हैंड सैनिटाइजर के इस्तेमाल को तुरंत बंद करने के 7 कारण

hand sanitizer ko istemal karne ke baad turant kyon band kar dena chahiye?

पब्लिक लू इस्तेमाल करने के बाद या खाना खाने के पहले अक्सर हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल करने की आपकी आदत है? अगर ऐसा है तो संभल जाइए…

रिसर्च में ये सामने आया है कि सैनिटाइजर्स जितना हमें फायदा नहीं पहुंचाते हैं, उससे कहीं ज्यादा वह नुकसानदायक साबित होते हैं।

1. ये उतना कारगर नहीं होते जितना माना जाता है-

अगर आप ऐसा सोचते हैं कि सैनिटाइजर की एक बूंद आपकी हथेली के सभी किटाणुओं को मार देगी, तो आप गलत हैं। ज्यादातर सैनिटाइजर्स 60 फीसदी एल्कॉहॉल के साथ आते हैं जो कि किटाणुओं को पूरी तरह से मारने के लिए पर्याप्त नहीं होता है।

इसका मतलब ये है कि साबुन से हाथ धोना कहीं ज्यादा कारगर उपाय है।

2. ट्राइक्लोसैन की खतरनाक मात्रा-

अगर आपके सैनिटाइजर में अल्कॉहॉल की कम मात्रा है, तो इसमें ट्राइक्लोसैन की मात्रा निश्चित रूप से ज्यादा होगी। ट्राइक्लोसैन एक पावरफुल ऐंटीबैक्टीरियल एजेंट है। इसका लगातार इस्तेमाल पारंपरिक ऐंटीबायॉटिक्स को आपके प्रति निष्प्रभावी बना देगा।

इसका साफ मतलब ये है कि ट्राइक्लोसैन आपको खांसी या जुकाम जैसी सामान्य बीमारियों के प्रति ज्यादा असुरक्षित बना देता है।

3. त्वचा के लिए नुकसानदायक है सैनिटाइजर की अधिक मात्रा-

हैंड सैनिटाइजर्स का लगतार इस्तेमाल आपकी त्वचा को खुरदुरा बना सकता है। इतना ही नहीं इसके चलते त्वचा संबन्धी कई बीमारियां भी हो सकती हैं।

इसीलिए सैनिटाइजर के इस्तेमाल के तुरंत बाद हैंड लोशन लगाने की सलाह दी जाती है।

4. सैनिटाइजर की गंध जहरीली हो सकती है-

ज्यादातर सैनिटाइजर्स में फालेट्स (Phthalates) की मात्रा पाई जाती है, जो कि खतरनाक रूप से जहरीला होता है। सूंघने से या किसी भी दूसरे तरीके आपके शरीर में पहुंचकर ये काफी नुकसान पहुंचा सकता है। इसका सबसे ज्यादा असर फर्टिलिटी पर पड़ता है।

5. BPA के अवशोषण को बढ़ा देता है-

BPA यानी बिसफेनॉल A एक प्रकार का रसायन है, जिसे हमें दूर ही रहना चाहिए। ये आपके एंडोक्राइन सिस्टम को अफेक्ट कर आपको कैंसर जैसी भयंकर बीमारी तक दे सकता है।

एक रिसर्च के मुताबिक हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल के तुरंत बाद बिसफेनॉल युक्त किसी चीज को छूने से इस रसायन के शरीर में दाखिल होने की संभावना सौ गुना तक बढ़ जाती है।

6. ये प्रतिरोधक क्षमता को कम देता है-

ऐसा देखने में आया है कि सैनिटाइजर्स खराब बैक्टीरिया के साथ-साथ अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देता है। और ये आपकी इम्यूनिटी के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं है।

7. अल्कॉहॉल की खतरनाक मात्रा-

क्या आपका सैनिटाइजर से भी वोदका जैसी गंध आती है? दरअसल ऐसा इसीलिए है क्योंकि इसमें अल्कॉहॉल की भारी मात्रा मौजूद है।

मार्च 2012 में अमेरिका के कैलिफोर्निया में ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जिसमें छह बच्चों को हैंड सैनिटाइजर पीने के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।


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