहजन में इतना ज़्यादा मेडिसिन पावर हैं की इसके फल और फूल से बने आचार और चटनी कई सारी बीमारियों से मुक्ति दिलाने में सहायक हैं. यह सिर्फ़ खाने वालो के लिए नही, बल्कि जिस ज़मीन पर इसे लगाया जाता हैं, उसके लिए भी लाभदायक होता हैं.

2. सहजन पाचन से जुड़ी समस्याओं को ख़त्म कर देता हैं. हैज़ा, दस्त, पेचिश, पिलिया आदि होने पर इसके पत्तो का ताज़ा रस, एक चम्मच शहद और नारियल पानी में मिला कर ले. यह बहुत ही बढ़िया दवाई हैं.

3. सहजन के पत्तों का पाउडर दिल के और कैंसर के रोगो के लिए बहुत ही बेहतरीन दवा हैं. यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखता हैं. इसका प्रयोग पेट में अलसर के इलाज के लिए किया जाता हैं. यह पेट के टिश्यू की मरम्मत करने में सक्षम हैं. यह बॉडी के एनर्जी लेवल को बढ़ा देता हैं.

4. इसके बीज में पानी को साफ करने का गुण होता हैं. बीज को चूरन के रूप में पानी के साथ मिलाया जाता हैं. पानी में घुलकर यह एक नेचुरल क्लरिफिकेशन एजेंट बन जाता हैं. यह पानी को बैक्टीरिया रहित बनाता हैं.

5. कुपोषण पीड़ित लोगो को आहार के रूप में सहजन का प्रयोग करने की सलाह दी जाती हैं. 1 से 3 साल के बच्चो और गर्भवती महिलाओं के लिए यह वरदान माना गया हैं. सहजन की जड़ को अजवाइन, हींग और सौंठ के साथ काढ़ा बनाकर पीने का प्रचलन हैं. इसका काढ़ा साईटिका रोग के साथ ही, पैरो के दर्द और सूजन में भी बहुत ही लाभकारी हैं.

6. इसका जूस प्रेग्नेंट औरत को देने की सलाह दी जाती हैं. जिससे डीलिवरी में होने वाली प्राब्लम से राहत मिलती हैं और डीलिवरी के बाद माँ की तखलीफ कम होती हैं. सहजन की पत्तियों के साथ सहजन का फल विटमिन्स से भरा होता हैं. सहजन में विटामिन ए होता हैं, इसलिए यह सौन्दर्यवर्धक के रूप में काम करता हैं. साथ की यह आँखों के लिए भी लाभकारी हैं.

7. पिंपल्स की प्राब्लम हो तो सहजन का सेवन करना चाहिए. इसके सूप से शरीर का ब्लड साफ होता हैं. चेहरे पर लालिमा आती हैं और पिंपल्स की समस्या ख़त्म हो जाती हैं. सहजन की पत्तियों से तैयार किया गया सूप तपेदिक, अस्थमा आदि रोगो में दवा का काम करता हैं.

8. इसमें कैल्शियम की मात्रा अधिक होती हैं, जिससे हड्डिया मजबूत बनती हैं. इसके अलावा आयरन , मैग्नीशियम और सिलिनियम होता हैं. इसलिए बच्चों और महिलाओं को इसका सेवन ज़रूर करना चाहिए. इसमे ज़िंक भी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं. जो पुरुषो की कमज़ोरी को दूर करने की अचूक दवा हैं. इसकी छाल का काढ़ा और शहद के प्रयोग से शीघ्र पतन की बीमारी ठीक हो जाती हैं और यौन दुर्बलता भी समाप्त हो जाती हैं.

9. सहजन में फॉलिक एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं. साथ ही सहजन में विटामिन सी भी बहुत मात्रा में होता हैं. यह कफ की समस्या में बहुत ही चमत्कारी दवा के तौर पर काम करता हैं. सर्दी- जुकाम होने पर सहजन को पानी में उबाल कर उस पानी का भाप ले.








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