कैसे आती है अघोरियों में इतनी शक्ति, मुर्दे भी देते है उनके सवालो के जवाब?

कैसे आती है अघोरियों में इतनी शक्ति, मुर्दे भी देते है उनके सवालो के जवाब?

अघोरी बहुत ही ज्यादा रहस्यमयी होते हैं, क्योंकि इनकी उत्पत्ति कब और कैसे हुई इसके बारे में कोई जानकारी नहीं हैं। लेकिन भगवान शिव का एक रूप भी अघोरी भी हैं, इसलिए इनके अनुयायी तब से इसी रूप में रहते हैं। अघोरियों का जीवन और उनकी दिनचर्या बहुत ही रहस्यमयी और अजीब होती हैं, जो की उनके नाम से ही दिखाई देता हैं। अघोरियों के रहस्य के बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। आखिर क्या कारण हैं की अघोरियों में इतनी ज्यादा शक्ति होती हैं, की वह मुर्दों से बाते तक करते हैं? आइये इसके बारे में जानते हैं।

अघोरियों को कुम्भ के मेले में देखा जा सकता हैं। लेकिन अघोरियों की वेशभूषा ऐसी होती हैं की बच्चे तो बच्चे, बड़े लोग भी इन्हें देख कर डर जाते हैं। लेकिन वे स्वभाव से सरल होते हैं, वे हमेशा झुण्ड में रहते हैं। लेकिन फिर भी उनमे आपस में कभी भी कोई भी द्वेष भाव या झगड़ा भारत के इतिहास में ना ही देखा और सुना गया हैं।

आइये अघोरियों के जुड़े हुए कुछ रोचक रहस्य और तथ्य जानते हैं। जैसे की माँ काली जब बहुत ज्यादा क्रोधित हो गयी थी तो उनका पैर भगवान शंकर के उपर पड़ा, तभी उनका क्रोध शांत हुआ। वैसे ही अघोरी मृत शव पर खड़े होकर साधना करते हैं। मुर्दे को प्रसाद के रूप में मांस और शराब चढ़ाते हैं। कई बार अघोरियों को शमशान में पूजा करते हुए देखा जाता हैं, जहाँ पर वह मीठा चढ़ाते हैं।

अघोरी साधना से इतने ज्यादा शक्तिशाली और ताकतवर हो जाते हैं की जिस बात के बारे में हम सोच भी नहीं सकते हैं, वे आसानी से कर सकते हैं। मतलब की वह अपनी शक्तियों द्वारा मुर्दों से भी बातें करने में समर्थ हो जाते हैं। कभी भी अघोरियों की शक्ति को अजमाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, वर्ना इससे आप मुसीबत में पड़ जायेंगे।

अघोरी वीरान और अनजान जगहों जैसे की शमशान में रहते हैं। उनके पास सिर्फ कुत्ता (कुक्कुर) जानवर ही देखा जाता हैं। उनकी आँखें हमेशा लाल रहती हैं, जिसके कारण वह काफी डरावने दिखाई देते हैं। अघोरी साधू बहुत ही ज्यादा जिद्दी स्वभाव के होते हैं और अपनी हर बात मनवाने की कोशिश करते हैं।

चाहे बीफ पर पुरे देश में विवाद और घमासान मचा हो, लेकिन इस बात को नोट करले की अघोरी चाहे इंसानों तक का मांस खा जाते हैं, लेकिन वह कभी गाय का मांस नहीं खाते हैं। अघोरियों के बारे में यह कहा जाता हैं की वह मुर्दों का मांस खाते हैं, जिसके कारण उन्हें बल प्राप्त होता हैं। इससे उनके अंदर मृत्यु का भय समाप्त हो जाता हैं। अघोरी राक्षसों की तरह दिन भर सोते रहते हैं और रात में अपनी तंत्र साधना में लीन हो जाते हैं।

भारत में सबसे ज्यादा अघोरी असम राज्य के कामख्या मंदिर, पक्षिम बंगाल के तारापीठ, नासिक में अर्धज्योतिलिंग और उज्जैन के महाकाल मंदिर के आसपास पाए जाते हैं। ऐसी मान्यता हैं की इन स्थानों पर अघोरियों को जल्दी सिद्धियाँ प्राप्त हो जाती हैं। वैसे तो अघोरियों के बारे में यह जानकारी आपको मिल गयी हैं, लेकिन अघोरियों का रहस्यमयी संसार की पूरी और सही जानकारी सिर्फ अघोरियों के पास ही हैं। ऐसे में आम इंसान के बारे में अघोरियों के बारे में सही तरह से जान पाना नामुमकिन सी बात हैं।



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