कार्बाइड के बारे में जानिए, क्यों यह फलों को नुकसानदायक बना देता है।

कार्बाइड में पके हुए फल क्यों होते हैं सेहत के लिए हानिकारक और खतरनाक. कार्बाइड क्या है और इससे फल कैसे पकाए जाते हैं? कार्बाइड के नुकसान क्या हैं?

जैसा की आप जानते हैं की अच्छे स्वास्थ्य के लिए फल का सेवन करना कितना ज्यादा जरूरी है। फल खाने से शरीर को जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स की प्राप्ति होती है। वैसे तो मार्किट में आपको अलग-अलग सीजन में अलग-अलग प्रकार के फल आसानी के साथ मिल जायेंगे। लेकिन आपको जानकर काफी बुरा लगेगा की इन फलों को पकाने के लिए कार्बाइड का इस्तेमाल किया जाता हैं। कार्बाइड के प्रयोग से जो फल सेहत के लिए फायदेमंद थे, वह अब सेहत पर विपरीत असर डालते हैं। मतलब की कार्बाइड से पकाए गये फल जैसे की केला, आम, पपीता आदि को खाने से स्वास्थय को नुकसान ही होता हैं। आइये जानते हैं कार्बाइड क्या होता हैं और इससे सेहत को क्या-क्या नुकसान होते हैं।

कार्बाइड क्या हैं?

कार्बाइड एक प्रकार का खतरनाक केमिकल हैं, जो काफी तेज़ी के साथ गर्मी छोड़ता है। इसलिए आम के सीजन में ज्यादातर आम के विक्रेता या फल विक्रेता इसका इस्तेमाल  खूब करते हैं। वे लोग कच्चे आम के ढेर में कार्बाइड की एक छोटी पुड़ियाँ डाल कर रख देते हैं। कार्बाइड से निकलने वाली गर्मी के कारण आम जैसे फल बहुत ही जल्दी पक जाते हैं। सबसे दुखद बात यह है की कार्बाइड भारत में बैन हैं, लेकिन फिर भी इसका इस्तेमाल धरल्ले के साथ फलों को पकाने के लिए किया जा रहा हैं।

कार्बाइड का इस्तेमाल ज्यादातर व्यापारी क्यों करते हैं?

आज छोटे से लेकर बड़े तक सभी फल कारोबारी अपना मुनाफा कमाने के चक्कर में लोगो की सेहत की बिलकुल भी ख्याल नहीं रखते हैं। जिसके कारण वह बिन मौसम के फलों को बाज़ार में उतारने की कोशिश करते हैं, जिसके कारण उन्हें इन कच्चे फलों को पकाने के लिए केमिकल की जरूरत पड़ती हैं। देश के पॉश मार्किट एरिया और टूरिस्ट प्लेसेस पर बिन मौसम के फल-फ्रूट्स की मांग काफी ज्यादा रहती हैं। ऐसे में यह व्यापारी ट्रांसपोर्ट के माध्यम से इन जगहों पर कच्चे आम जैसे फलों को भेज देते हैं। कच्चे आमों में कार्बाइड रख दिया जाता हैं, जिससे आम बाज़ार में पहुचते ही पूरी तरह से पक गया होता हैं।

कौन से फलों को पकाने के लिए कार्बाइड का किया जाता हैं इस्तेमाल?

जब फल विक्रेता कार्बाइड की सहायता से कच्चे फलों को पकाते हैं तो वे लोग इन फलों में नेचुरल कलर लाने की भी कोशिश करते हैं। इसके लिए व्यवसाई फलों को पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल करते ही है साथ ही उनमे आर्टिफीसियल कलर भी लगाते है। जिससे सेहत को काफी ज्यादा नुकसान होता है। इस कार्बाइड की सहायता से न सिर्फ आम को पकाया जाता हैं, बल्कि इससे कच्चा पपीता, कच्चा केला और अमरुद भी पकाए जाते हैं। कार्बाइड में पकाए गये फल जल्दी खराब होने वाले भी होते हैं। एक दिन के बाद अगर कार्बाइड में पके हुए फलों को खाया जाये तो इनका स्वाद काफी बेकार लगने लगता हैं। साथ ही यह सेहत को नुकसान भी पहुचाते हैं।

फलों में हो जाती हैं न्यूट्रीएंट्स की कमी

यह बात आप जान ही गये हैं की कार्बाइड में पकाए गये फल सेहत के लिए खराब हैं। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि इनमे पके फलों में पोषक तत्वों की कमी हो जाती हैं। आम खाने के फायदे बहुत हैं, आम न्यूट्रीएंट्स से भरा हुआ फल हैं। परन्तु जब कच्चे आम को कैल्शियम कार्बाइड में पकाया दिया जाता हैं तो आम में मौजूद विटामिन्स के अलावा फाइबर, कैल्शियम, आयरन सहित सभी पोषक तत्वों की मात्रा अपने आप काफी कम हो जाती हैं। जिसकी वजह से इस फल को खाना अब सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होगा, बल्कि यह सेहत के लिए हानिकारक बन जाता हैं। कार्बाइड में पकाए गये फलों के सेवन से आपकी तबियत भी बिगड़ सकती है।

बीमारियाँ होने का खतरा :-

ज़हरीले केमिकल कार्बाइड वाले फलों को खाने से आपको कई तरह की बीमारियाँ हो सकती हैं। इससे किडनी, लीवर कैंसर और बड़ी आंत का कैंसर होने की आशंका ज्यादा रहती है। साथ ही कार्बाइड वाले फल को खाने से पेट से जुड़ी समस्याएं, खराब पाचन, नसों में सूजन और आंतो में सूजन आदि भी हो सकते हैं। इसके अलावा सिरदर्द जैसी समस्याएं भी आपको परेशान कर सकती है। सिरदर्द धीरे-धीरे बढ़ने लगता हैं और आगे चलकर एक सिरियस बीमारी भी बन सकता हैं। ऐसे में हमेशा यही प्रयास करे की मार्किट में बिकने वाले हानिकारक रसायन वाले फल-फ्रूट्स को न खरीदे।



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