साईं बाबा के 4 अनमोल विचार जो आपकी जिंदगी को बदल सकते हैं।

साईं बाबा के अनमोल विचार, बातें और शिक्षा

शिर्डी के साईं बाबा ऐसे हैं, जिनके भक्त लाखों में हैं। वैसे तो कई सारे भक्तों से आपको साईं बाबा की कहानियां सुनने को मिल ही जाएँगी। साईं बाबा की कहानियां भक्तों को शिक्षा देने का काम करती हैं। इसके अलावा साईं बाबा द्वारा कही गयी बातें भी लोगो के जीवन को बदलने का काम करती हैं। आइये जानते हैं साईं बाबा के 4 अनमोल कथन, जिससे अपनाने से जीवन की कई सारी समस्याएं अपने आप दूर होने लगती हैं। यह अनमोल बातें ऐसी हैं, जिन्हें आपको जरूर जानना चाहिए, ताकि आप भी अपना जीवन सुख शान्ति से बिता सके।

साई बाबा के अनमोल कथन और उनका मतलब :-

सेवा अस्माकं धर्म

साईं बाबा अपने जीवनकाल में कभी भी सेवा करने से पीछे नहीं हटते थे। वह अपनी ओर से सेवा करते ही रहते थे और अपने भक्तों को दूसरों की सेवा करने के लिए प्रेणना देते रहते थे। साईं बाबा ने उस समय तमाम तरह की विपत्तियों को दूर करने के लिए श्रमदान किया और बीमार लोगो की सेवा की। उनकी सेवा से ठीक हो चुके लोग, साईं बाबा का चमत्कार मानते हैं। रोगियों को ठीक करने का चमत्कार, साईं बाबा द्वारा की गयी सेवा का ही फल था। इसलिए साईं बाबा ने अपने उपदेशों में भक्तों को सेवा करने के लिए कहते थे, वे न सिर्फ कहते थे, बल्कि खुद भी दुसरे बीमार लोगो की सेवा करके उदाहरण बनते थे।

ढाई आखर प्रेम के पढ़े तो पंडित होय

साईं बाबा सभी लोगो को समान रूप से प्रेम करते थे। उनके भक्त हिन्दू और मुसलमान दोनों ही थे। इसके अलावा साईं बाबा को जानवरों से भी उतना ही ज्यादा प्रेम था। कबीर दास के दोहे को अपने जीवन में उन्होंने पूरी तरह से उतार दिया था। जो मनुष्य किसी से प्रेम नहीं कर सकता हैं, उसके लिए यह जीवन नरक के समान हैं। भगवान ने सभी प्राणियों का निर्माण किया हैं। फिर ईश्वर के द्वारा बनाए गये किसी जीव से घृणा किस बात की करनी? यह सभी ऐसी बातें जो लगभग हर कोई जानता हैं, लेकिन कोई भी इन सभी बातों पर अमल नहीं करना चाहता हैं। अगर दुनिया का हर व्यक्ति इन सभी बातों पर अमल करने लगे तो दुनिया स्वर्ग बन जाएगी। संसार से क्लेश, घृणा, दुःख, दर्द सभी कुछ समाप्त हो जायेंगे।

क्षमा बड़न को शोभत, छोटन को उत्पाद

साईं बाबा कभी किसी को दुश्मन नहीं मानते थे। यहाँ तक शिर्डी में जब कुछ पंडितो ने उनका विरोध किया तो साईं बाबा ने उन्हें भी माफ़ कर दिया। कभी भी किसी से वाद-विवाद नहीं किया। किसी के अपराध को क्षमा कर देना बड़प्पन की निशानी माना जाता हैं। ज्यादातर लोग छोटी-छोटे गलतियों को नज़रंदाज़ नहीं करते हैं, जिसके कारण वह वाद-विवाद में पड़ कर अपना समय नष्ट करते हैं। कई लोग अपनी झूठी शान के चलते छोटी-छोटी बातों का बतंगड़ बना देते हैं। अगर लोग छोटी-छोटी गलतियों को नज़रंदाज़ करना शुरू कर दे, तो उनका जीवन काफी ज्यादा शांतिमय बन जायेगा।

कर मदद हो भला

ऐसा कहा जाता हैं की साईं बाबा के पास उनके गुरु का दिया हुआ एक बटुआ था। जो भी व्यक्ति साईं बाबा से मदद मांगने के लिए आता था, साईं बाबा उस बटुए से सोने के सिक्के निकाल कर दे देते थे। उनका बटुआ कभी भी खाली नहीं हो पाता था, और उनके दरबार में कभी कोई फरयादी खाली हाथ नहीं लौटा। यहाँ तक की अंग्रेजों ने भी उनके पर्स की जांच के आर्डर दे दिए। साईं बाबा की शिक्षा की बात करे तो वह कहते थे की मदद से ही दुनिया चलती हैं। अगर सभी लोग एक दुसरे की मदद करते रहे तो समाज कल्याणकारी रूप से आगे बढ़ता रहेगा। अगर कोई चीज़ संचय करके रखेंगे तो इससे दुःख बढ़ना शुरू हो जाता हैं। इसलिए अपनी जरूरत के जितना ही उपयोग करे और बाकी जरूरतमन्दो में बाँट दे। ताकि दुनिया में कोई भी बिना कपड़ों के न रहे, कोई भी ठंड से न मरे, कोई भी भूखा न सोये।








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