असफलताओं से डरे नहीं, कोशिशें जारी रखे, निश्चित ही आप सफल हो जायेंगे।

सफलता प्राप्ति करने के लिए क्या करे?

असफल व्यक्ति वह नहीं हैं जो एक बार कोशिश करे और कामयाब न हो, असफल व्यक्ति वो होता हैं जो उस कोशिस के बाद दुबारा कभी कोशिश ही नहीं करता हैं। Failure यानि की असफलता का सामना करना इतना आसान तो नहीं हैं, लेकिन आज हम आपको ऐसा किस्सा बताने जा रहे हैं, जो आपमें एक नया जोश भर देगा।

एक बार एक बच्चा अपनी माँ के पास स्कूल के द्वारा भेजा हुआ एक पत्र लेकर आया। अभी स्कूल की छुट्टी नहीं हुई थी, तो उसकी माँ परेशान हो गयी की आखिर मेरा बेटा, स्कूल की छुट्टी होने से पहले घर क्यों आ गया हैं और स्कूल वालो ने चिट्ठी में क्या लिखा हैं।

जब माँ ने स्कूल के द्वारा भेजी गयी चिट्ठी को पढ़ा तो उसकी आँखों में आँसू आ गये। बच्चे ने अपनी माँ से पूछा, “माँ इस चिट्ठी में क्या लिखा हैं? आप रो क्यों रही हो?”

माँ ने उत्तर दिया, “बेटा तुम्हारे स्कूल वालो ने इस चिट्ठी में यह लिखा हैं की आपका बच्चा पढ़ाई में इतना ज्यादा होशियार हैं की इसकी क्लास के सभी बच्चे परेशान हो गये हैं। वह यह सोच रहे हैं की हमारी कक्षा में इतना ज्यादा intelligent बच्चा हैं की हम इसके सामने कुछ भी नहीं हैं।“

माँ फिर कहने लगी, “स्कूल वालों ने यह भी लिखा हैं की हमें लगता हैं की इस बच्चे को स्कूल की पढ़ाई की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि यह इतना ज्यादा होशियार हैं। आप खुद ही इसको अपने घर पर पढ़ाये।“

यह बात सुनकर बच्चा बहुत ही ज्यादा खुश हुआ, फिर माँ ने अपने बच्चे से यह वादा किया की वह उसे घर पर ही पढ़ाएगी।

क्या आपको पता हैं की यह बच्चा कौन था? यह बच्चा बाद में थॉमस एल्वा एडिसन बना, जिसने बिजली के बल्ब का आविष्कार किया। थॉमस एडिसन ने न सिर्फ बल्ब का आविष्कार किया, बल्कि 1249 आविष्कार भी थॉमस एल्वा एडिसन ने अपने पुरे जीवनकाल में किये।

थॉमस  एडिसन उन महान अविष्कारकों में से एक आविष्कारक माने जाते हैं, अगर वह न होते तो आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी जैसी हैं वैसी न होती। जब थोमस एडिसन की माँ की मौत हो गयी तो उन्होंने अपनी माँ की पुरानी चीजों को देखा। उन्होंने उस पुरानी चिट्ठी को भी देखा और उन्होंने सोचा की इस पत्र को एक बार दुबारा से मैं पढ़ता हूँ। और उस लम्हे को दुबारा महसूस करता हूँ, जब मेरी माँ ने यह पत्र पढ़कर सुनाया था और मैं काफी ज्यादा खुश हो गया था।

Thomas Alva Edison

जब उन्होंने चिट्ठी को पढ़ना शुरू किया तो चिट्ठी में लिखा था, की आपका बच्चा बहुत ज्यादा बेवकूफ हैं, इसको पढ़ाई से बिलकुल लगाव नहीं हैं। हमें नहीं लगता की यह कभी पढ़ पायेगा। हम आपके बच्चे को स्कूल से निकाल रहे हैं, अगर आप अपने बच्चे को पढ़ाना ही चाहते हैं तो खुद ही अपने बच्चे को पढाये।

जब थॉमस एडिसन ने यह पत्र पढ़ लिया तो वह रोने लग पड़े, और सोचने लगे की अगर उनकी माँ ने उन्हें सच बता दिया होता तो आज वह इस मुकाम पर कभी भी नहीं पहुँच पाते।

थॉमस एडिसन ने बल्ब के अलावा 1249 और भी आविष्कार किये थे, जो की एक वर्ल्ड रिकॉर्ड हैं। थॉमस एडिसन यह आविष्कार इसलिए कर पाए, क्योंकि उन्हें विश्वास हो गया था की वह कर सकते हैं।

असफलता का सामना करना आसान काम नहीं हैं, लेकिन अगर आप विश्वास करले की, अगली बार या उससे अगली बार आप जरूर कामयाब होंगे। तो आप एक न एक दिन सफलता का स्वाद जरूर चखेंगे। एक छोटी कहानी और पढ़िए, जानिए क्यों हमें कभी भी हार नहीं माननी चाहिए?

एक बार एक राजा था, शत्रु देश के राजा ने उसपर हमला कर दिया और बेचारा राजा हार गया। शत्रु देश से हार जाने पर वह राजा एक गुफा में छुप गया। फिर हारे हुए राजा ने गुफा में एक मकड़ी को देखा जो ऊपर दिवार की ओर चढ़ रही थी और बार-बार दिवार से गिर जाती थी। हर बार मकड़ी थोड़ी सी दिवार चढ़ती और फिर गिर जाती। लेकिन इतना सब होने के बावजूद मकड़ी ने हिम्मत नहीं हारी और अपने प्रयासों को जारी रखा। यह देख कर राजा हँसने लगा और कहने लगा, यह मकड़ी क्या कर रही हैं? लेकिन जब मकड़ी लगातार कोशिशे करने के बाद दिवार पर चढ़ने में कामयाब हो गयी तो राजा के मन में विचार आया की कोशिश करने से कोई भी आदमी कामयाब हो सकता हैं। तो राजा ने अपने सैनिको को दुबारा से इकट्ठा किया और कहा की हम फिर से कोशिश करेंगे। फिर राजा ने शत्रु की सेना पर आक्रमण कर दिया और अपने राज्य को शत्रु से छुड़ा लिया।

तो दोस्तों कोशिश बहुत ही महत्वपूर्ण चीज़ हैं आपके जीवन में। यह आपका सेल्फ-बिलीफ हैं की आप कुछ भी कर सकते हैं। अगर आपको अपने ऊपर बुरा यकीन हैं तो आप कुछ भी कर सकते हैं, तो सच मानिये आप कुछ भी कर सकते हैं।

कुछ मजेदार किस्से और भी हैं, इन्हें भी जानिए ताकि आपको पता चल सके की नाकामयाबी सिर्फ आपको या हमें ही नहीं मिलती हैं। बल्कि इससे कामयाब लोग भी अछूते नहीं हैं। कुछ कामयाबियों के पीछे नाकामयाबियाँ भी छुपी होती हैं। आप जीवन में किसी भी कामयाब व्यक्ति की कहानी पढ़ कर देखे, उसके पीछे भी बहुत से failure मौजूद हैं।

एक लड़का था जिसे बास्केट बॉल बहुत ज्यादा पसंद था। वह अपनी स्कूल की टीम में बास्केट बॉल का खिलाड़ी था। लेकिन उसकी स्कूल की बास्केट बॉल की टीम ने उसे यह कह कर टीम से निकाल दिया की तुम एक अच्छे खिलाड़ी नहीं हो। वह लड़का फिर अपने घर को गया और अपने आपको कमरे में बंद कर लिया और उस दिन वह लड़का बहुत रोया। क्या आपको पता हैं की वह व्यक्ति कौन था?

उस इंसान का नाम हैं Michael Jordan, माइकल जॉर्डन बास्केट बॉल के खेल का सबसे बड़ा खिलाड़ी हैं।

Michael Jordan

 

एक व्यक्ति ऐसा था जो की न्यूज़पेपर की कम्पनी में काम करता था। उसकी न्यूज़पेपर की कम्पनी ने उसे नौकरी से यह कह कर निकाल दिया की तुम्हारे पास नए ideas और क्रिएटिविटी नहीं हैं। इस शख्स का नाम था, वाल्ट डिज्नी (Walt Disney), जिन्होंने मिक्की माउस को बनाया।

Walt Disney

इसी तरह एक ऐसा इंसान भी था, जिसने बोलना 4 साल की उम्र के बाद शुरू किया था। और वह स्कूल में बहुत ही कमजोर विद्यार्थी माना जाता था। स्कूल वाले इस बात पर विश्वास करते थे की यह लड़का कभी भी पढ़ नहीं सकता हैं। उस शख्स का नाम हैं “Albert Einstein”

Albert Einstein

और अंतिम बात यह हैं की आपको इतनी बार कोशिश करनी चाहिए, उस चीज़ को पाने के लिए, जिसे आप दिल से चाहते हैं, की नाकामयाबी भी आपको नाकामयाब करने में नाकामयाब हो जाये।

Failure is a part of life, so don’t give up. कोशिश करते रहो हो, एक न एक दिन आप सफल हो ही जाओगे।

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