अपामार्ग (लटजीरा, चिरचिटा) के फायदे और इसके घरेलु नुस्खे और उपाय।

अपामार्ग (लटजीरा, चिरचिटा) के फायदे और इसके घरेलु नुस्खे और उपाय।

अपामार्ग जिसे लटजीरा, चिरचिटा, चिरोटा या चक्रमर्द आदि नामो से जाना जाता हैं। चिरचिटा को अंग्रेजी में Rough Chaff Tree कहा जाता हैं। यह पौधा खेतो के किनारे, सड़को और मैदानी इलाको में अपने आप उग जाता हैं। अपामार्ग यानि की चिरचिटा के पौधे को आपने अपने आसपास जरूर देखा ही होगा, क्योंकि यह पौधा पुरे भारत में आसानी से मिल जाता हैं। लेकिन आपमें से ज्यादातर लोग इसे खतपतवार ही समझते हैं, क्योंकि यह सड़कों के किनारे और जंगलों के आसपास बहुत ज्यादा मात्रा में उगता हैं।

जब आप इसके पौधे के ऊपर से गुजरते हैं तो इसके पके हुए बीज आपके कपड़ो से चिपक जाते हैं। प्राचीन काल से ही इस अपामार्ग के पौधे का उपयोग ऋषि-मुनि करते आये हैं। इस पौधे को गाँवों में चिचिड़ी के नाम से भी जाना जाता हैं। अपामार्ग के इस पौधे की जड़ से लेकर इसके बीज तक शरीर के कई प्रकार के रोगों को दूर करने में मदद करते हैं। आयुर्वेदिक जानकर इसे त्वचा रोग, सर्प दंश, बिच्छू के डंक, सांस की समस्याएं, बवासीर और भी कई तरह की बिमारियों को दूर करने वाला मानते हैं।

अपामार्ग की दातुन भी दांतों और मसूड़ो के लिए बहुत ही लाभकारी मानी जाती हैं। इसके दातुन का इस्तेमाल करने से मूंह से बदबू आना भी ख़त्म हो जाता हैं। धार्मिक मान्यता यह हैं की चिरचिटा के पौधे में गंगा जी का वास होता हैं और ठाकुर जी को प्रसन्न करने के लिए लटजीरा की दातुन करके भैंस के दूध से बने दही और चावल को खाया जाता हैं। पुराणों के अनुसार जो व्यक्ति लगातार 21 वर्ष तक चिरचिटा की दातुन करता हैं, उसको ईश्वर की तरफ से एक ऐसा वरदान मिल जाता हैं, जिससे उसकी वाणी से निकला हर शब्द सत्य हो जाता हैं।

आज के लेख में हम इस चमत्कारी पौधे के गुणों के बारे में जानेंगे। हम जानेंगे की चिरचिटा (चिरोटा, अपामार्ग, लटजीरा) के पौधे के क्या फायदे हैं, इसके घरेलु नुस्खे और उपाय क्या हैं? Benefits & Home Remedies of Rough Chaff Tree in Hindi.

अपामार्ग (लटजीरा, चिरचिटा) के फायदे और इसके घरेलु नुस्खे और उपाय।

बवासीर में फायदेमंद

अपामार्ग के बीजो और पत्तियों को कुचलकर पेस्ट बनाये। इस पेस्ट को बवासीर के मरीज़ बवासीर पर लगाये, इससे आपको बवासीर से काफी राहत मिलती हैं।

लीवर के लिए फायदेमंद

चिरचिटा के बीजो को पानी में उबाल कर काढ़ा बनाकर पीने से लीवर की समस्याओं से छुटकारा मिलता हैं।

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मोटापा कम करे

चिरोटा के बीजो को मिट्टी के बर्तन में भून ले। फिर आप इस भूने हुए लटजीरा के बीजो का चूर्ण बना ले। इस चूर्ण की रोजाना आधा चम्मच मात्रा में सेवन करने से आपको भूख कम लगती हैं और यह फैट को भी बर्न करने में सहायता करता हैं। इस तरह से मोटापा कम करने के लिए यह बहुत ही फायदेमंद हैं और इससे आपको कोई साइड-इफेक्ट्स भी नहीं होते हैं। प्राचीन युग में जब ऋषि-मुनि तपस्या करने के लिए जाते थे तो चिरचिटा के बीज के चावल की खीर बना कर खाते थे, जिनसे उन्हें कम से कम 1 महीने तक भूख नहीं लगती थी।

दांतों के लिए फायदेमंद

• जैसा की पहले भी बताया गया हैं की अपामार्ग की दातुन दांतों और मसूड़ो के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती हैं। उसी तरह इसके पत्तो का काढ़ा बना कर दांतों पर लगाने या इस काढ़े से कुल्ला करने से दांतों की समस्याओं से आराम मिलता हैं। लटजीरा के इस काढ़े से कुल्ला करने पर आप दांतों का दर्द, मसूड़ो के खून आना, मूंह से दुर्गन्ध आना सभी प्रकार के ओरल हेल्थ प्रोब्लम से छुटकारा पा सकते हैं।

• इसके अलावा आप चिरचिटा के पत्तियों के साथ हिंग मिला कर चबाने से भी आपको डेंटल प्रॉब्लम से तुरंत आराम मिलता हैं। दांतों से निकलने वाले खून को रोकने में यह मदद करता हैं। और तो और चिरोटा की दातुन कर्ण से मसूड़ो से खून आना, मूंह से बदबू आना और सूजन आदि से तुरंत आराम मिलता हैं।

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हड्डियों को जोड़े

मुर्गी के अंडे से अल्बूमिन के (अंडे के अन्दर का चिपचिपा तरल पदार्थ) साथ लटजीरा के पत्तियों को पीस ले। इस मिश्रण को अच्छी तरह से फ़ेंट कर टूटी हुयी हड्डियों पर लगाये। इससे हड्डियाँ जुड़ जाती हैं।

बॉडी को detoxify करता हैं

आप इसके इस्तेमाल से 1 महीने के भीतर ही अपना वज़न कम कर सकते हैं। अपामार्ग के पत्ते आपके शरीर से ज़हरीले पदार्थो को बाहर निकालते हैं और आपके शरीर के अन्दर फ़ालतू पानी को भी बाहर निकालते हैं। इसका उपयोग करने से आपका पेट भरा भरा हुआ सा लगता हैं, जिससे आपको भूख नहीं लगती हैं और आपका वज़न बहुत ही जल्दी कम होने लगता हैं। इसके सेवन से आपको बार-बार पेशाब लगने लगता हैं, लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं हैं। पेशाब के जरिये यह आपके शरीर के अंदरूनी सफाई करके विषैले टोक्सिन्स को बाहर निकालता हैं।

पीलिया के उपचार में फायदेमंद

चिरचिटा के पत्तियों और बीजो का काढ़ा बना कर पीने से पीलिया में लाभ मिलता हैं। चिरोटा का काढ़ा बनाने के लिए 50 ग्राम पत्तियों को 2 कप पानी में उबालिए। जब यह पानी उबल कर आधा रह जाये तो इसे पीने से पीलिया ख़त्म होने लगता हैं।

स्किन इन्फेक्शन के लिए फायदेमंद

• चिरचिटा के बीजो को पीसकर दाद-खाज, खुजली होने वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता हैं। मॉडर्न साइंस भी इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों को मानता हैं।

• दाद-खाज को दूर करने के लिए आप अपामार्ग की जड़ का चूरन बनाये। इस चूर्ण में निम्बू का रस मिलाये और दाद-खाज पर इस मिश्रण को लगाये। अब आप इस पेस्ट को लगाने के बाद उसे सूती कपड़े से लपेट कर पट्टी बांध ले। प्रतिदिन ऐसा करने से 1 हफ्ते के भीतर ही दाद-खाज से छुटकारा मिल जाता हैं।

• चिरोटा की पत्तियों को बारीक पीसकर दाद-खाज, खुजली, घाव आदि पर लगाने से बहुत ही जल्दी आराम मिलता हैं।

सर्दी-जुकाम दूर करे

सर्दी-जुकाम होने पर अपामार्ग के पत्तियों का सेवन करना बहुत ही लाभकारी माना जाता हैं। दिन में 2 से 3 बार इसके रस को लेने से खांसी ठीक हो जाती हैं और सर्दी-जुकाम ख़त्म हो जाता हैं।

घाव जल्दी भरे

चिचिड़ा के तने को पीसकर कत्थे के साथ मिक्स करे। इस मिश्रण में सीताफल की 2-4 पत्तियों को भी पीस कर मिला ले। अब आप इस मिश्रण को पके हुए घाव पर लगाये। इससे घाव जल्दी ठीक हो जाता हैं।

पेट के कीड़े मारे

अपामार्ग के 10 ग्राम बीजो को एक कप पानी में उबाल कर काढ़ा बनाये। इस काढ़े को बच्चे को पिलाने से उनके पेट के कीड़े मर जाते हैं।

सब्जी भी बनती हैं

कई इलाको में इसकी पत्तियों की सब्जी बना कर भी खाया जाता हैं। इसकी सब्जी को पौष्टिकता से भरपूर माना जाता हैं।



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2 thoughts on “अपामार्ग (लटजीरा, चिरचिटा) के फायदे और इसके घरेलु नुस्खे और उपाय।

  1. HindIndia

    बहुत ही बढ़िया आर्टिकल है … Thanks for this article!! 🙂 🙂

  2. राजेन्द्र अवस्थी

    सच… लटजीरा देखा बहुत बार है.. किंतु इसके लाभ से अब भली प्रकार से परिचित हुआ हूँ… आपको बहुत साधुवाद..

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