गुड़हल के फूल के फायदे.

Gudhal ke phool ke fayde. Benefits of Hibiscus flower in Hindi.

गुड़हल का फूल माँ दुर्गा की पूजा में विशेष रूप से इस्तेमाल किये जाते हैं. गुड़हल का पौधा अपने गुणों के कारण बहुत ही लाभकारी पौधा हैं. इसके फूल, पत्ते और जड़ सभी ही स्वास्थ्यवर्धक हैं. आज हम गुड़हल के फूल के फायदे के बारे में चर्चा करेंगे.

गुड़हल एक खूबसूरत फूलो वाला पौधा हैं, इसे गुरहल, जबाकुसुम, जपाकुसुम, अरहुल, अड़हुल आदि भी कहा जाता हैं, इस के बड़े ही फायदे हैं. यह आम तौर पर ट्रॉपिकल और गर्म क्षेत्रो में पाया जाता हैं. इस पौधे की कई प्रजातिया पाई जाती हैं, और सभी अपने खूबसूरत फूलो से जानी जाती हैं. मज़ेदार बात यह हैं की यह गुड़हल का फूल, साउथ कोरीया, मलेशिया और Hatay State का National flower ( राष्ट्रीय फूल) हैं. भारत में भी इस फूल को काफ़ी शुभ माना जाता हैं और कई धार्मिक संस्कारो और पूजा पाठ आदि के लिए इस्तेमाल किया जाता हैं. प्राचीन भारतीय आयुर्वेद में गुड़हल का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियो को दूर करने के लिए किया जाता था.

गुरहल की पत्ती का इस्तेमाल ना सिर्फ़ औषधिय, बल्कि कई रूपो में किया जाता हैं. कई बार तो इसका इस्तेमाल पार्क या गार्डेन को सजाने के लिए किया जाता हैं. गुड़हल की सुखी पत्ती का इस्तेमाल मेक्सिकन जैसे कई फुड्स को सजाने के लिए भी किया जाता हैं. साथ ही इसकी पत्ती से चाय भी बनाई जाती हैं, जो अलग-अलग देशो में कई नामो से प्रचलित हैं.

कई रिसर्चस के जरिये यह बात साइंटिफिकली प्रूफ हो चुकी हैं की गुरहल की पत्ती में औषधीय गुण पाए जाते हैं. 2008 में USDA के अध्यन में यह पाया गया की गुड़हल की चाय (टी) पीने से ब्लड प्रेशर कम होता हैं. आयुर्वेद में लाल और सफेद गुड़हल को औषधिय गुणों से भरपूर माना जाता हैं और इसका इस्तेमाल खाँसी, बालो के झड़ने और बालो के सफेद होने की समस्या से निजात पाने के लिए किया जाता हैं. साथ ही गुड़हल एंटी-ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता हैं और इसका इस्तेमाल एंटी-एजिंग के रूप में किया जाता हैं. इसके अलावा अड़हुल की पत्ती से बनी चाय का इस्तेमाल शरीर में बॉडी में स्टैमिना जगाने के लिए भी किया जाता हैं.

आइए जानते हैं गुड़हल के फूल, पत्ते के कुछ औषधिय गुणों के बारे में ;-

1. हेयर कंडीशनर :- गुड़हल की पत्ती और इसके फूल की पंखुड़ी से बना पेस्ट नेचुरल हेयर कंडीशनर का काम करता हैं. जब इसे शैम्पू के बाद से लगाया जाता हैं तो यह बालो का रंग काला करता हैं और Dandruff से भी छुटकारा दिलाता हैं.

2. चाय (टी) :- गुड़हल की पत्ती से बनी चाय का इस्तेमाल कई देशो में औषधि के रूप में किया जाता हैं. अगर आपको किडनी की समस्या हैं तो इससे बनी चाय बिना शक्कर (चीनी) के ले. साथ ही इससे डिप्रेशन के समय मूड भी ठीक हो जाता हैं.

3. स्किन केयर :– अपने खास गुणों के कारण गुड़हल का इस्तेमाल कॉसमेटिक स्किन केयर में किया जाता हैं. ट्रडीशनल चाइनीस मेडिसिन्स में गुड़हल की पत्ती का इस्तेमाल एंटी-सोलर एजेंट के रूप में किया जाता हैं, क्योंकि यह अल्ट्रा वायलेट किरणों को सोख लेता हैं. साथ ही इसका इस्तेमाल स्किन की झुर्रियो से निजात पाने के लिए भी किया जाता हैं.

4. ब्लड प्रेशर कम करे :- रिसर्च में यह पता चला हैं की गुड़हल की पत्ती से बनी चाय को पीने से ब्लड प्रेशर की प्राब्लम से निजात मिलती हैं. इसलिए ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए इसका नियमित सेवन करना चाहिए.

5. घाव पर भी असरदार :- गुड़हल से निकले तेल का इस्तेमाल खुले घाव और कैंसर से हुए घाव पर किया जाता हैं. साथ ही यह कैंसर के शुरुवाती स्टेप्स में काफ़ी कारगर होता हैं.

6. कोलेस्टरॉल को कम करे :– गुड़हल की पत्ती से बनी चाय LDL कोलेस्टरॉल को कम करने में काफ़ी असरदार होता हैं. इसमे पाए जाने वाले तत्व अर्टिज़ में प्लेग को जमने से रोकते हैं, जिससे कोलेस्टरॉल का लेवल कम होता हैं.

7. सर्दी और खाँसी में फायदेमंद :- गुड़हल की पत्ती में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता हैं. जब चाय या अन्य रूपो से इसका सेवन किया जाता हैं तो यह सर्दी और खाँसी के लिए काफ़ी फायदेमंद होता हैं. इससे आपको सर्दी से जल्दी राहत मिलेगी.

8. वजन कम करने और पाचन में सहायक ;- गुड़हल के सेवन से भूख की इच्छा शांत होती हैं. ऐसे में यह वजन को कम करने में काफ़ी मददगार होता हैं. अरहुल की पत्ती से बनी चाय पीने से आप कम खाना खाएँगे और आपकी पाचन क्रिया भी तेज़ होगी. इससे शरीर में गैर-ज़रूरी फैट नही बनता हैं.

9. रेग्युलर पीरियड्स साइकल :- गुड़हल की पत्ती से बनी चाय के नियमित सेवन से महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजेन का लेवल कम होता हैं. इससे शरीर में हॉर्मोन का संतुलन बना रहता हैं. यही वजह हैं की पीरियड्स के दौरान कोई दिक्कत नही आती हैं.

10. एंटी-एजिंग :– गुड़हल में कई तरह के एंटी-ऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं. यह शरीर में मौज़ूद फ्री-रेडिकल्स को हटाता हैं, जिससे उमर बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती हैं और बुढ़ापा जल्दी नही आता हैं.







अगर लेख अच्छा लगा हो तो निचे सोशल मीडिया बटन से अपने दोस्तों में शेयर करना न भूले, क्योंकि आपका एक शेयर इस वेबसाइट को आगे जारी रखने के लिए हमें प्रेणना देगा...

इन्हें भी जरूर पढ़े...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *