हैंड सैनिटाजर का इस्तेमाल क्यों नही करना चाहिए? इसके क्या नुकसान हैं?

हैण्ड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के बारे में जानिए।

अगर आप भी खाना खाने से पहले हैण्ड सैनिटाइजर का इस्तेमाल यह सोच कर करते हैं की इससे हाथों के बैक्टीरिया ख़त्म हो जायेंगे और आप बिमारियों से बचे रहेंगे तो एक बार यह लेख जरूर पढ़ ले। क्योंकि हैंड सैनिटाइजर से जितना हमें फायदा होता हैं, उससे कंही अधिक हमें नुकसान भी होता हैं। जी, हाँ हैण्ड सैनिटाइजर सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। आइये जानते हैं हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल क्यों नहीं करना चाहिए? हैण्ड सैनिटाइजर के नुकसान क्या हैं? Side-effects of Hand Sanitizer use in Hindi.

हैंड सैनिटाइज़र के नुकसान :-

सैनिटाइजर की महक ज़हरीली हो सकती हैं

अधिकतम सैनिटाइजर्स में फोलेट्स की मात्रा पाई जाती हैं, जो की काफी ज़हरीला होता हैं। इसलिए इसे सूंघने से या फिर किसी दुसरे तरीके से यह शरीर में चला जाये तो शरीर को नुकसान हो सकता हैं। इससे प्रजनन क्षमता पर बहुत ही बुरा असर पड़ता हैं। इसलिए हैण्ड सैनिटाइजर के इस्तेमाल से बचने की कोशिस करे।

एल्कोहोल की मात्रा पाई जाती हैं

अगर आपके सैनिटाइजर में वोडका की जैसी महक आती हैं? ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हैंड सैनिटाइजर में एल्कोहल की भारी मात्रा पाई जाती हैं। इसका उदाहरण यह है की साल 2012 में अमेरिका के केलिफोर्निया में 6 बच्चों ने हैण्ड सैनिटाइज़र को पी लिया था, जिसके कारण उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करवाना पड़ा।

उतना असरदार नहीं, जितना दावा किया जाता हैं

जो लोग यह सोचते हैं की सैनिटाइजर की एक बूँद हाथों में लगाने से हथेलियों में मौजूद सभी बैक्टीरिया मर जायेंगे, तो वह लोग काफी ज्यादा गलत सोचते हैं। अधिकतर हैंड सैनिटाइजर में 60% की मात्रा में एल्कॉहोल पाई जाती हैं, जो की पूरी तरह से हाथों के कीटाणुओं को मारने में ना काफी हैं। इसका मतलब यह हैं की खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोना, हैंड सैनिटाइजर के मुकाबले काफी ज्यादा बेहतर हैं।

BPA के अवशोषण को बढ़ाता हैं

BPA (बिसफेनॉल A) एक तरह का केमिकल हैं, जिससे दूर रहने में ही भलाई हैं। यह आपके एंडोक्राइन सिस्टम पर बुरा असर डालता हैं, जिससे कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती हैं। एक रिसर्च के अनुसार हैंड सैनिटाइजर के तुरंत इस्तेमाल के बाद बिसफेनॉल युक्त किसी भी चीज़ को छूने से, इस केमिकल के शरीर में दाखिल होने का ख़तरा कई गुणा ज्यादा बढ़ जाता हैं।

ट्राइक्लोसैन की ज्यादा मात्रा होती हैं

अगर आपके हैंड सैनिटाइजर में एल्कोहोल की मात्रा कम हैं तो इसमें ट्राइक्लोसैन की मात्रा स्वभाविक रूप से ज्यादा होगी। ट्राइक्लोसैन एक शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल तत्व हैं। इसका नियमित रूप से इस्तेमाल करने से यह आपके शरीर को एंटीबायोटिक के प्रती निष्प्रभावी बना देता हैं। जिसके कारण अगर आप कभी बीमार पड़ते हैं और एंटीबायोटिक का सेवन करते हैं तो आप जल्दी ठीक नहीं हो पाएंगे। इसका यह भी मतलब हैं की कि ट्राइक्लोसैन की ज्यादा मात्रा आपके पारम्परिक एंटीबायोटिक्स को कम कर सकता हैं, जिससे अगर आपको साधारण सी खांसी, जुकाम भी हो जाये तो यह आपके लिए खतरनाक हो सकती हैं।

बॉडी की इम्युनिटी को कमजोर बनाये

ऐसा भी देखने को मिलता हैं की सैनिटाइजर्स के इस्तेमाल से हाथों के खराब बैक्टीरिया तो मरते ही हैं, साथ में अच्छे बैक्टीरिया भी नष्ट हो जाते हैं। जिससे आपकी बॉडी की इम्युनिटी कमजोर होने लगती हैं।

स्किन के लिए हानिकारक हैं सैनिटाइजर का ज्यादा इस्तेमाल

हैंड सैनिटाइजर के लगातार इस्तेमाल से आपकी त्वचा खुरदुरी हो सकती हैं। इसके अलावा इससे आपको स्किन प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं। इसलिए सैनिटाइजर के इस्तेमाल के तुरंत बाद हैंड लोशन लगाना चाहिए, ताकि स्किन को नुकसान होने से बचाया जा सके।








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