क्रिकेट नहीं जंगल से जुड़े हैं “Jumbo” अनिल कुंबले के बारे में शायद यह बातें आप जानते होंगे.

Interesting facts about Anil Kumble "Jumbo"

भारतीय क्रिकेटर टीम के कप्‍तान व दिग्गज स्पिनर रहे अनिल कुंबले अब भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बन गए हैं। उनके कोच बनाए जाने से अब टीम इंडिया को 16 साल बाद भारतीय कोच मिला है। वहीं बहुत कम लोग जानते हैं कि क्रिकेट के साथ कुंबले को जंगलों से भी बेहद लगाव है। आज वाइल्‍ड लाइफ को बचाना उनके बड़े लक्ष्‍यों में शामिल हैं। ऐसे में आइए इस मौके पर जानें क्रिकेट नहीं जंगल से जुड़ा है कुंबले का ‘Jumbo’…

Anil Kumble ke baare mein interesting facts in Hindi.

असली जंबो इसमें

पूर्व भारतीय खिलाड़ी अनिल कुंबले का दूसरा नाम जंबो है। यह उनका निकनेम कहा जाता है। क्रिकेट खिलाड़ी अनिल कुंबले का जितना खेल के प्रति समर्पण रहा है उतना ही जानवरों को लेकर भी रहा है। कहा जाता है कि उनका असली जंबो तो इसी में है। उनकी एक खास बात यह है कि वह जिस काम को करने की ठान लेते हैं उसे बिना पूरे किए नहीं रहते हैं।

वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी

पूर्व भारतीय खिलाड़ी अनिल कुंबले को वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी बेहद पसंद हैं। क्रिकेट के बाद यह उनका दूसरा प्याीर है। सोशल मीडिया पर भी वह कई बार अपनी इस खास अदा के लिए छाए रहते हैं। वह फोटोग्राफी करने के बाद तस्वी रें सोशल मीडिया पर भी अपने फैंस के लिए पोस्टक करते हैं। कुंबले यह काम 17 साल की उम्र से कर रहे है।

जंबो फंड बनाया गया

शायद इसीलिए रिटायरमेंट के बाद अनिल कुंबले ने अपने दूसरे शौक को तरजीह दी। कुंबले ने वाल्ड लाइफ संरक्षण की दिशा में कदम बढाया और आज यहां काफी तेजी से सक्रिय हैं। वर्तमान में कर्नाटक में फाउंडेशन ‘द कुंबले फाउंडेशन – जंबो फंड’ वन्य जीवों के संरक्षण के लिए काम कर रहा है। फाउंडेशन का नाम अपने निकनेम पर रखा है।

धन जुटाने का काम

कुंबले का यह यह फाउंडेशन वन्य जीवों के लिए धन जुटाने का काम भी कर रहा है। वहीं कर्नाटक सरकार ने सन 2009 में उन्हें स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ का वाइस चेयरमैन नियुक्तन किया। यह संस्थाे वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के अंतर्गत काम करती है। कर्नाटक सरकार के इस कदम के लिए कुंबले ने उसका आभार भी व्यटक्त किया।

अपनी सेविंग से पैसा

वहीं अनिल कुंबले का कहना है कि वह इस फाउंडेशन के कर्नाटक के साथ-साथ पूरे भारत में विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। वह अपने एनजीओ को बेहतर तरीके से चलाने के लिए कई बार पैसा अपनी सेविंग से भी निकालते हैं। उनका कहना है कि किसी एनजीओ को चलाना इतना आसान नहीं है, लेकिन उन्हें इससे काफी खुशी होती है।

पहला राज्य कर्नाटक

कुंबले के कार्यकाल में कर्नाटक में वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्टिड एरिया 3.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.2 प्रतिशत हुआ। ऐसा पहली बार किसी राज्य में हुआ है। इसके साथ कुंबले का प्रयास है कि वाइल्ड लाइफ को बढ़ाने के लिए सबसे पहले देश में टूरिज्म को बढ़ाना होगा। जब टूरिज्मय बढ़ेगा तो ज्या दा से ज्यासदा लोग यहां पर परिवार के साथ आएंगे।

काफी कुछ बदल सकता

अनिल कुंबले का कहना है कि उनके इस प्रयास में काफी लोग आज अपना समर्थन दे रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम से जुड़ रहे हैं और आगे भी जुड़ेंगे। उनका मानना है कि पर्यावरण की दिशा में छोटा सा ये प्रयास काफी कुछ बदल सकता है। वह अपने फाउंडेशन से जुड़े वन्य स्टाफ व ऑफिसर्स को पुरस्कृत भी करते रहते हैं।



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