अगर आपके पैर हमेशा रहते हैं ठंडे, तो इसकी वजह होती हैं यह।

न्यूरोपैथी (पैरों के ठंडे) होने की वजह क्या हैं?

कभी-कभी जब आपके हाथ या पैर ठंडे हो जाते हैं तो आपको काम करने में काफी ज्यादा मुश्किल आती हैं। पैरों के ठंडे होने से आप किसी भी काम को सही ढंग से करने में बेबस दिखाई देने लगते हैं। वैसे तो कम टेम्परेचर की वजह से पैर ठंडे हो सकते हैं, परन्तु पैरों के ठंडे होने की वजह अन्य भी हो सकती है। आइये जानते हैं की पैरों के ठंडे होने की वजह क्या हैं? किन कारणों से आपके पैर हमेशा ठंडे ही रहते हैं?

पैरों के ठंडे पड़ने के मुख्य कारण :-

■ ज्यादा पसीना आने पर

पसीने की ग्रंथियों के ज्यादा सक्रिय होने के कारण आपके शरीर से ज्यादा पसीना निकलने लगता हैं। जिसकी वजह से आपके बॉडी का टेम्परेचर कम होने लगता हैं और नतीज़न आपके पैर काफी ठंडे लगने लगते हैं। आपको इस बात की भी जानकारी होनी चाहिए की शरीर से ज्यादा पसीना निकलना मीनोपॉज और हाइपरथायरॉइडिज्म के भी संकेत होते है।

■ विटामिन की कमी की वजह से

शरीर में विटामिन बी6, बी12 और बी9 बॉडी में नए ब्लड सेल्स का निर्माण करते हैं। ऐसे में इन विटामिन्स की कमी हो गयी हैं तो आपको एनीमिया की बीमारी भी हो सकती हैं। जिसके कारण रक्त आपके पैरों तक पहुँच नहीं पाता हैं। जिसके कारण आपके पैर ठंडे होने लगते है। विटामिन बी विशेषकरके विटामिन बी-12 नर्व के लिए काफी ज्यादा लाभकारी होता है। इन विटामिन की कमी को दूर करने के लिए आपको मछली, अंडा, मीट और प्रोटीन से भरे हुए आहार का सेवन करना चाहिए।

■ रेनोड की बीमारी

कम टेम्परेचर की वजह से हाथ पैर ठंडे हो जाते हैं, लेकिन जब आपके पैर सुन्न हो जाते हैं तो इसे रेनॉड रोग कहा जाता है। इससे आपकी धमनियों में रक्त संचार स्लो हो जाता हैं।

■ दवाईयों का ज्यादा सेवन करने की वजह से

अगर ज्यादा समय तक आप एंटीबायोटिक्स दवाइयों का सेवन करते हैं तो आपको कई सारे साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। अगर एंटीबायोटिक्स को ज्यादा खाने से आपको साइड-इफ़ेक्ट हो गया हैं तो डॉक्टर से जरूर सम्पर्क करे। वरना इससे आपको न्यूरोपैथी हो सकती है। ऐसा ही जब कीमोथेरेपी के दौरान कैंसर सेल्स को नष्ट किया जाता हैं तो उसमे भी कई नर्व डैमेज हो जाती हैं। जिस कारण न्यूरोपैथी की प्रॉब्लम हो सकती है। जिसके कारण आपके हाथ और पैर ठंडे और सुन्न हो सकते है।

■ हाइपोथायरॉइडिज्म

जब थाइरोइड ग्रन्थि थाइरोइड हॉर्मोन को पर्याप्त मात्रा में नहीं बनाती हैं तो यह प्रॉब्लम होती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दे की इसी हॉर्मोन की वजह से बॉडी की एनर्जी और टेम्परेचर कण्ट्रोल होता हैं। उचित मात्रा में यह हॉर्मोन न बनने के कारण आपके हाथ और पैर ठंडे पड़ सकते हैं।

■ डायबिटीज की बीमारी में

आपको जानकर हैरानी होगी की 26.4% टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को न्यूरोपैथी की प्रॉब्लम होती हैं। डायबिटीज के कारण दिल की समस्याएं होती हैं, जिसमें रक्त प्रवाह सही तरह से नही हो पाता हैं। इसके कारण पैर ठंडे पड़ जाते हैं और पैरों में दर्द भी होता हैं। एक स्वस्थ्य जीवनशैली को अपना कर आप डायबिटीज और हाइपरटेंशन की समस्या को कण्ट्रोल करके पैरों को ठंडे पड़ने से बचा सकते है।

■ खून की कमी के कारण

आपका रक्त आपके शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई करने का काम करता हैं। यह एक प्रकार से बॉडी के लिए फ्यूल का काम करता हैं। अगर आपके शरीर में खून की कमी यानि एनीमिया की बीमारी हो गयी हैं तो इससे आपका खून सही तरह से अपना काम नहीं कर पायेगा। जिसकी वजह से आपके हाथ और पैर ठंडे हो जाते हैं।

■ ज्यादा स्मोकिंग और ड्रिंकिंग करने से

अमूमन आपके ब्लड वेसल्स आपके नर्व तक न्यूट्रीएंट्स की सप्लाई करते हैं। परन्तु जब आप स्मोकिंग करते हैं तो ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाते हैं, जिसके कारण आपकी नर्व कमजोर हो जाती है। इसी प्रकार से जो लोग शराब ज्यादा पीते हैं, उन्हें भी न्यूरोपैथी की प्रॉब्लम होती है। जिससे उनकी नर्व डैमेज हो जाती है और परिणामस्वरूप आपके हाथ-पैर ठंडे पड़ जाते है।

■ नर्व डैमेज होने के कारण

बॉडी में toxics तत्वों के ज्यादा होने के कारण, खराब ब्लड सर्कुलेशन, विटामिन बी12 की कमी, धमनियों में सूजना होने की वजह से नर्व डैमेज हो सकती हैं। जिससे आपके हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं और ठंडे भी पड़ सकते है।



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