जानिए शनि देव पर तेल क्यों चढ़ाया जाता हैं?

शनि देव पर तेल क्यों चढ़ाया जाता हैं?

शनि देव को तेल क्यों चढ़ाते हैं? क्या कारण है की शनि देव को तेल चढ़ाया जाता हैं? आइये इसके बारे में जानते हैं। जब किसी जातक के उपर शनि की साढ़े साती या ढैया चल रही होती हैं तो इसके उपाय के रूप में जातक को शनि देव पर सरसों का तेल और काले तिल को चढ़ाने की सलाह ज्योतिषी देते हैं।

दरअसल शनि देव को तेल चढ़ाने के पीछे भी एक कहानी हैं। शनि देव की इस कहानी को बहुत ही कम लोग ही जानते हैं। ऐसा लोगो में विश्वास हैं की शनि देव को सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि देव जातक के उपर प्रसन्न हो जाते हैं और अपनी कृपा बरसाने लगते हैं। आइये जानते हैं शनि देव की इस कथा के बारे में, जिससे शनी देव पर तेल चढ़ाने के महत्व के बारे में पता चलेगा।

शनि देव और हनुमान जी की कथा :-

हनुमान जी और शनि देव से जुड़ी हुई कई सारी कहानियां आपको पढ़ने के लिए मिल जाएँगी। इन कथाओं में हनुमान जी ने शनि देव के घमंड को कई बार तोड़ा हैं। आइये इसके बारे में और जानते हैं।

एक बार हनुमान जी प्रभु श्री राम जी की आराधना करने में लीन थे। तभी वहा पर शनि देव आ गये और उन्होंने हनुमान जी को युद्ध करने के लिए ललकारा। लेकिन इस पर हनुमान जी ने बड़े ही विन्रमता पूर्वक उत्तर दिया की मैं इस समय अपने प्रभु की साधना में लीन हूँ। यह उत्तर सुनकर शनि देव और भी ज्यादा क्रोधित हो गये और कहने लगे, “मैंने तो सुना था की तुम बहुत बलशाली हो, लेकिन मुझे लगता हैं की तुम मुझे देख कर भयभीत हो गये हो।“

इस वाक्य को सुनकर महावीर हनुमान को क्रोध आ गया और उन्होंने शनि देव को अपनी पूँछ में बांध लिया। फिर हनुमान जी पहाड़ों पर कूदने लगे, जिससे शनि देव को काफी ज्यादा चोट लगने लगी। चोटिल होने के बाद शनि देव ने बजरंगबलि से उन्हें छोड़ने के लिए प्राथना की। पवनपुत्र हनुमान जी शनि देव पर दया आ गयी और उन्होंने शनि देव को बंधन मुक्त कर दिया। फिर उन्होंने शनि देव को उनके घाव पर लगाने के लिए सरसों का तेल भेंट किया। इस पर शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया की आज के बाद वह हनुमान जी के किसी भी भक्त को परेशान नहीं करेंगे।

इसलिए शनी देव पर तेल चढ़ाया जाता हैं, जिससे शनी देव की पीड़ा कम हो जाये और शनि देव जातकों पर अपनी कृपा बनाये रखे।



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