ज्यादा उतावला होने से कैसे बचे?

उतावलापन (एंग्जायटी) दूर करने के तरीके और उपाय.

आज की उतार-चढ़ाव से भरी जिन्दगी में हम सभी लोग पहले के लोगो की तुलना में ज्यादा उतावले हो गये है। आज के मनुष्यों में धैर्य की सबसे बड़ी कमी देखने को मिल रही है। सभी लोग उतावलेपन के इतने ज्यादा शिकार हो गये हैं की उन्हें किसी भी काम को करने के बाद उसका रिजल्ट तुरंत चाहिए होता हैं। काम करने के बाद परिणाम प्राप्त करने का उतावलापन या किसी भी चीज़ को पाने की जल्दबाजी, न सिर्फ आपको मानसिक रूप से बीमार बनाती हैं। बल्कि आगे चलकर आपमें नेगेटिविटी भी आने लगती है। इसलिए उतावलापन दूर करने की जरूरत हैं। आइये जानते हैं ऐसे टिप्स और तरीके जिन्हें अपना कर उतावलेपन से बचा जा सकता हैं। How to Reduce Anxiety In Hindi.

उतावलेपन से बचने के तरीके :-

■ सामने वालों की भी सूने

ज्यादातर लोग अब खुद को परफेक्ट समझने लगे है और वे चीजों को स्वयं तक सिमित कर लेते हैं। इससे यह होता हैं की उनमे उतावलापन ज्यादा आने लगता हैं। इसलिए दुसरे लोगो की भी बातें जरूर सूने। ज्यादा आत्म प्रेमी होने से आप ज्यादा निराश और उतावलेपन के शिकार आसानी के साथ बन सकते हैं। ऐसे में लोगो की बात भी गौर से सूने और खुद के साथ दुनिया को भी अच्छी तरह से जानने का प्रयत्न करे।

■ अच्छी नींद ले

अच्छी नींद मनुष्य के स्वस्थ्य रहने के लिए काफी ज्यादा जरूरी है। इससे न सिर्फ आप शारीरिक रूप से फिट रहते हैं, बल्कि यह आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी काफी जरूरी होता है। इसलिए रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। साथ ही महीने में एक बार काम से ब्रेक जरूर ले और घर से बाहर घूमने के लिए भी समय जरूर निकाले।

■ आदतों को एडिक्शन न बनाये

नियमित रूप से टी.वी. पर अपना फेवरेट सीरियल देखना या फिर इन्टरनेट सर्फिंग करना कोई खास बुरी बात नहीं हैं। परन्तु यह आदतें कभी भी अपने आप पर हावी न होने दे। इससे आपके काम में काफी ज्यादा असर पड़ने लगता हैं। इसलिए इन आदतों पर कण्ट्रोल करे।

■ लाइफ के बारे में क्लियर सोचे

आपकी लाइफ आपकी हैं, तो इसलिए आप अपने जीवन के प्रति स्पष्ट नजरिया बनाये। आपको यह पता होना चाहिए की आप अपनी लाइफ में क्या पाना चाहते हैं। अगर आप बिना किसी लक्ष्य के चलते रहते हैं तो आप काफी ज्यादा उतावले हो जाते हैं। अपना पूरा फोकस अपने लक्ष्य पर बनाये।

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■ जिन्दगी का मज़ा लेना शुरू कीजिये

कभी भी अपने आपको इतना ज्यादा मजबूर न बनाये, की इससे आपमें उतावलापन आ जाये। डाइट और लाइफस्टाइल को अनुशाषित करना कोई बुरी बात नहीं है। परन्तु इसकी वजह से छोटी-छोटी खुशियों का जश्न मनाना भूलना नहीं चाहिए। इसलिए जीवन की छोटी-छोटी खुशियों का आनंद लेना शुरू कर दे। इससे हमेशा उतावलापन होने की समस्या दूर होने लगती है।

■ सही दिशा में चलते रहने की कला सीखिए

कई बार हम लाइफ में खुद को गलत दिशा में लगा देते हैं। जिससे इसका परिणाम बुरा ही होता हैं। आप किसी को काम को तब ही करे, जब आपको पता हो की आगे चलकर इसका नतीजा क्या होगा। बिना परिणाम की चिंता किये काम करने से आपको हमेशा अकेलापन भी सताने लगता हैं।

■ न कहना भी आना चाहिए

अगर आप हमेशा परेशान रहते हैं तो इसका मतलब यह नहीं है की लोग आपको बेचारा और मजबूर समझ कर आपको हल्के में लेना शुरू कर दे। आप खुद के लिए खड़े होने की कला सीखिए और गलत बातें को न कहने की आदत डालिए।

■ हमेशा फिट रहे

हमेशा यह कोशिश करे की आप शारीरिक रूप से फिट रहे। क्योंकि मनुष्य जब शारीरिक रूप से कमजोर होता है तो वह मानसिक रूप से भी कमजोर होने लगता है। ऐसे में व्यक्ति में अकेलापन और उतावलापन ज्यादा बढ़ जाता हैं। इसलिए शारीरिक रूप से फिट रहना जरूरी हैं।

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■ रेस्ट करना सीखे

यह बात समझिये की दुनिया का सारा भार आपके कंधे पर नहीं रखा हैं। आपके गुण और आपके काम करने की क्षमता को कोई भी आपसे छीन नहीं सकता हैं। इसलिए ज्यादा उतावले न बने, आपके द्वारा किये गये काम जिनमे आपकी मुहारत हासिल हैं, वह एक न एक दिन जरूर सफल हो ही जायेंगे। इसलिए परेशान और उतावला होने की बजाये अपने सपोर्ट में खड़े हुए साथियों और परिवार को प्यार दे। साथ ही शांत रहे और खुद पर भरोसा बनाये रखे की जीत आपकी ही होगी।



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