गिलोय के रस के फायदे – Benefits of Giloy in Hindi.

गिलोय के रस के फायदे , Benefits of Giloy Juice in Hindi. गिलोय का सेवन क्यों करना चाहिए? गिलोय के घरेलु नुस्खे और उपाय.

शायद आपने गिलोय की बेल को देखा हैं लेकिन जानकारी न होने के कारण आप उसे पहचान नहीं पाए। गिलोय का पौधा बेल के रूप में बढ़ता हैं। इसके पत्ते पान के पत्ते की तरह दिखाई देते हैं। गिलोय की लताएं आम और नीम के पेड़ के आस-पास सबसे ज्यादा पाई जाती हैं। जिस पेड़ पर गिलोय का बेल चढ़ने लगता हैं, उस पेड़ के गुण भी अपने में सम्मलित लेता हैं। इसलिए नीम के पेड़ पर चढ़ी हुयी गिलोय को स्वास्थ्य के नजरिये से सबसे बढ़िया माना जाता हैं।

गिलोय की बेल सालों साल उगने वाली हैं। गिलोय की पत्तियों और इसके तने के रस को निकाल कर इस्तेमाल किया जाता हैं। गिलोय की तासीर गर्म मानी जाती हैं और यह तैलीय होने के साथ ही स्वाद में कड़वा और हल्की सी झंझनाहट लाने वाला होता हैं।

गिलोय के इतने सारे चमत्कारी गुण हैं की इसे आयुर्वेद में अमृता के नाम से भी जाना जाता हैं। इसके अलावा गिलोय को गुडुची, छिन्नरुहा,चक्रांगी आदि नामों से भी जाना जाता हैं। गिलोय की पत्तियों और तने में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस, बर्बेरिन, तिक्त ग्लुकोसाइड (गिलोइन), टिनोस्पोराइड, कार्डीफोलिन, वसा अम्ल, उड़नशील तेल आदि पाए जाते हैं जो इसे गुणकारी बना देते हैं। इसमें स्टार्च भी अच्छी मात्रा में पाया जाता हैं।

आज के लेख में हम गिलोय का रस के फायदे और गिलोय के घरेलु नुस्खे एवं उपाय के बारे में आपको बताएँगे। जिसे पढ़कर आप भी इस चमत्कारी गिलोय का लाभ उठायेंगे। चलिए जानते हैं Benefits of Giloy in Hindi.

गिलोय के रस के फायदे :-

कान का दर्द दूर भगाए

गिलोय के पत्तियों का रस निकाल कर गुनगुना करके कान में डालने से कान में होने वाला दर्द ख़त्म हो जाता हैं। गिलोय को पानी में घिसकर गुनगुना करके दोनों कानो में दिन में 2 बार डालने से कान की मैल बाहर निकल जाती हैं।

पीलिया में लाभकारी

पीलिया की बीमारी से राहत दिलाने में गिलोय बहुत ही फायदेमंद औषिधि हैं। गिलोय के एक चम्मच चूर्ण को काली मिर्च या त्रिफला के एक चम्मच चूर्ण के साथ मिला कर शहद के साथ चाटने से पीलिया की बीमारी में जबरदस्त फायदा होता हैं। आप चाहे तो गिलोय के पत्ते का रस निकाल कर शहद के साथ भी ले सकते हैं। 1 चम्मच गिलोय की पत्तियों का रस निकाल कर सुबह-सुबह खाली पेट एक गिलास मट्ठे या छाछ के साथ लेने से पीलिया की बीमारी ठीक होने लगती हैं। यानि की गिलोय का चूर्ण हो या फिर इसके पत्तियों का रस दोनों ही पीलिया के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

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मोटापा कम करने के लिए

गिलोय के सेवन से मोटापे से निजात पाया जा सकता हैं। गिलोय के चूर्ण को त्रिफला के चूर्ण के साथ मिला कर सुबह शाम शहद के साथ चाटने से मोटापा कम होने लगता हैं। गिलोय, हरड़, बहेड़ा और आंवला मिला कर काढ़ा बनाये और इस काढ़े में शिलाजीत मिला कर पकाए और इसे पीजिये। इस काढ़े का नियमित रूप से सेवन करने से मोटापे की समस्या का निदान होता हैं।

टी.बी. में फायदेमंद

टी.बी. की बीमारी में गिलोय सत, इलायची और वंशलोचन को शहद के साथ लेने से फायदा होता हैं।

आँखों के लिए लाभकारी

गिलोय के रस को आंवले के रस के साथ मिला कर लेने से आँखों को रोग दूर होते हैं और आँखों की रोशिनी भी बढती हैं। गिलोय के रस में त्रिफला का चूर्ण मिला कर काढ़ा बनाये और इस काढ़े में पीपल का चूर्ण और शहद मिला कर सुबह-शाम लेने से भी आँखों की रोशिनी बढ़ती हैं।

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हाथ पैरों की जलन दूर करे

अगर आपके हाथ पैरों में जलन होती रहती हैं तो गिलोय के रस में नीम का रस और आंवला का रस मिला कर काढ़ा बनाये और इस काढ़े का रोजाना 2 से 3 बार सेवन करने से जलन से छुटकारा मिलता हैं। आप चाहे तो गिलोय की पत्तियों को पीस कर इसे सुबह-शाम हाथ पैरों पर लगाने से भी होने वाली जलन शांत होती हैं।

उल्टियां रोकने में में फायदेमंद

गर्मी के दिनों में कई बार गर्मी से लोगो को उल्टियां होने लगती हैं। इसको रोकने में गिलोय बहुत ही फायदेमंद साबित होता हैं। गिलोय के रस में मिश्री या शहद मिला कर दिन में 2 बार पीने से से गर्मी की वजह से आने वाली उल्टी बंद हो जाती हैं।

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डायबिटीज में फायदेमंद

डायबिटीज के मरीजों के लिए गिलोय बहुत ही फायदेमंद हैं। यह हाईपोग्लिकैमिक एजेंट की तरह काम करता हैं। गिलोय में शरीर का शुगर और लिपिड के लेवल को कम करने की शक्ति होती हैं। जिससे टाइप 2 डायबिटीज के इलाज में मदद मिलती हैं। डायबिटीज के मरीज़ बढ़े हुए शुगर लेवल को कम करने के लिए गिलोय का जूस जरूर पिए।

बुखार कम करने में फायदेमंद

गिलोय का इस्तेमाल बुखार को कम करने में विशेष रूप से लाभकारी होता हैं। गिलोय के रस में शहद मिला कर पीने से बुखार और सर्दी से आराम मिलता हैं। अगर आपको बहुत ज्यादा बुखार हैं और बॉडी का टेम्परेचर कम नहीं हो पा रहा हो तो गिलोय की पत्तियों का काढ़ा बना कर पीने से लाभ होता हैं। वैसे तो इसका कोई नुकसान नहीं होता हैं, लेकिन इसको लेने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले ले।

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया में फायदेमंद

गिलोय के सेवन से आप डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू और चिकनगुनिया को दूर भगा सकते हैं। डेंगू और चिकनगुनिया में ब्लड प्लेट्स की संख्या लगातार गिरने लगती हैं। गिलोय के चूर्ण को शहद के साथ लेने से इनकी संख्या को बढ़ाया जा सकता हैं। गिलोय का नियमति रूप से इस्तेमाल करने पर आप मलेरिया और स्वाइन फ्लू जैसी खतरनाक बीमारी से भी बचे रह सकते हैं।

बांझपन दूर करे

गिलोय और अश्वगंधा के चूर्ण को दूध में पका कर नियमित खाने से बाँझपन से छुटकारा मिलता हैं।

पेट के लिए फायदेमंद

पेट की कई सारी समस्याओं को दूर करने के लिए गिलोय बहुत ही फायदेमंद होता हैं। गिलोय के रस में शहद मिला कर लेने से पेट से सम्बंधित सभी रोग ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा गिलोय और शतावरी को एक साथ पीस कर एक ग्लास पानी में मिलाये और उबाले, जब पानी आधा रह जाये तो इस काढ़े को सुबह शाम पीने से पाचन तंत्र मजबूत बनता हैं।

गिलोय के चूर्ण को आंवला चूर्ण या आंवले के मुरब्बे के साथ मिला कर लेने से गैस की समस्या को ख़त्म किया जा सकता हैं। गिलोय के रस को छाछ के साथ मिला कर पीने से अपचन की समस्या से छुटकारा मिलता हैं। गैस, जोड़ो का दर्द और शरीर का टूटना वात के असंतुलन की वजह से होता हैं। गिलोय के एक चम्मच चूर्ण को घी के साथ लेने से वात संतुलित रहता हैं।

बवासीर में फायदेमंद

1 चम्मच गिलोय के चूर्ण को 1 गिलास मट्ठे या छाछ के साथ मिला कर सुबह-शाम पीने से बवासीर में फायदा होता हैं।

टेंशन से राहत दिलाये

गिलोय एडाप्टोजेनिक हर्ब हैं जो मानसिक दबाव और चिंता को दूर करने वाला माना गया हैं। गिलोय के चूर्ण को शतावरी और अश्वगंधा के साथ मिला कर लेने से याददाश्त बढ़ती हैं। यह बॉडी और ब्रेन पर बढ़ती उम्र के असर को कम कर देता हैं।

ब्लड की कमी को दूर करे

गिलोय के सेवन से खून की कमी दूर होती हैं। अगर आपको एनीमिया हैं और खून की कमी हो गयी हैं तो रोजाना सुबह-शाम गिलोय के रस में घी या शहद मिला कर लेने से खून की कमी दूर हो जाती हैं और एनीमिया जल्दी से ठीक हो जाता हैं।

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मिर्गी की बीमारी में फायदेमंद

गिलोय और पुनर्नवा का काढ़ा बना कर मिर्गी के रोगियों को पिलाने से कुछ ही दिनों में उन्हें मिर्गी की बीमारी में लाभ होने लगता हैं।

अस्थमा की बीमारी में फायदेमंद

गिलोय के सेवन से सांस सम्बन्धीत बीमारियाँ जैसे दमा, अस्थमा और खांसी आदि में फायदा होता हैं। अगर आपको कफ और सांस लेने में परेशानी होती हैं तो गिलोय का सेवन जरूर कीजिये। अस्थमा के उपचार में गिलोय एक बेहतरीन औषिधि मानी गयी हैं।

ब्लड कैंसर से बचाए

थोड़े से गिलोय के रस और थोड़े से गेंहू के जवारे का रस इन दोनों को 1 कप पानी में मिला कर सुबह खाली पेट पीने से ब्लड कैंसर में लाभ होता हैं और इससे आपको ब्लड कैंसर होने की सम्भावना काफी कम हो जाती हैं।

स्किन के लिए फायदेमंद

चेहरे के मुहांसो और झाईयों पर गिलोय के पत्तो को पीस कर लगाने से फायदा होता हैं। इसे नीम और आंवला के साथ मिला कर इस्तेमाल करने से त्वचा सम्बन्धी रोग सोरायसिस और एक्जिमा को दूर किया जा सकता हैं। यह कुष्ठ रोगों के इलाज में भी फायदेमंद हैं।

बॉडी की इम्युनिटी बढ़ाये

गिलोय के सेवन से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती हैं। शरीर के वाइट सेल्स के काम करने की क्षमता में इजाफा होता हैं। यह शरीर की अंदरूनी रूप से सफाई करते हैं और किडनी को स्वस्थ्य बनाते हैं। गिलोय के सेवन से लीवर भी सही ढंग से काम करता हैं। गिलोय बैक्टीरिया को नष्ट करने वाली औषिधि हैं, जिससे आप कई सारी बिमारियां होने के खतरे से बचे रहते हैं।

आर्थराइटिस, गठिया में फायदेमंद

गिलोय के सेवन से शरीर की सूजन भी दूर होती हैं। सूजन को कम करने के गुण ही वजह से यह आर्थराइटिस और गठिया रोग से लड़ने में भी कारगर हैं। गिलोय के पाउडर को बराबर मात्रा में सौंठ और गुग्गुल के साथ मिला कर दिन में 2 बार लेने से गठिया और आर्थराइटिस की बीमारी में फायदा मिलता हैं। अगर आपको गिलोय की ताज़ी पत्तिय या तना मिल जाये तो इसका जूस बना कर जरूर पिए।

नोट :- वैसे तो गिलोय के ताज़े पत्तों और तने का रस शरीर के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी होता हैं। लेकिन इसे हर जगह पर मिल पाना मुश्किल हैं, इसके लिए आप बाज़ार में मिलने वाले गिलोय के चूर्ण का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। गिलोय का चूर्ण हर आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर पर आपको आसानी से मिल जाएगी। गिलोय को चमत्कारी पौधा माना जाता हैं, लेकिन हर वस्तु के जहाँ कुछ लाभ होते हैं, वंही उसके कुछ हानियाँ भी होती हैं। कुछ लोगो पर गिलोय का विपरीत असर भी पड़ता हैं, उनकी पाचन क्रिया खराब हो सकती हैं। गर्भवती महिलाओं को बिना डॉक्टर के परामर्श के इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।







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