आखिर पैक्ड यानि डिब्बाबंद जूस क्यों नहीं पीना चाहिए?

 आखिर पैक्ड यानि डिब्बाबंद जूस क्यों नहीं पीना चाहिए?

बाज़ार में आपको ताज़ा और पैक्ड (डिब्बाबंद) जूस आसानी से मिल जाते हैं। जूस पीना सेहत के लिए अच्छा होता हैं। लेकिन आज कल के लोग पैक्ड जूस पीना ज्यादा पसंद करने लगे हैं। कभी कभार डिब्बाबंद जूस पीने से सेहत को कोई नुकसान नहीं होता हैं। लेकिन अगर आप रोजाना पैक्ड जूस पीते हैं तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत हैं। क्योंकि रिसर्च से पता चला हैं डिब्बाबंद जूस पीने से सेहत को फायदा होने की बजाये उल्टा नुकसान ही होता हैं। क्योंकि पैक्ड जूस में कभी भी 100% फलों का जूस नहीं होता हैं। इसके अलावा पैक्ड जूस में फलों के मुकाबले उनके गुणों में काफी कमी होती हैं। आइये जानते हैं पैक्ड जूस क्यों नहीं पीना चाहिए? इससे सेहत को क्या-क्या नुकसान होते हैं? Side-Effects of Packed Juice in Hindi.

डिब्बाबंद जूस पीने के नुकसान

चीनी की ज्यादा मात्रा होना

रिसर्च से यह पता चला हैं की जब डिब्बाबंद जूस पैक किया जाता हैं तो इसमें बहुत ज्यादा मात्रा में चीनी होती हैं। जिससे इस पैकेट वाले जूस को पीने से आप इसके एडिक्ट हो जाते हैं। एक रिसर्च में यह भी पाया गया की जो व्यक्ति रोजाना 2 गिलास पैक्ड जूस पीता हैं, वह स्वीट टूथ यानि की मीठे का आदि बन जाता हैं। जिस वजह से उसकी भूख भी काफी बढ़ जाती हैं।

फाइबर नहीं पाया जाता हैं

जब डिब्बाबंद जूस बनाया जाता हैं तो कई सारे फलों को उबाला जाता हैं। जिससे उनमे पाए जाने वाले बैक्टीरिया नष्ट हो सके। बैक्टीरिया के अलावा इसमें पाए जाने वाले विटामिन और नेचुरल तत्व भी कम हो जाते हैं। और तो और पैक्ड जूस में फाइबर या गुदा नहीं होता हैं, क्योंकि पैक्ड जूस बनाते समय गुदे को निकाल दिया जाता हैं।

मोटापा बढ़ाए

जैसा की पहले भी बताया गया हैं की इसमें चीनी ज्यादा मात्रा में होती हैं। जिससे इसमें कैलोरी ज्यादा पाई जाती हैं। ऐसे में जो लोग मोटापा कम करने के लिए प्रयास कर रहे हैं, यह उनकी सभी कोशिशो पर पानी फेर देता हैं। डाइट एक्सपर्ट्स का यह मानना हैं की फलों और सब्जियों की तुलना में पैक्ड जूस पीने से वजन ज्यादा तेज़ी के साथ बढ़ता हैं।

पेट की समस्याएं होना

कुछ फलों में सोर्बिटोल जैसे शुगर मौजूद होते हैं जो जल्दी से हजम नहीं हो पाते हैं। इसलिए डिब्बे वाला जूस पीने से पेट की लक्लीफ़ो से भी दो-चार होना पड़ सकता हैं। नाशपाती, सेब और स्वीट चेरी जैसे कुछ फलों में ऐसे ही शुगर पाए जाते हैं। इसलिए पैक्ड फ्रूट जूस पीने से पेट में गैस बनना, पेट में मरोड़ उठना और डायरिया होना जैसी बीमारी होने का खतरा रहता हैं। इसके अलावा यह जूस बच्चे आसानी से हजम भी नहीं कर पाते हैं। पैक्ड जूस को पचाने में बच्चों को ज्यादा परेशानी होती हैं।

डायबिटीज में हानिकारक

शुगर के मरीजों को पैक्ड जूस पीने से बचना चाहिए। क्योंकि यह रिफाइंड शुगर से बना हुआ होता हैं। जो मधुमेह के रोगियों के लिए उचित नहीं माना जाता हैं। कई पैक्ड जूस के लेबल पर “शुगर फ्री” लिखा होता हैं, तब भी डायबिटीज के मरीज़ को पैकेट वाला जूस कतई नहीं पीना चाहिए। मीठे फल और गाजर या चुकंदर जैसी हाई शुगर वेजिटेबल जूस के रूप में ब्लड शुगर लेवल ज्यादा बढ़ जाता हैं। जो डायबिटीज और ब्लड ग्लूकोज डिसऑर्डर के लिए नुकसानदायक साबित होता हैं।

ब्लड शुगर अनियमित होना

पैक्ड जूस में फलों के छिलकों का सत् नहीं होता हैं, जिससे बॉडी को प्रकृतिक फाइबर प्राप्त नहीं हो पाता हैं। साबुत फलो और सब्जियों को पचाने में जितना समय लगता हैं, उससे कम समय में शरीर जूस को जज्ब कर लेता हैं। जिससे ब्लड शुगर लेवल तुरंत बढ़ जाता हैं।

आर्टिफीसियल कलर का उपयोग

फ्रेश फ्रूट्स में आर्टिफीसियल कलर नहीं होता हैं, लेकिन पैकेट वाले जूस में आर्टिफीसियल कलर का इस्तेमाल किया ही जाता हैं। जिससे यह दिखने में फलों के रंग का जूस दिखाई दे सके। यह आर्टिफीसियल रंग शरीर के लिए हानिकारक होते हैं। जब आप इस जूस को पीते हैं तो आर्टिफीसियल कलर आपकी जीभ पर भी दिखाई देने लगते हैं।

Preservative पाए जाते  हैं

जैसे की आपको पता ही हैं की पैक्ड जूस को लम्बे समय तक खराब होने से बचाने के लिए इसमें preservative मिलाया गया होता हैं। यह केमिकल शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं। Preservative केमिकल मिलाने से यह डिब्बाबंद जूस को जल्दी ख़राब नहीं होने देते हैं, लेकिन यह केमिकल,  जूस में मौजूद विटामिन और न्यूट्रीएंट्स को कम या ख़त्म कर देते हैं। जिससे यह पैक्ड जूस पीना सेहत के लिए हानिकारक बन जाता हैं।

नोट :- वैसे तो जूस कोई भी चाहे वह फ्रेश हो या पैक्ड जूस उसे ज्यादा नहीं पीना चाहिए। क्योंकि जूस में से फाइबर बाहर निकल जाता हैं। जूस को बनाने के लिए चीनी और रंग का भी इस्तेमाल किया जाता हैं। आपको जूस पीने की बजाये ताज़े फलों का ही सेवन करना चाहिए। अगर जूस पीना ही चाहते हैं तो ताज़े फलों के जूस को ही पीजिये और पैक्ड जूस को पीने से बचे। जूस की बजाये फल खाने की कोशिश ज्यादा करे। इसके अलावा सूखे फलों में भी ताज़े फलों की तरह ही एंटीऑक्सीडेंट, पालीफेनोल्स और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। जूस पीने की जगह सूखे फलों का भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं।








इन्हें भी जरूर पढ़े...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *