होली के त्यौहार को बेहतर तरीके से कैसे मनाये?

होली के त्यौहार को बेहतर तरीके से कैसे मनाये?

होली रंगों और खुशियों का त्यौहार हैं। जब भी होली आती हैं तो आपको गलियों में “बुरा न मानो, होली हैं” की गूंज सुनाई देने लगती हैं। होली की मस्ती में लोग “रंग बरसे भीगे चुनर वाली” गाने को खूब गाते हैं, शायद महानायक अमिताभ बच्चन जी का यह गाना होली का दुसरा मतलब ही बन गया है। लेकिन होली की मस्ती को दुसरा कोई बुरा माने चाहे न माने, लेकिन आपकी सेहत बुरा मान सकती हैं। आइये जानते हैं की होली के त्यौहार को कैसे सेफ तरीके से मनाये, ताकि आपको कोई नुकसान न हो सके।

होली को लेकर बच्चों के सेफ्टी के लिए कुछ उपयोगी टिप्स :-

होली का त्यौहार बच्चों को खूब भाता हैं। इस त्यौहार में बच्चे धमाल मचाते हुए मस्ती करते हैं। होली के त्यौहार आने से कुछ दिन पहले ही बच्चे गुब्बारे, रंग, पिचकारी आदि का इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन होली को सेफ तरीके से मनाने के लिए बच्चों को कुछ नियम और बातें जरूर समझाये, ताकि बच्चों को कोई हानि न हो सके।

■ बच्चों को नेचुरल कलर से होली खेलने और पानी बचाने की सलाह दे।

■ साफ़-सुथरी और अच्छी होली खेल कर खुद बच्चों के लिए एक मिसाल कायम करे।

■ बच्चो को समझाये की दुसरे लोगो पर बिना उनकी मर्जी के रंग डालना सही नहीं हैं। वहीँ दुसरे लोगो को भी समझाये की वे लोग बच्चों पर जबरदस्ती रंग न डाले।

■ अगर आपके बच्चे छोटे हैं तो परिवार का कोई मेम्बर हमेशा उनके साथ रहना जरूरी हैं।

■ बच्चों को गीले फर्श पर भागने से रोके। उनको ये बताये की गीले फर्श पर भागने से वह फिसल सकते हैं और उनको चोट लग सकती हैं। बच्चों की चप्पल की बजाये न फिसलने वाले जूते पहनाना चाहिए।

■ इस बात का ध्यान रखे की बच्चे रंग को न तो मूंह में या न तो आँखों में डाल सके। अगर उनकी आँखों या मूंह में रंग चला गया हो तो डॉक्टर से सम्पर्क करे।

■ अगर बच्चे सीधी तरह से आपकी बात नहीं मानते हैं तो उन्हें example देकर समझाए की केमिकल कलर के इस्तेमाल से उनकी स्किन और बाल ख़राब हो सकते हैं। पानी वाले गुब्बारों के इस्तेमाल से उनकी आँखों में चोट लग सकती हैं।

■ फेस्टिवल की मस्ती में बच्चों को अंडे, मिट्टी, गटर का पानी आदि को इस्तेमाल करने से रोके। कभी भी इन चीजों के प्रति लापरवाही न दिखाए।

■ अगर बच्चे को पिम्पल या दूसरी स्किन प्रॉब्लम हैं तो उसे रंगों से ज्यादा खेलने न दे। बेहतर होगा की किसी विशेषयज्ञ से इसकी सलाह ले।

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होली खेलने जाने से पहले इन बातों का रखे ध्यान :-

होली को खेलने के दौरान चेहरे को बचा कर रखना जरूरी हैं। अगर फिर भी कोई आपके चेहरे को टारगेट करता हैं तो अपने होंठों और आँखों को कस कर बंद करले।

होली के दिन अगर घर से बाहर ही जाना पड़े तो कार के शीशे बंद करके रखे। होली खेलने से पहले आँखों के आसपास कोल्ड क्रीम या नारियल का तेल अच्छी तरह से लगा ले। इससे रंग आसानी के साथ उतर जाते हैं और आँखों को भी नुकसान नहीं होता हैं।

साबुन की जगह पर अच्छी क्वालिटी का क्लींजिंग मिल्क का इस्तेमाल करे। आँखों में अगर रंग चला गया हो तो जलन ख़त्म होने तक लगातार इसे साफ़ पानी से धोते रहे, लेकिन आँखों को ज्यादा न मसले। अगर तखलीफ़ ज्यादा हो रही हैं तो फ़ौरन किसी eye specialist को दिखाए। ज्यादा देर करने से आँखों की रौशनी पर बुरा असर पड़ सकता हैं। और बिना डॉक्टर के परामर्श से आँखों में कोई दवाई भी न डाले।

अगर कोई चेहरे पर पानी वाले रंग डालता हैं तो कोर्निया और iris जैसे हिस्सों की सेफ्टी के लिए आँखों को बंद करके रखे।

रंगों और पानी से आँखों को बचाने के लिए sunglass का इस्तेमाल करे। होली खेलने जाने से पहले contact lens भी उतार दे। अगर लेंस में रंग चला गया तो इससे इन्फेक्शन हो सकता हैं। रंग हटाने के लिए हल्के गर्म पानी का इस्तेमाल करे और इस दौरान अपनी आँखों को बंद रखे।

इन्हें बनाए अपनी शील्ड :-

होली खेलने के बाद अपने बालों को शैम्पू से अच्छी तरह धोये और साथ ही बालों में कंडीशनर भी लगाए।

होली खेलने के लिए हर्बल या आर्गेनिक कलर को ही प्राथमिकता दे।

कील-मुहांसे की समस्या हैं तो ऑयल फ्री sun-block चेहरे और शरीर पर लगाए। यह स्किन को सेफ्टी कवर प्रदान करता हैं।

ऐसे कपड़े पहने जिससे आपकी बॉडी ज्यादा से ज्यादा ढकी हुई हो।

होली खेलने से तकरीबन आधा घंटे पहले अच्छी क्वालिटी का मॉइस्चराइजर या ऑयल (बेबी, बादाम या नारियल आदि का तेल) लगाये। इतने समय में स्किन तेल को सोख लेगा, इसके बाद आप होली मज़े के साथ खेल सकते हैं।

धूप और रंग दोनों मिलकर फोटोटॉक्सिक रिएक्शन बनाते हैं, इसलिए होली खेलने से आधा घंटा पहले 30-50 SPF का सनस्क्रीन जरूर लगाये।

होंठो की सेफ्टी के लिए पेट्रोलियम जेली या लिप बाम लगाए। नाखूनों पर रंगों की परत चढ़ने से बचाने के लिए होली खेलने से पहले इन पर पेट्रोलियम जेली या फिर ट्रांसपेरेंट नेल इनेमल की लेयर लगाये।

बालों को हैट, कैप या किसी चीज़ से कवर करके रखे।

होली के रंगों को छुड़ाने के लिए PH बैलेंस्ड साबुन, सोप-फ्री cleanser, बॉडी वाश और फेस वाश का इस्तेमाल करे।

बालों को बचाने के लिए सीरम या तेल लगाये। इसके बाद लेडीज बालों को अच्छी तरह से बाँध ले।

ड्राई से नार्मल स्किन के लिए ज्यादा SPF वाला सनस्क्रीन लगाये। इससे शरीर में चिकनाहट बनी रहती हैं और खुरदुरे रंग स्किन को कम हानि पहुचाते हैं।

इसके बाद भी स्किन ज्यादा रूखी हो या फिर बर्न या रैशेज आते हो Calamine Lotion लगाये। साथ ही किसी Dermatologist (Skin specialist) की सलाह भी ले।

पानी की बचत जरूर करे :-

ज्यादातर लोग यह मानते हैं की Eco-friendly होली का मतलब नेचुरल कलर से होली खेलना होता हैं। लेकिन पानी की बचत करना भी इसका एक जरूरी हिस्सा हैं। एक रिसर्च के मुताबिक होली की मस्ती में एक शहर में एक दिन में करीब डेढ़ करोड़ लीटर पानी खर्च कर दिया जाता हैं। सोचिये यह पानी कहाँ वेस्ट होता हैं? एक्सपर्ट के अनुसार सामान्य दिनों में एक व्यक्ति को नहाने के लिए 20 लीटर पानी की जरूरत होती हैं, जबकि केमिकल वाले रंगों से होली खेलने के बाद नहाने के लिए 60 लीटर पानी की खपत होती हैं। सूखे रंगों और गुलाल से होली खेलकर आप तकरीबन 40 लीटर पानी की बचत की जा सकती हैं।

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आँखों को होली खेलने से हो सकते हैं यह नुकसान :-

होली खेलने के लिए बाजारों में मिलने वाले सिंथेटिक कलर में कॉपर सल्फेट होता हैं, जिसके कारण कुछ समय के लिए आँखों में अँधापन भी आ सकता हैं या फिर लम्बे समय तक आँखों में संक्रमण हो सकता हैं। रंगों को चमकाने के लिए इनमे Maica मिलाया जाता हैं। जो आँखों की कोर्निया को नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर यह रंग आँखों के लेंस के बीच तक चले जाये तो आँखों में इन्फेक्शन भी हो सकता हैं।

Corneal Aberration होने से आँखों में पानी आने के साथ तेज़ दर्द भी होता हैं। अगर इसका उपचार ठीक तरह से न किया जाये तो इन्फेक्शन होने के बाद अल्सर होने की सम्भावना होती हैं। पानी वाले गुब्बारे तो आंखों को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। इससे रेटिना में खरोच आ सकती हैं। आँखों के अंदर ब्लीडिंग हो सकती हैं। या फिर लेंस अपनी जगह से हट सकते हैं। गुबारों की चोट से macula (आँख का वह हिस्सा जिससे हमें देखने में मदद मिलती हैं) पर भी असर पड़ता हैं।

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होली खेलने के बाद रंग छुड़ाने के 20 सुरक्षित और आसान तरीके :-

होली खेलने के बाद तब आपको ज्यादा मुश्किल लगता हैं, जब होली के रंगों को उतारने या छुड़ाने की बारी आती हैं। आइये जानते हैं होली के रंगों को निकालने के 20 आसान टिप्स और उपाय, जिसे आप होली खेलने के बाद रंग हटाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

1. होली के दिन से 3-4 दिन पहले वैक्सिंग, Threading या फेसिअल किसी भी तरह के ट्रीटमेंट को नहीं करवाना चाहिए।

2. होली के 2-3 दिन पहले शेव करना बंद करदे तो ही अच्छा रहेगा। इससे चेहरे से रंग निकालने में आसानी होती हैं।

3. संतरे के सूखे छिलके, गुलाब जल और निम्बू का रस मिला कर लगाने से रंग आसानी से छूटने लगते हैं।

4. सूखे गुलाल को पानी से साफ करने की बजाये, हाथों से ही झाड़ना चाहिए। पानी पड़ने से यह बिखर जाता हैं।

5. बेसन और दही का पेस्ट बना कर स्किन पर लगाये। कुछ देर बाद पानी से धो कर साफ़ करले, इससे होली के रंग आसानी के साथ उतर जाते हैं।

6. अमचूर पाउडर को कुछ देर तक पानी में भिगो दे और फिर इसकी मदद से रंग छुड़ाये। इससे रंग जल्दी ही हल्के पड़ने लगते हैं।

7. एलो वेरा जेल और गुलाब जल या खीरे का जूस तैयार रखे। अगर रंगों की वजह से जलन और खुजली हो रही हैं तो इन्हें लगाने से काफी ज्यादा आराम मिलता हैं।

8. रंग छुड़ाने के लिए नेल पेंट रिमूवर का इस्तेमल भूल कर भी न करे।

9. बालों पर अंडे का पीला हिस्सा और दही लगा कर 45 मिनट तक छोड़ दे और फिर किसी माइल्ड शैम्पू से बालों को धोये।

10. चेहरे से रंगों को हटाने के लिए इसे बार-बार न धोये। इससे स्किन ड्राई हो जाएगी, जिससे आपको और ज्यादा परेशानी होगी।

11. दो चम्मच मेथी और 3 चम्मच शिकाकाई पाउडर में आंवला पाउडर मिला कर पानी में उबाले। फिर उस पानी से अपने बालों को शैम्पू करे। इसके बाद बालों में हीना लगाये।

12. स्किन से कलर हटाने के बाद एंटी-सेप्टिक और मॉइस्चराइजर जरूर लगाए।

13. अगर मुहांसे हैं तो स्क्रब न लगाये। उसकी जगह पर कच्चे दूध और बेसन को मिला कर पेस्ट बनाये और इसे हल्के हाथों से लगाए। इससे रंग आसानी से निकल जाता हैं।

14. मेथी पाउडर और दही का पेस्ट बना कर बालों को मॉइस्चराइज करे।

15. एक छोटे चम्मच सिरके में 3 चम्मच तेल मिला कर बालों में लगाए, इससे बालों में मजबूती आती हैं।

16. अगर किसी ने चेहरे पर ऑयल पेंट लगा दिया हैं तो नारियल के तेल में भीगी रूई से हल्के हाथों से चेहरे को साफ़ करे।

17. चेहरे पर साबुन लगाने से पहले नारियल का तेल लगाने से, रंग आसानी के साथ उतर जाते हैं।

18. रंग हटाने के लिए स्किन पर निम्बू रगड़े। इसके बाद आटे और नारियल के तेल से बने उबटन को लगाये। इससे रंग आसानी के साथ निकल जाते हैं।

19. निम्बू, शहद, दूध और बादाम का पाउडर मिला कर पेस्ट बनाये। इस पेस्ट को लगाने से रंग बहुत ही जल्दी छूटने लगते हैं।

20. स्किन पर भीगी हुई मुल्तानी मिट्टी का पेस्ट लगा कर रखने से भी रंग आसानी के साथ उतरने लगते हैं।

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भांग का नशा उतारने के तरीके और घरेलु नुस्खे :-

कई लोग होली के दिन भांग का सेवन करते हैं। लेकिन यह तब नुकसानदायक हो जाता हैं जब लोग भांग का ओवरडोज़ ले लेते हैं। लेकिन कुछ घरेलु नुस्खे और उपाय के जरिये भांग का नशा उतारा या कम किया जा सकता हैं। आइये जानते हैं भांग का नशा कम करने या इसे दूर करने के लिए उपयोगी घरेलु नुस्खे और उपाय।

भांग का नशा उतारने के लिए दही या छाछ पीना लाभकारी होता हैं।

भांग पीने वाला व्यक्ति अगर बेहोशी की हालत में हैं तो उसके कानों में गुनगुने सरसों के तेल की कुछ बूंदे डाले। इससे उसकी बेहोशी दूर होने लगती हैं।

30 ग्राम पकी इमली को 250 ग्राम पानी में भिगो कर अच्छी तरह से छान ले। फिर इस इमली वाले पानी में इमली के जितना ही गुड़ मिला ले। भांग का नशा ज्यादा चढ़ गया हो तो भांग पीने वाले व्यक्ति को यह इमली-गुड़ वाला पानी पिलाये।

■ निम्बू भी भांग का नशा जल्दी से उतार देता हैं। भांग का नशा कम करने के लिए व्यक्ति को निम्बू चूसना चाहिए या फिर उसे निम्बू का अचार खिलाना चाहिए।

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होली खेलने के लिए सबसे अच्छा और सुरक्षित तरीका हैं घर के बने रंगों का इस्तेमाल करना :-

होली का असली मज़ा तभी है जब आप इसे एन्जॉय करने के साथ सुरक्षित ढंग से मनाते हैं। इसलिए घर में खुद हर्बल कलर बनाये और बिना किसी भय के साथ होली खेले।

होली के प्राकृतिक रंग घर पर बनाने का तरीका :-

► लाल रंग बनाने का तरीका :- लाल रंग बनाने के लिए आप लाल चन्दन के पाउडर का इस्तेमाल करे। इसका रंग तो स्किन के लिए अच्छा तो होता ही हैं, साथ में इसकी महक भी आपको दीवाना बना देगी। अनार के छिलकों को पानी में उबाल कर बेहतरीन लाल रंग प्राप्त किया जा सकता हैं। गुलाब की सूखी हुई पंखुड़ियों से बढ़िया सुगन्धित लाल रंग का पाउडर बनाया जा सकता हैं।

► गुलाबी रंग के लिए :– चुकंदर का एक बड़ा टुकड़ा काट कर पानी में मिला दे। इससे आपको बेहतरीन गुलाबी रंग मिलेगा।

► हरा रंग बनाने के लिए :- चटक हरा रंग बनाने के लिए आप मेहँदी पाउडर का इस्तेमाल करे। पुदीने और पालक की पत्तियों से भी हरा रंग बनाया जा सकता हैं।

► सूखा गुलाल बनाने का तरीका :- सूखे गुलाल को बनाने के लिए गुलाब और दुसरे फूलों की पंखुड़ियों को सूखा ले और इन्हें पीस कर पाउडर बना ले।

► पीला रंग बनाने के लिए :- पीला रंग बनाने के लिए आप हल्दी पाउडर का इस्तेमाल करे या फिर इसमें थोड़ा सा बेसन मिला ले। गेंदे या टेसू के फूलों को सारी रात पानी में भिगो कर रखे या फिर इन्हें पानी में उबाले। इससे आपको अच्छा पीला रंग प्राप्त हो जाता हैं।

► नीला रंग बनाने की विधि :- नीले रंग को बनाने के लिए Indigo Plant की बेरीज या फिर जैकरेंडा (नीली गुलमोहर) के सूखे फूलों का इस्तेमाल करे।

नोट :- अगर आपको नेचुरल हर्बल कलर बनाने में परेशानी होती हो तो आप किसी भरोसेमंद दूकान से अच्छी क्वालिटी के हर्बल कलर को खरीद सकते हैं। इसके अलावा ज्यादा गहरे रंगों को खरीदने से बचे।








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