हकलाना ख़त्म करने के उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय।

हकलाना ख़त्म करने के उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय।

हकलाने या अटक-अटक कर बोलने की समस्या ज्यादातर बच्चों में पायी जाती हैं। इसके अलावा जो व्यक्ति हकला कर बोलता या रूक रूक कर बोलता हैं, उसे लोगो के मज़ाक का शिकार बनना पड़ता हैं। हकला कर बोलने या अटक अटक कर बोलने से, या बोलते समय रूक रूक जाने से कुछ वाक्यों से आवाज़ या शब्द सही तरह से निकल नहीं पाते हैं। जिससे सुनने वाले व्यक्ति को भी अच्छा नहीं लगता हैं। Home Remedies of stuttering in Hindi.

जो लोग हकलाकर बोलते हैं, उनका सेल्फ-कॉन्फिडेंस भी कम होने लगता हैं। लेकिन दोस्तों आपको घबराने की जरूरत नहीं हैं। क्योंकि कुछ असरदार घरेलु नुस्खे और उपचार से आप हकलाने की समस्या को दूर कर सकते हैं। आइये जानते हैं हकलाना बंद करने के लिए क्या करना चाहिए? हकलाने की समस्या को ख़त्म करने के लिए आयुर्वेदिक घरेलु नुस्खे एवं इलाज।

हकलाने की समस्या का उपचार इन घरेलु नुस्खो द्वारा करे :-

1. नियमित रूप से आंवले को खाने से हकलाहट की समस्या दूर होने लगती हैं। इसके अलावा सुबह शाम एक चम्मच सूखे आंवले का चूर्ण और 1 चम्मच देसी घी को खाने से हकलाने से मुक्ति मिलती हैं।

2. गाय के घी के सेवन से भी हकलाना कम करने में मदद मिलती हैं। यह बहुत ही कारगर उपाय माना जाता हैं।

3. सूरज की ओर पीठ करके और मूंह खोल कर बैठ जाये, और हाथ में एक दर्पण रख ले। आइना ऐसा रखे की सूरज की रोशिनी आईने में प्रतिबिम्ब होकर आपके मूंह में पड़े। अब आप गहरी सांस ले और धीरे-धीरे करके अपना मूंह खोले। और आईने को अपनी जीभ पर प्रतिबिंबित करे। जीभ आपके मूंह के निचले हिस्से की तरफ होनी चाहिए, जैसे की कुत्ते जीभ निकाल कर रखते हैं, ठीक उसी तरह । अगर आपने सही तरह से इसका पालन किया तो अपनी जीभ को ढीला छोड़ दे, जीभ को कभी भी कड़ा न होने दे। क्योंकि ऐसा करने से हकलाहट दूर नहीं होगी। इसके बाद यह वाक्य लगातार बोलते रहे, “क्या हो”, इससे आपकी जीभ सही ढंग से कार्य करने लगेगी, जिससे आपकी हकलाने की समस्या ख़त्म होने लगेगी।

4. सोने से पहले छुहारे खाए और उसके बाद कम से कम 2 घंटे तक पानी पीने से बचे। इससे आपकी आवाज़  मधुर और साफ़ बन जाएगी और हकलाहट से निजात मिलेगी।

5. कुछ धनिये के बीज और ताल मिश्री (Palm Candy), को वल्लाराई (गोटू कोला) के पत्तो में रखकर चबाये, इससे भी हकलाना कम होने लगता हैं। इसके अलावा वल्लाराई (गोटू कोला) के पत्तो को धुप में सुखा कर पाउडर बना ले और इस चूर्ण को नियमित रूप से ले, इससे भी हकलाहट ख़त्म होने लगती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे की वल्लाराई जिसे गोटू कोला कहा जाता हैं, ब्राह्मी की तरह दिखने वाला एक पौधा हैं, लेकिन यह भी ब्राह्मी की तरह दिमाग के लिए फायदेमंद होता हैं।

6. दस काली मिर्च, 10 बादाम और थोड़ी मिश्री को एक साथ मिला कर पीस ले और लगातार 10 दिन तक इसी तरह यह मिश्रण बनाकर खाए, इससे भी हकलाहट दूर होने लगती हैं।

7. ब्राह्मी तेल को गुनगुना करके सिर पर 30 से 40 मिनट तक मसाज करे। फिर गुनगुने पानी से स्नान करले। इससे स्मरण शक्ति बढ़ती और अटक-अटक और हकलाकर बोलने की समस्या ख़त्म होने लगती हैं।

8. 12 बादाम की गिरियों को पानी में रात भर के लिए भिगोए, और सुबह उनके छिलके उतार कर पीस ले। इस बादाम के पेस्ट को 30 ग्राम मक्खन के साथ मिला कर खाए। ऐसा नियमित रूप से इसका सेवन करने पर हकलाना बंद हो जाता हैं।

9. एक चम्मच सारस्वत चूर्ण और आधा चम्मच ब्राह्मी किरुथ्म,  शहद के साथ मिला ले। इस मिश्रण को चावल के गोलों में मिलाकर मूंह में रखे और अच्छी तरह से चाबाये, इससे हकलाने से निजात मिलती हैं। अच्छे परिणाम प्राप्त करने के लिए इसे सुबह के समय नाश्ते के रूप में चटनी की तरह खाना चाहिए। इसके अलावा नाश्ते करने के बाद 30 ml सारस्वतारिष्ट लेने से भी हकलाने की समस्या में आराम मिलता हैं।सारस्वतारिष्ट को आप किसी भी आयुर्वेदिक दूकान से खरीद सकते हैं, यह दिमाग के लिए  एक आयुर्वेदिक टॉनिक हैं।

नोट :- अगर आपके बच्चे की उम्र 5 साल से ज्यादा हैं और वह पिछले 6 महीनो से हकला रहा हैं, तो तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करे।








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