जानिए किन कारणों से होता हैं कब्ज़?

Kabz hone ki wajah kya hain?

कब्ज़ होने की वजह क्या हैं? कब्ज़ एक ऐसी समस्या हैं, जो सभी लोगो को कभी न कभी होती ही हैं। कब्ज़ उसे कहते हैं जब हमें मलत्याग करने की इच्छा होती हो, लेकिन जब टॉयलेट में जाने पर बहुत जोर लगाने के बाद थोड़ा सा पखाना आता हैं या पॉटी बिलकुल भी नहीं आती हो। ऐसी स्तिथि होने पर यह माना जाता हैं की आदमी को कब्ज़ हो गया हैं। यह काफी दर्दनाक भी हो सकता हैं।

कब्ज़ होना इस बात की ओर भी इशारा करता हैं की आप आंत्र बाधा से पीड़ित हैं। जब यह प्रॉब्लम बहुत ज्यादा सीरियस हो जाये तो व्यक्ति का कई दिनों तक मल त्याग नहीं हो पाता हैं। इसलिए कब्ज़ को ज्यादा बढ़ने नहीं देना चाहिए, ज्यादा गंभीर स्तिथि होने पर इसे Obstipation कहा जाता हैं।

पेट में कब्ज़ की होने पर शरीर पर बुरा असर पड़ता हैं। वैसे तो कब्ज़ दूर करने वाले कई सारे घरेलु नुस्खे और उपाय और दवाइयां मौजूद हैं। लेकिन इसके इलाज के साथ साथ यह भी जानना जरूरी हैं, की आखिर कब्ज़ होने की वजह क्या हैं? आखिर कब्ज़ कैसे होता हैं? What is the main reason of Constipation in Hindi. Cause of Constipation in Hindi.

कब्ज़ होने की वजह :-

■ बुढ़ापा होने की वजह से

जैसे जैसे लोग बूढ़े होते चले जाते हैं, उनके शरीर में भी कई सारे परिवर्तन आने लगते हैं। ऐसा कहा जाता हैं की बुढ़ापा आने पर बॉडी का मेटाबोलिज्म रेट धीमा हो जाता हैं और पाचन भी धीमा हो जाता हैं। जिसकी वजह से कब्ज़ की समस्या होने लगती हैं।

■ प्रेगनेंसी पीरियड के कारण

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला में बहुत ज्यादा हार्मोनल बदलाव आने लगते हैं। जिसकी वजह से कब्ज़ की प्रॉब्लम होने लगती हैं। भ्रूण वृद्धि होने पर पाचन के रास्ते पर दबाव पड़ता हैं, जिसकी वजह से भोजन धीमी गति से पचता हैं। प्रेगनेंसी में कब्ज़ को दूर करने के लिए घरेलु नुस्खो को अजमाना चाहिए। हो सके तो प्रेगनेंसी में दही जरूर खाए

■ पानी कम पीने के कारण

अगर आप जरूरत से कम मात्रा में पानी पीते हैं तो शरीर बॉडी में जमा पानी की सप्लाई करने लगता हैं। आपका शरीर सभी सोर्स से पानी सोख कर इसे डैमेज करने की कोशिश करता हैं और बॉडी से निकलने वाले फ़ालतू पदार्थ इसके मुख्य लक्ष्य होते हैं, जिसके कारण कब्ज़ होने लगती हैं। इससे मल (पॉटी) या फालतू पदार्थ सूख जाते हैं। जिसके कारण मलत्यागने में कठिनाई का सामना करना पड़ता हैं। इसके अलावा जब आप धीरे-धीरे करके खाना खाते हैं तो खाना जब आंतो से गुजरता हैं तब मलाशय,  भोजन से ज्यादा पानी सोख लेता हैं, जिसके कारण यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं। इसलिए रोजाना भरपूर मात्रा में पानी पीते रहना चाहिए। ढेर सारा पानी पीने से कब्ज़ को दूर करने में आसानी होती हैं।

■ Laxatives का सेवन बहुत ज्यादा करने से

ज्यादातर लोग मलत्याग को नियमित बनाने के लिए Laxatives का इस्तेमाल बहुत ज्यादा करते हैं। Laxatives आदत में शामील हो जाता हैं, जिसका मतलब यह होता हैं की आप जितना ज्यादा इसका उपयोग करेंगे, अगली बार उतना ही परिणाम प्राप्त करने के लिए आपको ज्यादा मात्रा में इसे लेने की जरूरत पड़ेगी। अगर आप Laxatives को खाते हैं तो धीरे-धीरे करके इस आदत को छोड़ दे। आप की जानकारी के लिए बता दे की Laxatives वह चूर्ण हैं जिन्हें आप बाज़ार से खरीद कर लाते हैं। जैसे की कब्ज़ दूर करने वाले किसी ब्रांडेड कम्पनी का चूर्ण, यानी की सीधा सा मतलब हैं की मेडिकल की दूकान से कब्ज़ दूर करने वाले चूर्ण यानि Laxatives को रोजाना न खाए। अगर आप इन्हें रोजाना खाते हैं तो यह आपकी आदत बन जाते हैं।

■ कैंसर और दूसरी बिमारियों की वजह से

कई हालात जैसे की कोलन कैंसर या दूसरी शारीरिक बीमारियाँ जैसे की पार्किसन, डायबिटीज, हाइपोथायराइडिज्म की वजह से भी कब्ज़ की समस्या हो सकती हैं। इस तरह के मामलों में बेहतर होगा की आप डॉक्टर से परामर्श करे।

■ खराब और कम शारीरिक मेहनत वाली लाइफस्टाइल के कारण

आज कंप्यूटर और मशीनों का युग हैं, जिसके कारण व्यक्ति की शारीरिक मेहनत अब कम होने लगी हैं और लोगो की जीवनशैली भी अनहेल्दी हो गयी हैं। कई कार्यों के लिए शरीर कसरत पर निर्भर करता हैं जैसे की म्यूकस का प्रोडक्शन (मलाशय को लुब्रिकेंट रखने के लिए जरूरी लिक्विड) और मेटाबोलिज्म रेट को तेज़ बनाना। जब हम शारीरिक परिश्रम नहीं करते हैं तो मेटाबोलिज्म रेट धीमा हो जाता हैं, जिसकी वजह से कब्ज़ होने लगती हैं। इसलिए शारीरिक रूप से भी मेहनत करनी जरूरी हैं। अगर आप ऑफिसर हैं तो आपको कसरत जरूर करना चाहिए।

■ टॉयलेट जाने की इच्छा होने के बावजूद न जाना

कई लोगो को टॉयलेट जाने की इच्छा होने पर उसे कण्ट्रोल करने की आदत होती हैं। हालांकि कई बार ऐसे हालात बन जाते हैं की व्यक्ति को शौच लगने पर इसे कण्ट्रोल करना पड़ता हैं। लेकिन अगर आप हमेशा ऐसा ही करते हैं तो इससे कब्ज़ की बीमारी हो सकती हैं। इसलिए जब भी आप मल (टट्टी) को रोकते हैं तो यह मलाशय के ऊपर चढ़ जाता हैं और फिर यह पूरी तरह से बाहर नहीं निकलता हैं।

■ कुछ स्पेशल दवाइयों के सेवन के कारण

कई दवाइयां जैसे की Antidepressant, Calcium channel blocking medicines और diuretic आदि के सेवन से भी कब्ज़ होने लगती हैं।

■ दूध या दूध से बने उत्पादों की वजह से

कई लोगो को Lactose intolerance की प्रॉब्लम होती हैं। यह ऐसी सिचुएशन हैं जिसमे व्यक्ति को दूध और दूध से बने उत्पादों से एलर्जी होती हैं। इस स्तिथि में दूध या दूध से बनी चीजों के सेवन से डायरिया या कब्ज़ की प्रॉब्लम हो जाती हैं।








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