ओलिंपिक में स्वर्ण पदक या मेडल जितने वाले खिलाड़ी मैडल को दांतों से क्यों काटते हैं?

ओलिम्पिक में मेडल जितने वाले खिलाड़ी इसे दांतों से क्यों काटते हैं ?

ओलिंपिक हर चार सालो में होने वाला एक विश्व प्रसिद्ध टूर्नामेंट हैं। जिसमे विश्व के सभी देश के खिलाड़ी विभिन्न-विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं और गोल्ड मेडल जितने की कोशिश करते हैं। लेकिन हर ओलिंपिक में यही देखने को मिलता हैं की मेडल जितने वाले एथलीट जब कैमरे को पोज़ देते हैं तो वे अपने दांतों से मेडल को काटते हुए दिखाई देते हैं। क्या आप जानते हैं की खिलाड़ी ऐसा क्यों कर रहे होते हैं? क्या इनके पीछे कोई साइंटिफिक रीज़न छुपा होता हैं या फिर यह पुराने ज़माने से चला आ रहा यह एक रिवाज़ हैं। चलिए जानते हैं इस मज़ेदार और रोचक जानकारी के बारे में.

अभी कुछ दिनों पहले ब्राज़ील में ओलिंपिक सम्पन्न हुए, लेकिन जीते हुए ओलिंपिक खिलाड़ियों की कैमरा के सामने मेडल को दांतों से काटने वाली पोज़ ही देखने को मिली। आखिर यह एथलीट मैडल को दांतों से क्यों काटते हैं? इसका जवाब कुछ खेल अधिकारीयों ने जरूर दिया हैं।

अपनी जीत को दर्शाते हैं

इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ ओलंपिक हिस्टो रियन के प्रेसीडेंट डेविड का मानना हैं की दांतों से मैडल काटने वाला  पोज देने का यह तरीका कई सालो पुराना हैं। जब खिलाड़ी मैडल को दांतों से काटते हैं तो मैडल पर V का निशाँन बन जाता हैं और इस माध्यम से खिलाड़ी अपनी जीत को दर्शाने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा और कोई कारण नहीं हैं।

सोने की शुद्धता चेक करते हैं

वंही दूसरी ओर कुछ लोगो का यह मानना हैं की यह पुराने जमाने से चला आ रहा एक ट्रेडिशन हैं जिसके द्वारा एथलीट मैडल की शुद्धता की पहचान करने के लिए किया करते थे। क्योंकि एथलीटो द्वारा मैडल की शुद्धता की पहचान करके का यह तरीका होता हैं, जिससे जब जीतने वाली खिलाड़ी मेडल को दांतों से काटते हैं तो उन्हें पता चल जाता हैं की सोना खरा हैं या फिर नरम सोना हैं। खरे सोने पर दांतों के निशान तुरंत बन जाते हैं, यही असली सोने के मैडल होने की पहचान होती हैं।

अब मेडल शुद्ध सोने का नहीं होता हैं

हालाँकि इस परम्परा को निभाने का अब कोई फायदा नहीं हैं क्योंकि अब सोने के मेडल में सिर्फ 1.34% ही सोना होता हैं, जबकि बाकी मैडल चांदी का ही होता हैं। अंतिम बार शुद्ध सोने का मेडल साल 1912 में दिया गया था। 2010 में इस पोज को करने से एक रोचक घटना हुयी थी, एथलीट जर्मन लुगर मोलर जब अपने सिल्वर मेडल को दांतों से काट रहे थे तो अचानक उनका दांत टूट गया, इसलिए अब एथलीट भी मेडल को दांतों से काटने पर अलर्ट रहते हैं।



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