जानिए अन्य गिलास के तुलना में कुल्हड़ में चाय क्यों पीना चाहिए?

कुल्हड़ वाली चाय

मिट्टी के बर्तन से बने गिलास को कुल्हड़ के नाम से जाना जाता हैं। कुल्हड़ की चाय पीने में स्वादिष्ट तो होती हैं, साथ ही यह सेहत के लिए फायदेमंद भी हैं। कुल्हड़ पर्यावरण के लिए भी अनुकूल हैं। यह ऐसे गिलास हैं, जिनका एक बार इस्तेमाल करने के बाद आप कंही भी फेंक सकते हैं। अच्छी बात यह हैं की कुल्हड़ से  पर्यावरण को नुकसान भी नहीं हैं।

जिन लोगो ने अभी तक कुल्हड़ में चाय पीया हैं, उनका यह मानना हैं की इस मिट्टी के बर्तन में चाय पीने का अपना ही एक खास मज़ा हैं। क्योंकि इसमें चाय पीने से मिट्टी की भीनी-भीनी खुशबू आती हैं, जिससे चाय का स्वाद और भी ज्यादा बढ़ जाता हैं। कुल्हड़ की चाय ज्यादातर आपको छोटे शहरों और गाँवों में मिल जाती हैं। आइये जानते हैं की अन्य तरीकों से चाय पीने से कुल्हड़ में चाय पीना क्यों ज्यादा फायदेमंद हैं।

■ स्टील या कांच के गिलास में चाय पीने के नुकसान

अगर आप चाय की दूकान में स्टील या कांच के गिलास में पीते हैं तो यह भी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता हैं। क्योंकि दूकान पर इन चाय के कप को अच्छी तरह से साफ नहीं किया गया होता हैं। इनमे मौजूद बैक्टीरिया आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ज्यादातर चाय की दुकानों पर चाय के गिलास को साफ करने के लिए गंदे पानी का इस्तेमाल किया जाता हैं। जिसके कारण इस प्रकार के गिलास में चाय पीने से इन्फेक्शन होने की सम्भावना ज्यादा हो जाती हैं। जिससे आपको डायरिया या फूड पोइजनिंग की समस्या हो सकती हैं। तो दूसरी ओर कुल्हड़ वाली चाय पीने से ऐसा कोई ख़तरा नहीं हैं।

■ फोम के गिलास में चाय पीने के साइड-इफ़ेक्ट

कई दुकानदार अपने ग्राहकों को या फिर पार्टी आदि में लोग फोम के गिलास में चाय सर्व करते हैं। यह पॉलीस्टीरीन से बनाये गये कप हैं जो सेहत के लिए काफी ज्यादा खतरनाक हैं। जब आप इन गिलास में चाय डालते हैं तो इसके कुछ तत्व चाय में घुल जाते हैं और पेट के अंदर दाखिल हो जाते हैं। जिससे आने वाले समय में पेट के कैंसर होने का ख़तरा काफी ज्यादा बढ़ जाता हैं।

इसके अलावा फोम के कप में स्टाइरीन होता हैं, जिससे आपकी एकाग्रता में कमी, अनियमित हार्मोनल चेंजेस, थकान जैसी प्रॉब्लम भी हो सकती हैं। इसलिए फोम वाले गिलास में चाय पीने से बचे।

जरूर पढ़े :- जानिए डिस्पोजल गिलास में गर्म पेय या चाय क्यों नहीं पीनी चाहिए?

■ कुल्हड़ होते हैं पर्यावरण के अनुकूल

फोम या प्लास्टिक के गिलास सेहत के नजरिये से तो हानिकारक हैं ही, साथ में यह एनवायरनमेंट के लिए भी काफी बुरे हैं। तो दूसरी तरफ कुल्हड़ इको-फ्रेंडली हैं। जब आप इसे कंही भी फेंकते हैं तो कुछ ही दिनों के अंदर यह मिट्टी के अंदर अच्छी तरह घुलमिल जाते हैं।

■ कुल्हड़ में चाय पीने के दुसरे फायदे

मिट्टी के बर्तनों क्षारीय होते हैं जो शरीर में एसिडिक स्वभाव को कम करते हैं। इसके अतरिक्त इन मिट्टी के गिलास के और भी कई लाभ हैं। इसमें आप दूध, चाय या लस्सी कोई भी पेय पी सकते हैं। सच में कुल्हड़ में चाय पीने से एक तो चाय का टेस्ट बढ़ता हैं, दूसरा इसके न्यूट्रीएंट्स भी बढ़ जाते हैं।



अगर लेख अच्छा लगा हो तो निचे सोशल मीडिया बटन से अपने दोस्तों में शेयर करना न भूले, क्योंकि आपका एक शेयर इस वेबसाइट को आगे जारी रखने के लिए हमें प्रेणना देगा...

इन्हें भी जरूर पढ़े...