मधुमक्खी के बारे में अनोखी मजेदार रोचक जानकारी और तथ्य।

मधुमक्खी के बारे में अनोखी मजेदार रोचक जानकारी और तथ्य।

मधुमक्खी से जुड़े हुए रोचक तथ्य और मजेदार जानकारी जानने के लिए जरूर पढ़े यह लेख। Interesting Information & Facts about Honey bee in Hindi. मधुमक्खी के बारे में जानिए सबकुछ।

क्या एक मधुमक्खी दूसरी मधुमक्खी के डंक मार सकती है? इस सवाल का जवाब और मधुमक्खियों के बारे में आइए जानते हैं ढेर सारे facts…

मधुमक्खियां एक छुपा हुआ खतरा है जो पता भी नहीं चलता कब हमला कर देती हैं। दुनिया के हर कोने में पाई जाती है। मधुमक्खियां ट्रिलियन की संख्या में दुनिया भर में मौजूद हैं। यह इंसानों की तरह अपने शहर और कॉलोनी बनाती है। यह मनुष्य से भी लाखों साल पहले धरती पर पाई जाती थी। धरती पर सबसे पहले सेल्यूलर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल मधुमक्खियों ने ही किया था। मधुमक्खियों के बारे में बहुत सारे लोग बचपन में ही जान लेते हैं। कभी बुक्स में कभी पढ़ाई की किताबों में कभी कार्टून फिल्म में हम इन्हें देखते रहते हैं। या फिर फूलों पर मंडराते हुए इन्हें देखते हैं।

मधुमक्खियों की एक कॉलोनी में लगभग 60000 मधुमक्खियां एक साथ रहती हैं। जिनमें से कुछ नर्स मधुमक्खियां होती है, जो बच्चों का ख्याल रखती है। कुछ नौकर मधुमक्खियां होती हैं जो रानी मधुमक्खी की सेवा करती हैं। कुछ रक्षक मधुमक्खियां होती है जो सिक्योरिटी का काम करती हैं। इसके अलावा मधुमक्खियों का एक ग्रुप ऐसा भी होता है, जिसका काम मरी हुई मधुमक्खियों को बाहर फेंकना होता है। इनको अंडरटेकर bees कहते हैं।

जो शहद हम मजे के साथ खाते हैं, एक मधुमक्खी अपनी पूरी जिंदगी में एक चम्मच शहद का बारहवां हिस्सा ही बना पाती है। जब रानी मधुमक्खी पैदा होती है तो पैदा होने के 20 दिन के अंदर ही उसे नर मधुमक्खी के साथ संबंध बनाने पड़ते हैं। अगर वह 20 दिन के अंदर नर मधुमक्खी के साथ मिलाप ना करे तो वह कभी मां नहीं बन सकती। लेकिन रानी मधुमक्खी एक मिलाप के अंदर ही इतना ज्यादा वीर्य अपने अंदर इकट्ठा कर लेती है। की अगले 4 सालों तक लगातार अंडे देने लगती है। एक रानी मधुमक्खी 1 दिन में तकरीबन 1000 अंडे देती रहती हैं। मेल मधुमक्खी जिन्हें Drone bee कहा जाता है, रानी मधुमक्खी के साथ संबंध बनाने के तुरंत बाद ही वह मर जाते हैं।

एक पाउंड शहद जमा करने के लिए मधुमक्खियों को 2 मिलियन फूलों का चक्कर लगाना पड़ता है। और 2 मिलियन फूलों पर आने जाने के लिए, मधुमक्खियां जितना सफर तय करती है, इतने में दुनिया के 3 चक्कर लगाए जा सकते हैं।

आज से कुछ साल पहले Cornell University के एक स्टूडेंट ने मधुमक्खियों के साथ एक्सपेरिमेंट किया था। उसने मधुमक्खियों से अपने शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर ढंग मरवाया था। यह जानने के लिए कि शरीर के किस हिस्से पर मधुमक्खियों के द्वारा डंक मारे जाने पर सबसे ज्यादा दर्द होता है। उस स्टूडेंट में यहां तक कि अपने लिंग पर भी डंक मरवाया था। उसका यह कहना था कि, “मैंने सोचा था कि सबसे ज्यादा मधुमक्खी के डंक मारने का दर्द गुप्तांग पर होगा। लेकिन मुझे निराशा हुई की private part में इतना दर्द नहीं हुआ था।” उसने कहा कि सबसे ज्यादा डंक का दर्द नाक के अंदर हुआ था।

अब हम अपने सवाल के सबसे करीब आ गए हैं। क्या एक मधुमक्खी दूसरी मधुमक्खी के डंक मार सकती है? इसका जवाब है हां, इसके कई कारण हैं, जैसे कि मनुष्य आपस में युद्ध करते हैं, इसी तरह शहद की मधुमक्खियों में भी आपस में जंग होती है। एक दूसरे के छत्तों पर शहद चुराने के लिए हमला करती हैं। हमला करने वाली मधुमक्खियां जब दूसरे मधुमक्खियों के छत्ते में प्रवेश करने की जब कोशिश करती है, तो पहरेदार मधुमक्खियां उन पर अटैक करती हैं। एक दूसरे को डंक मारती है, लेकिन डंक मारने से ज्यादा वह मुंह से काट कर ही मधुमक्खियों को भगा देती है। मजेदार बात यह है कि हमला करने वाली मधुमक्खियों में से कुछ मधुमक्खियां छत्ते में दाखिल हो जाती हैं और वह मधुमक्खियां भी उसी छत्ते का मेंबर भी बन जाती है।

मधुमक्खियों का हमला करने वाली मधुमक्खियों से युद्ध करने का तरीका यह है। की वह उड़कर दुश्मनों के इर्द गिर्द एक दायरा बनाकर तेजी के साथ उड़ती रहती है। और अपने पंख हिलाती रहती है, जिस से चक्कर के अंदर कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। जिससे सर्कल के अंदर वाली मधुमक्खियां गर्मी की वजह और ऑक्सीजन की कमी से मर जाती है।

शहद की मक्खियां कुछ देशों में 75% से 80 प्रतिशत तक फूलों, सब्जियों और मेवों का परागण करती है। यानी यह कहा जा सकता है कि, अगर पूरी दुनिया से मधुमक्खियां समाप्त हो जाए तो दुनिया खत्म हो जाएगी। दुनिया को चलाने के लिए इतने बड़े प्रयास के बावजूद हम इन्हें सिर्फ शहद की मक्खियों के रूप में ही जानते हैं।

मधुमक्खी शहद कैसे बनाती है?

एक नॉर्मल और हेल्दी मधुमक्खी का छत्ता 1 साल के अंदर 50 किलो तक शहद बना सकता है। शहद बनाने के लिए मधुमक्खियों को बहुत ही ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। शहद अमृत यानी फूलों के रस (Nectar) से बनता है। मधुरस को फूलों से निकालना आसान नहीं है, पहले तो यह मधुमक्खियां एक अच्छा सा फूल ढूंढती हैं। जिसके मिलने के बाद वह फूल के अंदर जाती है, फिर वह अपना डंक उसमें डाल देती है। और वह फूलों के रस यानी अमृत को चूस कर अपने पेट में जमा करती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मधुमक्खियों के दो पेट होते हैं। एक नॉर्मल पेट और दूसरा शहद जमा करने के लिए पेट। अमृत यानी मधुरस को शहद जमा करने वाले पेट में भरा जाता है, और थोड़ा सा फूलों का रस उनके नॉर्मल पेट में भी जमा होता है अगर उन्हें भूख लगी हो तो।

अपने शहद वाला पेट, फूलों के रस (अमृत) से पूरा भरने के लिए एक मधुमक्खी को लगभग 1000 फूलों से जमा करना पड़ता है। शहद वाला पेट इतना भर सकता है जितना कि मधुमक्खी का अपना खुद का वजन होता है। जब मधुमक्खियां वापिस अपने छत्ते की ओर आती है, तो रास्ते में उसके बॉडी के एंजाइम उस फूलों के रस यानी अमृत को मीठे और सुनहरे शहद में बदल देते हैं।

शहद के छत्ते पर पहुंचने के बाद मधुमक्खी अपने पेट में जमा हुए शहद को दूसरे मधुमक्खी के मुंह में उल्टी कर देती हैं। और वह मधुमक्खियां दूसरी मधुमक्खियों के मुंह में शहद की उल्टी करती रहती हैं। यह प्रक्रिया चलती रहती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मधुमक्खियों द्वारा एक दूसरे के मुंह में उल्टी करने की प्रक्रिया शहद बनाने के लिए सबसे जरूरी है। जिससे फूलों के रस यानी अमृत से बने हुए सुनहरे मीठे शहद में और एंजाइम्स जमा होते चले जाते हैं। जिससे वह ज्यादा से ज्यादा और शुद्ध शहद बनता चला जाता है।

केमिकली की बात करें तो इस प्रोसेस के दौरान कच्चा मधुरस, Simple Monosaccharides में परिवर्तित होता है, जैसे की ग्लूकोज़ या फ्रक्टोज। इस दौरान शहद बहुत ज्यादा गीला होता है, जिसको मधुमक्खियां शहद के छत्ते में जमा करने के दौरान अपने पंखों की मदद से शहद में मौजूद पानी को सुखा देती है। जिसे शहद और ज्यादा गाढ़ा होता चला जाता है। इसके बाद मधुमक्खियां शहद को Bee Wax ( मोम) से ढक देती है। जिसके कारण शहद अपनी असली रूप में आ जाता है।

शहद में पानी बहुत कम होता है, जिसके कारण शहद बैक्टीरिया और Yeast को नष्ट करता है। इसलिए शहद को एंटीबैक्टीरियल माना जाता है। शहद से बैक्टीरिया और यीस्ट दूर ही रहते हैं। इस दुनिया में पाए जाने वाले कुछ गिने चुने खाद्य पदार्थों में से एक है, जो लंबे समय तक खराब नहीं होता। शहद इजिप्ट (मिस्र) के ताबूतों से भी प्राप्त हुआ। जो कि हजारों सालों से बंद पड़े हुए थे, और उन बंद ताबूतों में पाया गया शहद अच्छी कंडीशन में था।

1 किलो शहद बनाने के लिए लगभग 20 हजार मधुमक्खियां तकरीबन दुनिया के 6 चक्कर (150000 miles) लगाने जितना सफर तय करती है। जिसमें वह लगभग 800000 फूलों से मधुरस इकट्ठा करती है।

आशा है कि आपको मधुमक्खियों के बारे में यह निबंध या लेख आपको पसंद आया होगा। अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें धन्यवाद। Essay on Honey Bee in Hindi.




Loading...

इन्हें भी जरूर पढ़े...

रात के समय जानवरों की आँखे क्यों चमकती हैं?
क्रिकेट नहीं जंगल से जुड़े हैं "Jumbo" अनिल कुंबले के बारे में शायद यह बातें आप जानते होंगे...
धनतेरस के दिन बर्तन क्यों खरीदे जाते हैं?
जानिए बैंकॉक के बारे में रोचक बातें.
आरती में कपूर क्यों जलाते हैं ?
जानिए पिन कोड के बारे में रोचक तथ्य.
जानिए गूगल का डूडल कौन बनाता हैं?
कैंसर होने के लक्षण क्या हैं?
सफर के दौरान इन चीजों को खाने से बचना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *