जानिए रुद्राक्ष कितनी तरह के होते हैं और इनके क्या लाभ हैं?

रुद्राक्ष कितनी तरह के होते हैं? रुद्राक्ष के फायदे.

शास्त्रों में रुद्राक्ष के बारे में काफी ज्यादा वर्णन देखने को मिलता हैं। रुद्राक्ष कई प्रकार के होते हैं और प्रत्येक रुद्राक्ष का अपना ही महत्व हैं। प्रत्येक रुद्राक्ष के एक कोने से लेकर दुसरे कोने तक कुछ धारियां खिंची होती हैं। जिन्हें मुख कहा जाता हैं। आइये रुद्राक्ष के बारे में जानकारी जानते हैं और यह भी जानते हैं की रुद्राक्ष कितनी तरह के होते हैं और उन्हें धारण करने से आपको क्या-क्या फायदे होते हैं।

रुद्राक्ष भगवान शिव के आंसुओं के पैदा हुए वृक्षों पर उगता हैं। आज कल आपको मार्किट में नकली रुद्राक्ष भी मिल जायेंगे। लेकिन असली रुद्राक्ष को पहनने से ही भगवान शंकर की कृपा तभी प्राप्त होती हैं। आइये जानते हैं रुद्राक्ष के प्रकार और इसे पहनने से मनुष्य को क्या-क्या लाभ होते हैं। Benefits of Rudraksha in Hindi.

■ एक मुखी रुद्राक्ष

एकमुखी रुद्राक्ष दुर्लभ रुद्राक्ष है, जिसे साक्षात भगवान शंकर का रूप माना जाता हैं। ऐसी मान्यता हैं की इसे पहनने से मनुष्य यश को प्राप्त करता हैं।

■ दो मुखी रुद्राक्ष

दो मुखी रुद्राक्ष देवी और देवता दोनों का स्वरूप हैं। इसे पहनने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं।

■ तीन मुखी रुद्राक्ष

तीन मुखी रुद्राक्ष अग्नि के समान हैं। इसे पहनने से भय से मुक्ति मिलती हैं।

■ चार मुखी रुद्राक्ष

चार मुखी रुद्राक्ष ब्रह्मा जी का स्वरूप हैं। इसे गले में धारण करने से पापों से मुक्ति मिलती हैं।

■ पंचमुखी रुद्राक्ष

पंचमुखी रुद्राक्ष स्वयं रूद्र कालाग्नि का रूप हैं। इसे गले में पहनने से संतोष और शान्ति की अनुभूति होती हैं।

■ छह मुखी रुद्राक्ष

छह मुखी रुद्राक्ष को कार्तिकेय जी का स्वरूप माना गया हैं। इस रुद्राक्ष को दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए।

■ सात मुखी रुद्राक्ष

यह रुद्राक्ष अनंग हैं¸ इसे पहनने से सोने की चोरी करने से होने वाला पाप समाप्त हो जाता हैं।

■ आठ मुखी रुद्राक्ष

अष्टमुखी रुद्राक्ष गौरी पुत्र गजानन गणेश जी का स्वरूप हैं। इसे पहनने से जातकों के जीवन से क्लेश और पाप दूर हो जाते हैं।

■ नौ मुखी रुद्राक्ष

नौ मुखी रुद्राक्ष भैरव जी का प्रतीक हैं। इसे बाई भुजा में धारण करना चाहिए। इसे पहनने से भोग और मोक्ष की प्राप्ति होती हैं।

■ दशमुखी रुद्राक्ष

दशमुखी रुद्राक्ष भगवान विष्णु का रूप हैं। ज्योतिष के अनुसार इसे धारण करने से जातकों के सभी ग्रह शांत हो जाते हैं। और उसे किसी भी तरह का भय नहीं रहता हैं।

■ ग्यारह मुखी रुद्राक्ष

ग्यारह मुखी रुद्राक्ष साक्षात् भगवान रूद्र का स्वरूप हैं। जो इसे शिखा में धारण करता हैं, उसे कई हज़ार यज्ञों को करने जितना पुण्य प्राप्त होता हैं।

■ बारह मुखी रुद्राक्ष

बारह मुखी रुद्राक्ष को कान में धारण करना चाहिए। इसे पहनने से जातकों को धन-धान्य और सभी सुखों की प्राप्ति होती हैं।

■ तेरह मुखी रुद्राक्ष

तेरह मुखी रुद्राक्ष वैसे तो आसानी के साथ मिलता नहीं, अगर कंही से मिल जाये तो समझ लीजिये की इसे पहनने से मनुष्य की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

■ चौदह मुखी रुद्राक्ष

चौदह मुखी रुद्राक्ष को पहनने से मानव भगवान महादेव के भाँती ही पवित्र होने लगता हैं। इसे सिर पर धारण करने की सलाह दी जाती हैं।

रुद्राक्ष को पहनने के अलावा जप करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता हैं। जप करने के लिए 108 दानों की माला लाभकारी मानी गयी हैं।







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