कंप्यूटर के कीबोर्ड पर J और F अक्षर उभरे हुए क्यों होते हैं?

कंप्यूटर लैपटॉप पर J F alphabet उभरे हुए क्यों होते हैं?

कंप्यूटर या लैपटॉप के कीबोर्ड पर J और F बटन कुछ उभरे हुए होते हैं। यानी की कीबोर्ड के J और F बटन पर एक हल्की सी छोटी लकीर होती हैं जो थोड़ी सी उभरी हुई होती हैं। इस लकीर को आप आसानी के साथ देख सकते हैं, साथ ही अपने हाथों से महसूस भी कर सकते हैं। आखिर क्या वजह हैं की इन बटनों पर यह लकीर उभरी हुई होती हैं? दरअसल यह उभार ही टाइपिंग करने में सहायता करता हैं। आइये जानते हैं कैसे करता हैं मदद।

कीबोर्ड पर J और F बटन पर उभार होने की वजह

कंप्यूटर कीबोर्ड पर चाहे इंग्लिश में टाइपिंग कीजिये या फिर हिंदी में टाइपिंग कीजिये, उसका Key Formation सेम रहता है। ऐसे में टाइपिंग करने वाले यूजर के दोनों हाथों की इंडेक्स फिंगर F और J पर रहती हैं। इन दोनों बटनों के निचे लकीरनुमा उभार रहता ही हैं। यह उभार ही टाइपिंग करने के दौरान यूजर की काफी ज्यादा मदद करता हैं। जिस समय आपकी बायें हाथ की इंडेक्स ऊँगली F बटन पर होती हैं तो बाकी उँगलियाँ क्रमश A, S और D बटन पर होती हैं। उसी तरह दायें हाथ का इंडेक्स फिंगर जब J बटन पर होता हैं तो क्रमश बाकी उँगलियाँ K, L और कॉलन (;) पर रहती हैं। ऐसा इसलिए यह उभार बनाया गया होता हैं की बिना कीबोर्ड को देखे ही हाथों से ही यूजर उभार को महसूस करके कीबोर्ड के बटनों को आसानी के साथ पहचान सके और अपने हाथों को सेट कर सके।

आखिर यह उभार किसने बनाया ?

J और F बटन पर उभार क्यों बनाये गये होते हैं, इसके बारे में तो आपको पता ही चल गया। लेकिन यह भी जानना उतना ही ज्यादा जरूरी हैं की आखिर वह कौन हैं, जिन्हें इन बटनों पर उभार बनाने का आईडिया आया था? इन दोनों बटनों पर उभार बनाने का आईडिया जून ई. बॉटिश का था। फ्लोरिडा के रहने वाले बॉटिश ने अपने इस आईडिया का पेटेंट साल 2002 में अपने नाम दर्ज़ करवाया था। यह उभार वाले बटन QWERTY और Dvorak दोनों ही तरह के कीबोर्ड में पाए जाते हैं। कंप्यूटर/लैपटॉप के कीबोर्ड पर लकीरनुमा इस उभार की मदद से आप अपने हाथों की उँगलियों को कीबोर्ड पर एकदम सही स्तिथि में ला कर सेट करके टाइपिंग की तैयारी कर सकते हैं। प्रोफेशनल रूप से टाइपिंग करने वाले लोगो के लिए इन बटनों पर बना हुआ उभार काफी मददगार होता हैं।

F और J बटन पर उभार होने से क्या फायदा होता है?

इससे एक तो बार-बार हाथों को सेट करने के लिए कीबोर्ड को देखना नहीं पड़ता हैं। क्योंकि जब आपकी इंडेक्स फिंगर उभार को महसूस करती हैं तो आपको कंप्यूटर कीबोर्ड बिना देखे की पता चला जाता हैं की आपकी उँगलियाँ सही पोजीशन पर हैं। यह टाइपिंग करने का स्टैण्डर्ड तरीका भी हैं। साथ ही इससे टाइपिंग स्पीड तेज़ होती हैं।



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